जानें क्यों कर रहे बैंक हड़ताल? कल से 3 दिन तक 7.5 लाख कर्मचारी रहेंगे हड़ताल पर
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- रविवार आमतौर पर बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों के लिए छुट्टी का दिन होता है, लेकिन इस बार तस्वीर अलग है।
- आज सरकारी बैंक खुले हैं और ग्राहकों को अपने जरूरी बैंकिंग काम निपटाने का मौका मिल रहा है।
- इसकी वजह यह है कि सोमवार से बुधवार तक बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा।
- ऐसे में जिन ग्राहकों के बैंक से जुड़े जरूरी काम बाकी हैं, उनके लिए रविवार अहम दिन बन गया है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
10 साल बाद रविवार को खुले बैंक
👉सरकारी बैंकों का रविवार को खुलना अपने आप में एक असामान्य स्थिति है। इससे पहले ऐसा मौका वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान आया था। तब 14 नवंबर को रविवार के दिन भी बैंक खोले गए थे।
उस समय 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बदलने, उन्हें बैंक खातों में जमा करने और नकदी निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंकों के बाहर पहुंच रहे थे। ग्राहकों की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने रविवार को भी बैंकिंग सेवाएं जारी रखने का फैसला किया था।
सोमवार से बुधवार तक बैंकिंग सेवाओं पर असर
👉बैंक कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार से बुधवार तक प्रस्तावित है। इस हड़ताल में देश की सात प्रमुख बैंक यूनियनें शामिल होंगी। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं।
यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों की संख्या करीब 90% से ज्यादा बताई जा रही है। कुल मिलाकर लगभग 7.5 लाख बैंक कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की बात कही गई है। इसका सीधा असर सरकारी बैंकों की शाखाओं में होने वाले सामान्य कामकाज पर पड़ सकता है।
5-डे वर्किंग की मांग को लेकर जारी है विवाद
👉बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन साप्ताहिक अवकाश की मांग कर रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि जब तक सरकार पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह यानी 5-Day Banking लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।हड़ताल को टालने के लिए वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की ओर से अपील की गई थी। हालांकि, बैंक यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया।
सरकार का कहना है- 5-डे वर्किंग का कोई पक्का वादा नहीं
👉हड़ताल से ठीक पहले सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स में सरकार के रुख को लेकर दावा किया गया है कि बैंक कर्मचारियों के लिए 5-डे वर्किंग लागू करने का सरकार ने कभी औपचारिक वादा नहीं किया था। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने कहा कि यह मांग कर्मचारी यूनियनों की ओर से उठाई गई थी और सैलरी रिवीजन से जुड़ी बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बनी थी। इस वजह से पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर कर्मचारी यूनियनों और सरकार के बीच मतभेद बना हुआ है।
ATM से पैसे निकालने पर क्या कोई अतिरिक्त चार्ज लगेगा?
👉बैंक शाखाओं के बंद रहने के दौरान ग्राहकों के लिए ATM सेवाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, SBI और PNB समेत सरकारी बैंकों के ATM से कैश निकालने पर मंथली फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट पार होने के बाद भी इस हड़ताल के कारण कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगाया जाएगा। RBI के मौजूदा नियमों के तहत ग्राहक अपने बैंक के ATM से हर महीने 5 बार तक मुफ्त कैश निकासी कर सकते हैं। वहीं दूसरे बैंक के ATM से मेट्रो शहरों में महीने में 3 और गैर-मेट्रो या छोटे शहरों में 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा है। इस सीमा के बाद ATM से प्रत्येक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर ₹23 और GST का शुल्क लागू होता है।
ATM इस्तेमाल करने पर बैंकों के बीच भी होती है फीस
👉जब ग्राहक किसी दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करता है, तो संबंधित बैंक के बीच इंटरचेंज फीस का भुगतान भी होता है। उपलब्ध नियमों के मुताबिक कैश निकालने के ट्रांजेक्शन पर बैंक एक-दूसरे को ₹19 और बैलेंस चेक करने जैसे गैर-कैश ट्रांजेक्शन पर ₹7 की फीस देते हैं। इसलिए बैंक शाखाएं बंद होने की स्थिति में ATM ग्राहकों के लिए नकदी जरूरतों को पूरा करने का प्रमुख माध्यम बने रहेंगे।
PLI के नियमों पर भी बैंक यूनियनों और सरकार में मतभेद
👉बैंक कर्मचारियों की मांग केवल 5-डे वर्किंग तक सीमित नहीं है। परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI के नियमों को लेकर भी बैंक यूनियनें और सरकार आमने-सामने हैं। सरकार ने बड़े अधिकारियों, यानी स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए PLI से जुड़ा नया नियम लागू किया है। इसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को अधिकतम 365 दिनों की बेसिक सैलरी के बराबर इंसेंटिव या बोनस मिलने की व्यवस्था हो सकती है। बैंक कर्मचारी यूनियनें इस व्यवस्था का भी विरोध कर रही हैं।
ग्राहकों के लिए आज का दिन क्यों अहम?
👉सोमवार से बुधवार तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल के कारण शाखाओं में नियमित बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में चेक जमा करने, कैश संबंधी काम, बैंक शाखा से जुड़े दस्तावेजी कार्य या अन्य जरूरी काम जिन ग्राहकों के लंबित हैं, वे रविवार को खुले बैंक का लाभ उठा सकते हैं। वहीं डिजिटल बैंकिंग, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सेवाएं शाखा बंद रहने की स्थिति में भी ग्राहकों के लिए उपयोगी रहेंगी। हालांकि, किसी भी सेवा की उपलब्धता बैंक और तकनीकी परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

