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अस्पताल में रिश्तेदार को फोन करने के बहाने लिया मोबाइल, खाते से उड़ाए ₹1.48 लाख; आरोपी गिरफ्तार!

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में मरीज के परिजन की मदद करने के बहाने एक युवक ने ऐसा भरोसा जीता कि कुछ ही देर में वही मोबाइल उसके लिए बड़ी ठगी का जरिया बन गया
  • रिश्तेदार को फोन करने के नाम पर लिया गया मोबाइल आरोपी अपने साथ ले गया और उसके जरिए बैंक खाते से ₹1,48,301 की धोखाधड़ी कर दी।
  • शिकायत के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
  • पुलिस ने उसके कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई सामग्री और नकदी समेत ₹55,700 का सामान बरामद किया है।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

अस्पताल में मदद के बहाने मांगा मोबाइल

👉मामला शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग का है। ग्राम महमरा निवासी कुलेश्वर निषाद (35 वर्ष) के पिता का अस्पताल में उपचार चल रहा था और वह उनकी देखभाल के लिए अस्पताल में मौजूद थे।

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इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने कुलेश्वर निषाद से रिश्तेदार को फोन करने की बात कहते हुए उनका मोबाइल फोन मांगा। अस्पताल में मौजूद व्यक्ति द्वारा मदद के उद्देश्य से मोबाइल सौंप दिया गया। आरोपी मोबाइल लेकर वहां से चला गया।

बाद में जब मोबाइल का दुरुपयोग कर बैंक खाते से बड़ी रकम की धोखाधड़ी होने की जानकारी सामने आई तो पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

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बैंक खाते से ₹1,48,301 की धोखाधड़ी

👉पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 482/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस के सामने चुनौती यह थी कि आरोपी मोबाइल लेकर मौके से फरार हो चुका था। ऐसे में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाने की कार्रवाई शुरू की।


तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस

👉विवेचना के दौरान सिटी कोतवाली पुलिस ने उपलब्ध तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कमलजीत बांदे उर्फ कमल (29 वर्ष) निवासी ग्राम तमोरा, थाना रानचिरई, जिला बालोद बताया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने मोबाइल के माध्यम से बैंक खाते से रकम की धोखाधड़ी करना स्वीकार किया।


ठगी की रकम से खरीदा मंगलसूत्र, मोबाइल और अन्य सामान

👉पुलिस ने आरोपी की निशानदेही और कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई विभिन्न सामग्री तथा नकद राशि बरामद की। बरामद सामान में सोने का मंगलसूत्र, घड़ी, पॉवर बैंक, मोबाइल फोन और ₹20,200 नगद शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत ₹55,700 है।

पुलिस द्वारा बरामद सामग्री

  • सोने का मंगलसूत्र — अनुमानित कीमत ₹17,000
  • घड़ी — अनुमानित कीमत ₹1,000
  • पॉवर बैंक — अनुमानित कीमत ₹1,000
  • मोबाइल फोन — अनुमानित कीमत ₹16,500
  • नकद राशि — ₹20,200

आरोपी का अपराध करने का तरीका क्या था?

👉आरोपी अस्पताल में मरीज के परिजनों को विश्वास में लेकर उनसे रिश्तेदार को फोन करने के बहाने मोबाइल प्राप्त किया। मोबाइल अपने कब्जे में लेने के बाद उसके माध्यम से बैंक खाते से रकम की धोखाधड़ी की गई।

इसके बाद प्राप्त रकम का इस्तेमाल विभिन्न सामान खरीदने में किया गया। इस तरह अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर लोगों की मदद और भरोसे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।


आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं प्रकरण

👉पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई ICJS अभिलेख संबंधी जानकारी के अनुसार, आरोपी के नाम से पूर्व में भी दो प्रकरण दर्ज एवं चालान प्रस्तुत होना दर्शित है।

  1. अपराध क्रमांक 218/2020, थाना उतई — धारा 13 जुआ अधिनियम, चालान दिनांक 22.05.2026।
  2. अपराध क्रमांक 549/2024, थाना सिटी कोतवाली दुर्ग — धारा 305(बी) बीएनएस, चालान दिनांक 13.10.2025।

आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया

👉पुलिस ने आरोपी कमलजीत बांदे उर्फ कमल को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमाण्ड के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।


मोबाइल फोन देना पड़ सकता है भारी, दुर्ग पुलिस ने किया अलर्ट

👉इस घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी अपरिचित व्यक्ति को किसी भी बहाने से अपना मोबाइल फोन नहीं देना चाहिए।

आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं है, बल्कि उसमें Banking Apps, UPI, OTP, ई-मेल और अन्य वित्तीय जानकारी जुड़ी हो सकती है। ऐसे में मोबाइल किसी गलत व्यक्ति के हाथ लगने पर आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।

दुर्ग पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन या बैंकिंग धोखाधड़ी होती है तो वह तत्काल अपने बैंक और पुलिस को सूचना दे, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।


पुलिस टीम की कार्रवाई

👉पूरे मामले में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस टीम ने प्रकरण की विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण, आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी तथा ठगी की रकम से संबंधित सामग्री की बरामदगी के लिए प्रभावी कार्रवाई की।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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