महिला बैंक मैनेजर से 4.99 लाख की ठगी… पहले 2 करोड़ की FD का दिया झांसा, फिर ऐसे ठगा!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- रायपुर में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां जालसाज ने एक महिला बैंक मैनेजर को ही अपने जाल में फंसा लिया।
- आरोपी ने खुद को कार कंपनी का संचालक बताकर पहले करीब 2 करोड़ रुपये की FD कराने की इच्छा जताई और बैंक मैनेजर का भरोसा जीता।
- इसके बाद मेडिकल भुगतान के नाम पर फर्जी ई-मेल से 4.99 लाख रुपये RTGS करा लिए।
- रकम ट्रांसफर होने के करीब 40 मिनट बाद जब असली कंपनी ने भुगतान से इनकार किया, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
फोन कॉल से शुरू हुई ठगी की कहानी
👉मामला 20 अगस्त से शुरू हुआ। रायपुर की बैंक मैनेजर श्वेता शर्मा के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया। फोन रिसीव नहीं होने पर उसने मैसेज के जरिए संपर्क किया। बातचीत में आरोपी ने अपना नाम प्रशांत मंधान बताया और खुद को इंटारा कार कंपनी का संचालक बताया।
इसके अगले दिन यानी 21 अगस्त को आरोपी ने बैंक में करीब 2 करोड़ रुपये की FD कराने की इच्छा जताई। बैंक मैनेजर ने उसे 6.45 प्रतिशत ब्याज दर की जानकारी दी। इसके बाद आरोपी ने बैंक आकर FD की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही। इसी बातचीत के जरिए उसने बैंक मैनेजर का भरोसा हासिल कर लिया।
2 करोड़ की FD के भरोसे के बाद मांगे 4.99 लाख
👉24 अगस्त को आरोपी ने दोबारा बैंक मैनेजर से संपर्क किया। इस बार उसने बताया कि उसकी चेकबुक खत्म हो गई है और मेडिकल भुगतान के लिए उसे तत्काल रकम की जरूरत है। आरोपी ने 4 लाख 99 हजार रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। बैंक मैनेजर के कहने पर आरोपी ने फर्जी ई-मेल आईडी से भुगतान संबंधी आवेदन भेज दिया। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और हस्ताक्षर भी भेजे गए। बैंक मैनेजर ने रिकॉर्ड में मौजूद हस्ताक्षर और दस्तावेजों का मिलान किया, जिसके बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
मुंबई के कुर्ला खाते में ट्रांसफर हुए 4.99 लाख
👉दस्तावेजों और हस्ताक्षरों के मिलान के बाद बैंक मैनेजर ने दोपहर करीब 1:20 बजे 4 लाख 99 हजार रुपये मुंबई के कुर्ला स्थित केनरा बैंक के खाते में RTGS के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य नजर आया।
40 मिनट बाद कंपनी के फोन से खुला पूरा राज
👉रकम ट्रांसफर होने के करीब 40 मिनट बाद संबंधित कार कंपनी के वास्तविक मैनेजर ने बैंक से संपर्क किया। कंपनी की ओर से स्पष्ट किया गया कि उनकी तरफ से ऐसा कोई भुगतान आवेदन नहीं भेजा गया है। इसके बाद बैंक मैनेजर को समझ आया कि उनके साथ साइबर ठगी की गई है। इसके बाद कंपनी के रिकॉर्ड की जांच की गई तो आरोपी द्वारा इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी कंपनी के रिकॉर्ड में नहीं मिली। यानी जालसाज ने कंपनी की पहचान का इस्तेमाल करते हुए बैंक मैनेजर को भरोसे में लिया और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम ट्रांसफर करा ली।
तेलीबांधा थाने में दर्ज हुई शिकायत
👉ठगी का पता चलने के बाद बैंक मैनेजर श्वेता शर्मा ने रायपुर के तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस अब उस बैंक खाते से जुड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है, जिसमें 4.99 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके साथ ही आरोपी के मोबाइल नंबर, फर्जी ई-मेल आईडी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
बड़े कारोबार का भरोसा बनाकर रचा ठगी का जाल
👉इस पूरे मामले में ठगी का तरीका बेहद महत्वपूर्ण है। आरोपी ने सीधे पैसे मांगने के बजाय पहले करीब 2 करोड़ रुपये की FD कराने की बात कहकर बैंक मैनेजर के सामने खुद को बड़ा कारोबारी बताया। जब भरोसा कायम हो गया, तब मेडिकल भुगतान जैसी आपात स्थिति का हवाला देकर तत्काल 4.99 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग अब केवल आम लोगों को ही नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े अनुभवी लोगों को भी भरोसे, फर्जी दस्तावेज और ई-मेल के जरिए निशाना बना रहे हैं। फिलहाल तेलीबांधा पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अगली खबर पढ़े 👉 सेवानिवृत्त BSP कर्मचारी से ₹45.18 लाख की साइबर ठगी, बैतूल से आरोपी गिरफ्तार!
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


Really impressed with how organized everything feels on this site. VIP perks stack up nicely and the monthly tournaments keep things exciting. Support team speaks my language and helped me set up my preferred payment method in no time. vnskinclub
I’m really enjoying the variety of themes on ph666jili. It is a fun place to unwind after work and try my luck. The graphics are sharp and the gameplay is fluid.