यूनियन चुनाव के बाद छुट्टियों को तर्कसंगत करेगा बीएसपी प्रबंधन, BAKS से त्रिपक्षीय समझौता
– DIGITAL BHILAI NEWS –
“रायपुर में क्षेत्रीय श्रमायुक्त (कें.) की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय बैठक में BAKS और BSP प्रबंधन के बीच लिखित सहमति, 90 दिनों में छुट्टी नीति का तुलनात्मक अध्ययन करेगा प्रबंधन”
- भिलाई स्टील प्लांट में गैर-कार्यपालक कर्मचारियों की छुट्टियों और अवकाशों में कथित असमानता का मुद्दा अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है।
- 24 अगस्त 2026 को रायपुर में क्षेत्रीय श्रमायुक्त (कें.) श्री अखिलेश राय की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय बैठक में बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) और भिलाई स्टील प्लांट, सेल प्रबंधन के बीच लिखित समझौता हुआ।
- समझौते के अनुसार यूनियन चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गठित नेगोशिएटिंग यूनियन/नेगोशिएटिंग काउंसिल के साथ चर्चा कर मौजूदा छुट्टी प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
24 अगस्त को रायपुर में हुई त्रिपक्षीय बैठक
👉औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 53(3) के तहत 24.08.2026 को रायपुर में आयोजित बैठक में बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) और भिलाई स्टील प्लांट, सेल प्रबंधन के बीच औद्योगिक विवाद को लेकर समझौता हुआ। बैठक में बीएसपी प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ प्रबंधक-मानव संसाधन (HR) नियम श्री निवेश विजयन ने प्रतिनिधित्व किया, जबकि यूनियन की ओर से कोषाध्यक्ष श्री नवीन कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा।BAKS ने 10.12.2025 को समाधान पोर्टल के माध्यम से बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ सेल की विभिन्न इकाइयों में छुट्टियों और अवकाशों में कथित असमानता को लेकर औद्योगिक विवाद दर्ज कराया था।
छुट्टियों में असमानता का उठाया गया मुद्दा
👉यूनियन का आरोप था कि सेल में काम करने वाले गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियों में असमानता है। यूनियन के अनुसार मानव संसाधन विभाग के समक्ष प्रतिवेदन देने के बावजूद इन विसंगतियों का समाधान नहीं किया गया।
BAKS ने कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच छुट्टियों के अंतर के साथ-साथ सेल के सीएमओ यूनिट, सेल की अन्य इकाइयों और भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियों में अंतर का मुद्दा उठाया।
यूनियन ने बंद छुट्टियों में अंतर का भी मुद्दा उठाया। उसके अनुसार बीएसपी/सेल की सभी इकाइयों में अधिकारियों को एक समान बंद छुट्टियां मिलती हैं, जबकि गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को अलग-अलग इकाइयों में अलग-अलग छुट्टियां दी जा रही हैं। यूनियन ने यह भी कहा कि सेल अधिकारियों को 06 बंद छुट्टियां मिलती हैं, जबकि गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को 01 बंद छुट्टी दी जाती है।
15 CL और 30 EL बनाम 07 CL और 24 EL का मामला
👉BAKS ने बैठक में प्रस्तुत किया कि दिसंबर 1985 में नियुक्त गैर-कार्यपालक कर्मचारी 15 दिन आकस्मिक अवकाश (CL) और 30 दिन अर्जित अवकाश (EL) का लाभ उठा रहे हैं, जबकि अन्य गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को 07 दिन CL और 24 दिन EL दिया जा रहा है।
क्षेत्रीय श्रमायुक्त ने प्रबंधन से इस अंतर के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। यूनियन के अनुसार प्रबंधन द्वारा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया।
कार्यवाही के दौरान प्रबंधन ने अपना लिखित प्रस्तुतिकरण भी दिया। इसके बाद कई दिनों तक विस्तृत विचार-विमर्श चला, जिसके पश्चात औद्योगिक विवाद के दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी।
प्रबंधन करेगा छुट्टी प्रावधानों का युक्तिकरण
👉बैठक में प्रबंधन ने बताया कि उसने सेल की अन्य सहयोगी इकाइयों से संपर्क कर संबंधित इकाइयों के स्थायी आदेशों से शासित गैर-कार्यपालकों पर लागू आकस्मिक अवकाश (CL), अर्जित अवकाश, त्योहार अवकाश और अन्य सभी अवकाशों की पात्रता से संबंधित जानकारी जुटाई है। प्रबंधन ने यह भी प्रस्तुत किया कि वह अवकाश के युक्तिकरण पर काम कर रहा है और इस संबंध में आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है।
समझौते की प्रमुख शर्तें
👉त्रिपक्षीय समझौते में छुट्टी व्यवस्था को लेकर तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है।
पहली शर्त: इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020 के तहत ट्रेड यूनियनों की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन विधिवत गठित नेगोशिएटिंग यूनियन/नेगोशिएटिंग काउंसिल के साथ उचित परामर्श करेगा और मौजूदा छुट्टी प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करेगा।
दूसरी शर्त: भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन इस मामले की आगे जांच करने और लागू फ्रेमवर्क के अनुसार आपसी रूप से स्वीकार्य समाधान तलाशने के लिए तैयार है।
तीसरी शर्त: प्रबंधन इसी तरह के उद्योगों में लागू छुट्टी और अवकाश नीति का तुलनात्मक अध्ययन करेगा। यह अध्ययन 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। यूनियन भी इस संबंध में उपलब्ध जानकारी साझा करने पर सहमत हुई है। अध्ययन के निष्कर्ष नेगोशिएटिंग यूनियन/काउंसिल के साथ साझा किए जाएंगे।
सेल अधिकारी और बीएसपी कर्मचारियों की छुट्टियों में अंतर
👉यूनियन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार सेल अधिकारियों और बीएसपी गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के बीच छुट्टियों में निम्न अंतर बताया गया है:
| छुट्टी | सेल अधिकारी | बीएसपी कर्मचारी |
|---|---|---|
| सीएल | 15 | 07 |
| एफएल/RH | 07 | 05 |
| विशेष त्योहार | 07 | 01 |
| ईएल | 30 | 24 |
यूनियन ने इन अंतर को समानता के आधार पर दूर करने की मांग रखी है।
आधे CL के मुद्दे पर भी जल्द आदेश का भरोसा
👉यूनियन ने अधिकारी और कर्मचारी के बीच आधे CL लेने के मुद्दे पर भी भेदभाव का सवाल उठाया। बैठक में प्रबंधन की ओर से भरोसा दिलाया गया कि आधे CL के मुद्दे पर शीघ्र ही आदेश जारी होने वाला है।
बैठक में BAKS के पदाधिकारियों ने रखा पक्ष
👉बैठक में यूनियन की ओर से कोषाध्यक्ष नवीन कुमार मिश्रा, प्रवीण कुमार, अजय रत्न, विजय बहादुर सिंह और कृतजा बल्ली ने भाग लिया। यूनियन का कहना है कि छुट्टियों से जुड़ी विसंगतियों का समाधान कर्मचारियों के हित में समान और तार्किक व्यवस्था के आधार पर होना चाहिए।
नवीन कुमार मिश्रा ने प्रबंधन पर साधा निशाना
👉BAKS के कोषाध्यक्ष नवीन कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रबंधन द्वारा काम कराने और ट्रांसफर करने के लिए गैर-कार्यपालक कर्मचारी सेल कर्मचारी बन जाते हैं, वहीं सुविधा और छुट्टी देने के मामले में उन्हें बीएसपी कर्मचारी बना दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि सभी सेल अधिकारी CDA Rules के नाम पर कर्मचारियों से दुगुनी छुट्टी लेंगे, जबकि कर्मचारियों को 1970 के दशक में बनाए गए Standing Orders दिखाकर भ्रमित किया जाएगा। उन्होंने छुट्टी के मुद्दे पर पूर्व की रिकॉगनाइज्ड यूनियनों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने इस विषय पर कुछ नहीं किया।
— नवीन कुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष, बीएकेएस
अब नजर यूनियन चुनाव और 90 दिन की समयसीमा पर
👉इस लिखित समझौते के बाद छुट्टियों से जुड़ी व्यवस्था में संभावित बदलाव की अगली महत्वपूर्ण कड़ी बीएसपी में होने वाली यूनियन चुनाव प्रक्रिया होगी। चुनाव के बाद गठित नेगोशिएटिंग यूनियन/काउंसिल के साथ प्रबंधन को छुट्टी प्रावधानों के युक्तिकरण पर चर्चा करनी होगी। साथ ही, इसी तरह के उद्योगों की छुट्टी नीतियों का तुलनात्मक अध्ययन 90 दिनों के भीतर पूरा करने की सहमति बनी है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह मुद्दा बीएसपी के गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

