दुर्ग में बाल संरक्षण संस्थानों का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, बिहार से लाए गए 5 बच्चों के मामले में कार्रवाई के निर्देश
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- दुर्ग जिले में संचालित बाल संरक्षण संस्थानों के निरीक्षण के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें बिहार से पांच बच्चों को काम कराने के लिए लाए जाने की जानकारी मिली।
- इस पर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित ठेकेदार और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
- निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी विस्तार से जायजा लिया।
- आइए विस्तार से जानते हैं
शासकीय बालगृह में बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं का लिया जायजा
👉सोमवार को कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न बाल संरक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने शासकीय बालगृह, बाल खुला आश्रय गृह, सेवा भारती मातृछाया बोरसी, सम्प्रेक्षण गृह पुलगांव तथा प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का दौरा किया।सबसे पहले कलेक्टर शासकीय बालगृह पहुंचे, जहां वर्तमान में 16 बच्चे निवासरत हैं। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, दिनचर्या और खान-पान की जानकारी ली। बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करने के लिए उन्होंने गणित के सवाल भी पूछे। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे का उसकी आयु के अनुसार विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा सभी को आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
बिहार से लाए गए 5 बच्चों के मामले में कार्रवाई के निर्देश
👉निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बाल खुला आश्रय गृह भी पहुंचे, जहां सात बच्चे रह रहे हैं। इसी दौरान जानकारी मिली कि इनमें से पांच बच्चों को बिहार से एक ठेकेदार फैक्ट्री में काम कराने के उद्देश्य से लाया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संबंधित ठेकेदार और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ बाल संरक्षण कानूनों के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी बच्चों की नियमित काउंसलिंग कराने और उनके प्रभावी पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
मातृछाया बोरसी में नवजात बच्चों की देखभाल का किया निरीक्षण
👉कलेक्टर ने सेवा भारती मातृछाया बोरसी का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने नवजात और छोटे बच्चों की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और देखभाल की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
सम्प्रेक्षण गृह और प्लेस ऑफ सेफ्टी में व्यवस्थाओं की समीक्षा
👉पुलगांव स्थित सम्प्रेक्षण गृह में कलेक्टर ने वहां रह रहे 38 किशोरों से बातचीत कर भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किशोरों के व्यक्तित्व विकास, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके बाद उन्होंने पुलगांव स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का भी निरीक्षण किया, जहां 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के गंभीर अपराधों में संलिप्त किशोरों को रखा जाता है। इस दौरान उन्होंने स्टॉक पंजी सहित अन्य अभिलेखों का निरीक्षण किया और रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित संधारण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
👉निरीक्षण के दौरान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी आर.के. जाम्बुलकर, परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

