स्वदेशी मेले का तीसरा दिन: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, सिंधी समाज ने विभाजन की पीड़ा को मंच पर किया जीवंत

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • भिलाई। जयन्ती स्टेडियम मैदान में चल रहे स्वदेशी मेले के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
  • विभिन्न समाजों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति की झलक पेश करते हुए कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
  • आइए विस्तार से जानते हैं इस खबर को👇

सिंधी समाज की भावुक प्रस्तुति

👉कार्यक्रम के दौरान दुर्ग-भिलाई के सिंधी समाज द्वारा विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस प्रस्तुति में कलाकारों ने भारत विभाजन के समय सिंध छोड़ने की पीड़ा और संघर्ष को भावनात्मक नाट्य और नृत्य के माध्यम से मंच पर सजीव कर दिया। कलाकारों की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और इतिहास की उस दर्दनाक घटना की याद दिला दी, जब लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा था। इसके साथ ही भगवान झूलेलाल साईं की आराधना में भक्तिभाव से भरपूर नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।


उत्कल समाज की पारंपरिक प्रस्तुति

👉सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में उत्कल समाज के कलाकारों ने भी पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। रंग-बिरंगे परिधानों और लोकधुनों पर आधारित इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। विभिन्न समाजों की सांस्कृतिक झलक ने मेले में एकता और विविधता का सुंदर संदेश भी दिया।


सिंधी व्यंजन ‘दाल पकवान’ का विशेष आकर्षण

👉मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्वदेशी व्यंजनों का भी खास आकर्षण देखने को मिला। सिंधी समाज द्वारा लगाए गए पारंपरिक व्यंजन दाल पकवान के स्टॉल पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आगंतुकों ने बड़े चाव से इस व्यंजन का स्वाद लिया।

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प्रतियोगिताओं में दिखा प्रतिभागियों का उत्साह

👉स्वदेशी मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इनमें बेस्ट ऑफ वेस्ट, रंग भरो प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता और थाली सजाओ प्रतियोगिता शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।


मेले में उमड़ा जनसैलाब, स्वदेशी उत्पादों की हुई जमकर खरीदी

👉भिलाई में आयोजित स्वदेशी जागरण मंच के इस मेले में तीसरे दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह से ही शहरवासियों का उत्साह देखने लायक था। परिवार सहित लोग मेले में पहुंचे और स्वदेशी उत्पादों की जमकर खरीदी की। मेले में देशभर से आए करीब 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कपड़े, हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, जैविक उत्पाद, खाद्य सामग्री और कई प्रकार के स्वदेशी सामान उपलब्ध हैं। इसके साथ ही स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।


मनोरंजन और संस्कृति का संगम

👉मेले में खरीदारी के साथ-साथ मनोरंजन की भी विशेष व्यवस्था की गई है। बच्चों और परिवारों के लिए झूले, फूड जोन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं की झलक भी मेले में देखने को मिल रही है, जिससे आगंतुक विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं।


स्वदेशी को बढ़ावा देने का उद्देश्य

👉आयोजकों के अनुसार इस मेले का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करना है। बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता यह दर्शाती है कि लोगों में स्वदेशी के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। आयोजकों ने भिलाई और आसपास के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भागीदारी निभाने की अपील की है।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज 

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