इंटक भिलाई यूनियन के द्वारा हस्ताक्षरित प्रमोशन पॉलिसी से फिर लगा कर्मचारियों को नए वर्ष 2026 में झटका
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- नववर्ष 2026 की शुरुआत भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के लिए राहत नहीं, बल्कि एक और पीड़ा लेकर आई है।
- तात्कालिक इंटक भिलाई यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा कर्मचारी-विरोधी मानी जा रही नॉन एग्जीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी (NEPP) पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद, कर्मचारियों में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है।
- कर्मचारियों का कहना है कि यह वही प्रमोशन पॉलिसी है, जो हर वर्ष किसी न किसी रूप में उनकी तरक्की, सम्मान और भविष्य की संभावनाओं पर चोट करती रही है।
- वर्ष 2026 में भी इस समझौते ने कर्मचारियों की समस्याओं को और गंभीर बना दिया है।
- आइए विस्तार से प्रकाश डालते है इस विषय में👇
LOP समाप्त कर सिंगल लाइन लागू, विभागीय पहचान खत्म..
👉इस प्रमोशन पॉलिसी का सबसे बड़ा और पीड़ादायक प्रावधान यह है कि पहले जहां हर विभाग के लिए अलग-अलग लाइन ऑफ प्रमोशन (LOP) हुआ करती थी, अब उन्हें समाप्त कर पूरे संयंत्र एवं नॉन-वर्क्स एरिया के लिए सिंगल लाइन LOP लागू कर दी गई है।
👉पूर्व में वेल्डर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, रिगर, ऑफिशियल स्टाफ एवं नॉन-वर्क एरिया के कर्मचारियों के लिए उनके कार्य की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग, सम्मानजनक पदों तक पदोन्नति का स्पष्ट मार्ग था।
👉अब इन सभी को एक ही लाइन में समाहित कर देने से कर्मचारियों की विशेषज्ञता, अनुभव और पहचान को गंभीर क्षति पहुंची है।
D-क्लस्टर (जूनियर इंजीनियर) में प्रमोशन लगभग ठप!
👉NEPP प्रमोशन पॉलिसी के तहत D-क्लस्टर (जूनियर इंजीनियर) में पदोन्नति की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है।
👉इस नीति के अनुसार किसी भी विभाग के कुल मैनपावर का केवल 18 प्रतिशत ही D-क्लस्टर में प्रमोशन पा सकता है।
👉जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि लगातार सेवानिवृत्तियों के कारण विभागों में मैनपावर लगातार घटता जा रहा है। ऐसे में घटते हुए मैनपावर का मात्र 18 प्रतिशत ही प्रमोशन के दायरे में आना, अधिकांश कर्मचारियों के लिए पदोन्नति को लगभग असंभव बना देता है।
तीन बार ‘B’ ग्रेड मिलने पर प्रमोशन से स्थायी वंचना…
👉इस प्रमोशन पॉलिसी का एक और विवादास्पद प्रावधान यह है कि यदि किसी कर्मचारी को तीन बार “B” ग्रेड मिल जाता है, तो वह न केवल प्रमोशन से बल्कि आगे के पदनाम से भी वंचित हो जाता है।
👉कर्मचारियों का कहना है कि ऐसा प्रावधान पहले कभी नहीं था और यह कर्मचारियों के करियर पर स्थायी नकारात्मक प्रभाव डालने वाला है। यह नियम कर्मचारियों में भय और मानसिक दबाव की स्थिति पैदा कर रहा है।
कई सम्मानजनक पदनाम समाप्त!
👉NEPP प्रमोशन पॉलिसी के लागू होते ही संयंत्र से कई लोकप्रिय और सम्मानजनक पदनाम समाप्त कर दिए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- चार्ज मैन
- यार्ड मास्टर
- सीनियर यार्ड मास्टर
- कमर्शियल स्टाफ
- स्टोर कीपर
- कंट्रोलर
- पर्सनल ऑफिस – नॉन-वर्क्स एरिया के अन्य सम्मानजनक पद
👉इन पदों के समाप्त होने से कर्मचारियों के सम्मान, पहचान और कार्य-गौरव को गहरा आघात पहुंचा है।
माइंस में लागू नहीं हुई NEPP, भेदभाव का आरोप!
👉यह तथ्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है कि यही नॉन एग्जीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी (NEPP) भिलाई इस्पात संयंत्र के तीनों माइंस — राजहरा, नंदिनी और हिर्री माइंस — में लागू नहीं की गई है।
👉वहां की कर्मचारी-हितैषी यूनियनों ने इस पॉलिसी को लागू करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके चलते वहां के कर्मचारियों को इस नीति के दुष्परिणामों से बचा लिया गया।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, पूर्व में इंटक भिलाई यूनियन द्वारा हस्ताक्षरित NEPP प्रमोशन पॉलिसी ने भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के लिए नया वर्ष 2026 में भी दुख, असंतोष और अनिश्चित भविष्य का संदेश लेकर आया है। कर्मचारी वर्ग इस नीति को अपने हितों के विरुद्ध बताते हुए इसके पुनर्विचार की मांग कर रहा है।
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रिपोर्ट: डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

