BHILAI नहीं बिकने देंगे: अनशन के बाद बैठक में BSP ने कुछ मांगें मानी, कुछ पर टकराव बरकरार; सेक्टर-9 हॉस्पिटल सुरक्षित, मैत्रीबाग राज्य सरकार को देने पर सहमति
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- पिछले पाँच दिनों से चल रहा विधायक देवेंद्र यादव का अनशन आखिरकार 24 दिसंबर की रात 9 बजे समाप्त हुआ।
- यह समापन भिलाई निवास में भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन और जिला प्रशासन के साथ हुई एक अहम बैठक के बाद संभव हो पाया।
- बैठक में कुछ मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी, जबकि कई अहम विषयों पर सहमति नहीं बन सकी, जिससे संकेत मिला कि आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
- आइए विस्तार से जानते है जनता के किस मुद्दे पर क्या निष्कर्ष निकला👇

अनशन का संदर्भ और बैठक की पृष्ठभूमि
👉भिलाई में BSP से जुड़े अस्पताल, स्कूल, मैत्रीबाग, रिटेंशन स्कीम, लीज और न्यूनतम वेतन जैसे विषयों को लेकर बीते दिनों से असंतोष बना हुआ था।
👉इन्हीं मांगों के समर्थन में Devendra Yadav ने सत्याग्रह शुरू किया था, जो सिविक सेंटर पार्किंग में जारी रहा।
👉अनशन के पाँचवें दिन हुई बैठक में BSP प्रबंधन, जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विस्तार से चर्चा की।
सेक्टर-9 हॉस्पिटल पर स्पष्ट फैसला
👉बैठक का सबसे बड़ा और स्पष्ट परिणाम यह रहा कि सेक्टर-9 हॉस्पिटल न तो बेचा जाएगा और न ही किसी को लीज पर दिया जाएगा।
👉इसके साथ ही वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी तरह की कटौती नहीं होगी—यह आश्वासन भी दिया गया।
👉इसके अतिरिक्त, हॉस्पिटल की जो यूनिट्स फिलहाल संचालित नहीं हैं, उनके लिए बाहरी सुविधाओं से अस्थायी जोड़ बनाने की बात कही गई, ताकि मरीजों को रेफर करने की नौबत न आए। विधायक ने मंच से दोहराया कि सेक्टर-9 हॉस्पिटल हमारा है और अंत तक रहेगा।

मैत्रीबाग पर सहमति, निजीकरण से इनकार
👉मैत्रीबाग को लेकर भी बैठक में अहम संकेत मिले। साफ किया गया कि मैत्रीबाग किसी निजी संस्था को नहीं दिया जाएगा।
👉यदि आवश्यकता पड़ी तो छत्तीसगढ़ सरकार को सौंपने पर सहमति है। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार हमारी है, इसलिए यह विकल्प स्वीकार्य है।
BSP स्कूलों पर मतभेद
👉BSP स्कूलों के भविष्य को लेकर मतभेद बने रहे। प्रबंधन की ओर से किसी संस्था को संचालन देने की बात सामने आई, लेकिन विधायक ने राज्य सरकार को शामिल किए बिना आगे बढ़ने पर असहमति जताई।
👉साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि BSP कर्मचारियों को जो सुविधाएं मिलती हैं, वे आगे भी जारी रहनी चाहिए—इस बिंदु पर सहमति नहीं बन सकी।
रिटेंशन स्कीम: सबसे बड़ा टकराव
👉रिटेंशन स्कीम पर बैठक में कोई समाधान नहीं निकल पाया। विधायक का स्पष्ट रुख रहा कि एक भी रिटायर्ड परिवार को हटाया नहीं जाएगा और बढ़े हुए रेट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
👉उनका कहना था कि पुरानी दरें लागू होंगी तभी समर्थन मिलेगा, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। प्रबंधन अपनी शर्तों पर अड़ा रहा, जिससे यह मुद्दा लंबित रह गया।
आवास, शॉप और न्यूनतम वेतन
👉600 स्क्वायर फीट तक के आवास लाइसेंस पर देने पर BSP तैयार दिखा, लेकिन वर्तमान में जिन आवासों में लोग रह रहे हैं, वही देने की मांग रखी गई।
👉शॉप रजिस्ट्री पर बढ़े शुल्क को लेकर विरोध जारी रखने की घोषणा हुई। प्रबंधन ने बताया कि प्रस्ताव सेल कॉरपोरेट ऑफिस को भेजा गया है।
👉न्यूनतम वेतन के मुद्दे पर ट्रेड यूनियन नेताओं से चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय करने की बात कही गई। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो मेन गेट पर अनशन किया जाएगा।
अनशन का समापन और आगे की राह
👉लगभग दो घंटे चली बैठक के बाद विधायक ने मंच से जनता को संबोधित किया।
👉इसके पश्चात छोटी बच्ची के हाथों नारियल पानी पीकर उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।

👉सुरक्षा कारणों से भिलाई निवास को अस्थायी रूप से सील किया गया था और सीआईएसएफ की तैनाती रही।
👉बैठक के बाद विधायक ने AICC और PCC के वरिष्ठ नेताओं से फोन पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय करने की जानकारी दी।
👉साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भिलाई की जनता, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों से संवाद कर आगे का कदम उठाया जाएगा।
निष्कर्ष
👉इस बैठक ने सेक्टर-9 हॉस्पिटल और मैत्रीबाग जैसे मुद्दों पर राहत दी है, लेकिन रिटेंशन स्कीम, स्कूलों का संचालन, शॉप रजिस्ट्री और न्यूनतम वेतन पर टकराव बरकरार है। यानी, अनशन भले समाप्त हुआ हो, आंदोलन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
👉आने वाले दिनों में प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद से ही स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद की जा रही है।
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रिपोर्ट: डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

