ED (F&A) के साथ BSP वर्कर्स यूनियन की अहम बैठक, CPF, NPS, EPS, C&IT इंसेंटिव सहित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- ED (F&A), भिलाई इस्पात संयंत्र के साथ BSP वर्कर्स यूनियन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक सौहार्द्रपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई।
- बैठक का उद्देश्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़े वित्तीय, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा तथा सेवा शर्तों से संबंधित जटिल एवं लंबे समय से लंबित मुद्दों पर स्पष्ट, व्यावहारिक एवं कर्मचारी-हितैषी समाधान तलाशना रहा।
- बैठक में प्रत्येक विषय पर गंभीरता एवं विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
- आइए विस्तार से जानते है इस बैठक में रखे गए अहम मुद्दों को👇

UP सरकार के पास लंबित BSP कर्मचारियों की CPF राशि को वापस लाने का मुद्दा
👉बैठक में BSP कर्मचारियों की वह CPF राशि, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार के पास लंबित है, को शीघ्र वापस लाने हेतु सभी संभावित प्रशासनिक, कानूनी एवं नीतिगत विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई।
👉यूनियन का स्पष्ट मत है कि यह कर्मचारियों की वैध एवं अर्जित राशि है, जिसे किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
👉इस दिशा में यूनियन द्वारा यह प्रस्ताव रखा गया कि माननीय दुर्ग सांसद विजय बघेल के सहयोग से माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के साथ उच्च-स्तरीय संवाद स्थापित किया जाए, जिससे यह विषय शीघ्र एवं प्रभावी रूप से सुलझाया जा सके।
👉BSP वर्कर्स यूनियन ने आश्वस्त किया कि वह इस प्रक्रिया में प्रतिनिधित्व, समन्वय, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। यूनियन द्वारा माननीय सांसद महोदय से इस संबंध में निवेदन किया जाएगा।
SESBF में जमा राशि को NPS खाते में ट्रांसफर करने का विकल्प
👉SESBF में जमा राशि को NPS खाते में ट्रांसफर करने के विकल्प पर गंभीर चर्चा हुई, ताकि कर्मचारियों को दीर्घकाल में अधिक सुरक्षित एवं बेहतर रिटायरमेंट लाभ प्राप्त हो सके।
👉संभावित लाभ:
- मार्केट-लिंक्ड रिटर्न के माध्यम से अधिक रिटायरमेंट कॉर्पस
- पेशेवर फंड मैनेजमेंट एवं पारदर्शिता
- सेवानिवृत्ति पश्चात बेहतर वित्तीय सुरक्षा
👉यूनियन का स्पष्ट सुझाव है कि यदि नियमों के अंतर्गत कर्मचारियों को स्वैच्छिक विकल्प दिया जाए और किसी भी प्रकार की बाध्यता न हो।
इंटर-प्लांट ट्रांसफर की स्थिति में EPS से जुड़ी गंभीर समस्याएं
👉इंटर-प्लांट ट्रांसफर के कारण अलग-अलग राज्यों में नए EPS नंबर जारी होने से पेंशन निर्धारण के समय गंभीर व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
👉सेवानिवृत्ति के समय विभिन्न EPS खातों के समुचित समन्वय के अभाव में कर्मचारियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
👉यूनियन का समाधान प्रस्ताव:
- प्रबंधन स्तर पर Single Window System की व्यवस्था
- ऑनलाइन फॉर्म भरने, दस्तावेज समन्वय एवं EPFO से पत्राचार में सहायता
- EPS खातों का एकीकृत समन्वय
👉इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सकेगा।

C&IT विभाग के इंसेंटिव एवं अतिरिक्त वेतन को यथावत रखने की मांग
👉वर्ष 2014 के पूर्व राष्ट्रीय अवकाश (15 अगस्त, 26 जनवरी एवं 2 अक्टूबर) के दिन कार्य करने पर अतिरिक्त वेतन नियमित रूप से प्रदान किया जाता था, जिसे बाद में बंद कर दिया गया।
👉C&IT के अंतर्गत TIME OFFICE को 80% इंसेंटिव एवं अतिरिक्त वेतन का लाभ मिलता रहा, वहीं C&IT में मर्ज किए गए CMMS विभाग को भी 80% इंसेंटिव दिया जाता था, परंतु शेष कर्मचारियों को केवल 50% इंसेंटिव दिया जा रहा है।
👉जबकि वास्तविकता यह है कि:
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C&IT विभाग 24×7 सेवाएं प्रदान करता है।
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संपूर्ण प्लांट एवं टाउनशिप की आईटी सेवाओं का संचालन करता है।
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Data Center, Store, MES एवं SAP जैसे मिशन-क्रिटिकल प्लेटफॉर्म संभालता है।
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कार्य की प्रकृति पूर्णतः Works जैसी है।
👉C&IT को Non-Works में शामिल करने की प्रक्रिया पर गहरी चिंता
DIC की स्वीकृति के साथ पूर्व में C&IT की कार्य-प्रकृति को Works के अंतर्गत रखकर सभी सुविधाएं प्रदान की गई थीं।
अक्टूबर 2025 से पुनः Non-Works में शामिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ होने की जानकारी से कर्मचारियों में यह आशंका उत्पन्न हुई है कि उनके आर्थिक लाभों में कटौती हो सकती है।
यूनियन की स्पष्ट मांग:
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किसी भी कर्मचारी के आर्थिक लाभ में कटौती न की जाए।
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यह कदम नियम-विरुद्ध एवं अनुचित होगा।
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वर्तमान में प्रदान की जा रही सभी सुविधाएं यथावत रखी जाएं।
NPS जागरूकता कार्यक्रम की सराहना
L&D (HRDC) द्वारा आयोजित हालिया NPS जागरूकता कार्यक्रम को यूनियन ने अत्यंत सराहनीय बताया। इस कार्यक्रम से कर्मचारियों एवं अधिकारियों में NPS से जुड़ी कई भ्रांतियों का निराकरण हुआ। यूनियन का मत है कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।
EPFO के साथ संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम का प्रस्ताव
👉यूनियन ने सुझाव दिया कि EPFO के सहयोग से L&D में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिसमें:
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पेंशन प्रक्रिया
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फॉर्म 10D भरने की विधि
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पेंशन से जुड़े नियम, लाभ एवं सीमाएं
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आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी – सरल एवं बिंदुवार तरीके से प्रदान की जाए।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं दिव्यांगजनों के TA पर कर छूट का मुद्दा
👉SAIL अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध न होने की स्थिति में दी जाने वाली चिकित्सा प्रतिपूर्ति को वर्तमान में Perquisite मानकर कर लगाया जा रहा है, जबकि New Tax Regime के अंतर्गत यह धारा 17(2) के तहत कर-मुक्त है।
👉इसी प्रकार दिव्यांगजन कर्मचारियों को दिए जाने वाले TA पर आयकर अधिनियम की धारा 115(BAC)(2)(1)(a) के तहत ₹3200 प्रतिमाह या ₹38,400 वार्षिक की कर-छूट का प्रावधान है।
👉यूनियन ने मांग की कि इसे Allowance/Exempt Category के अंतर्गत मान्यता दी जाए।
SAIL वेतन खाते से जुड़े बैंकिंग लाभों पर जागरूकता की मांग
👉कॉर्पोरेट स्तर पर SAIL द्वारा विभिन्न बैंकों के साथ किए गए MOU के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाले बैंकिंग लाभों की पर्याप्त जानकारी कर्मचारियों को नहीं मिल पा रही है।
👉यूनियन ने मांग की कि L&D (HRDC) के माध्यम से बैंक प्रतिनिधियों के साथ नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
ED (F&A) द्वारा प्रबंधन का पक्ष
👉ED (F&A) ने स्पष्ट किया कि CPF राशि वापसी हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और न्यायालय का निर्णय कर्मचारियों के पक्ष में आया है। C&IT एवं SESBF से जुड़े विषयों पर नियमसम्मत एवं सकारात्मक निर्णय शीघ्र लिया जाएगा। NPS, EPFO एवं EPS पर दिसंबर के अंत अथवा जनवरी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

