TATA की छोटी कंपनियों में लाखों का बोनस – फिर SAIL के कर्मचारी क्यों रहें पीछे?
– DIGITAL BHILAI NEWS –
– 23 अगस्त 2025 – भिलाई
- दुर्गा पूजा से पहले TATA ग्रुप और आदित्यपुर की कंपनियों में बोनस की बारिश हो रही है।
- इस साल कर्मचारियों को लगभग 600 करोड़ रुपये का बोनस दिया जाएगा।
- दिलचस्प बात यह है कि छोटी-छोटी कंपनियाँ, जैसे Nuvoco सीमेंट प्लांट, ने भी अपने कर्मचारियों को 20% बोनस देने का समझौता किया है।
Nuvoco सीमेंट में कर्मचारियों को न्यूनतम ₹63,111 और अधिकतम ₹2,37,625 बोनस मिलेगा।
वहीं, Tata स्टील, टिनप्लेट, Tata मोटर्स और टाटा मेटालिक जैसी कंपनियों में बोनस का आंकड़ा करोड़ों में जा पहुँचा है।

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छोटी कंपनियों का बड़ा कदम
✔️Nuvoco जैसी कंपनियाँ न तो Maharatna PSU हैं और न ही Great Place to Work की किसी रैंकिंग में आती हैं।
✔️यहाँ के चेयरमैन/डायरेक्टर न तो PESB इंटरव्यू से चुने जाते हैं और न ही प्रधानमंत्री कैबिनेट से मंजूरी लेकर।
✔️यहाँ INTUC, AITUC, CITU, BMS, HMS जैसी राष्ट्रीय यूनियनों का दबदबा भी नहीं है।
✔️और न ही कोई “बड़े कद-काठी” वाले यूनियन नेता मौजूद हैं।
✔️इसके बावजूद, कर्मचारियों के बीच से चुने गए यूनियन नेताओं ने अपने कर्मचारियों को लाखों रुपये का बोनस दिलवाया है।
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Tata समूह की कंपनियों में बोनस समझौते (2024)
टिनप्लेट कंपनी (Tata Steel Tinplate Division):
बोनस – 17.89%, अधिकतम राशि – ₹1,00,694
Tata पिगमेंट (Tata Pigment, Jamshedpur):
बोनस – 17.64%, न्यूनतम – ₹54,247, अधिकतम – ₹71,118
Tata स्टील (India operations):
FY 2022–23 में बोनस – ₹314.70 करोड़; FY 2023–24 में – ₹303.13 करोड़।
यह आँकड़े साफ़ दिखाते हैं कि टाटा की बड़ी और छोटी कंपनियाँ भी बोनस के मामले में पारदर्शिता और उदारता से आगे हैं।

Nuvoco सीमेंट (छोटी इकाई):
बोनस – 20%, न्यूनतम – ₹63,111, अधिकतम – ₹2,37,625
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सवाल उठता है – SAIL क्यों पीछे?
❓SAIL (Steel Authority of India Limited) जैसी महारत्न कंपनी, जिसमें हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाँ कर्मचारियों को अक्सर बोनस समझौते के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है। और हाथ में आता है उठ के मुंह में जीरा जैसा बोनस
❓जब Tata की छोटी कंपनियाँ इतनी पारदर्शिता और उदारता से बोनस दे सकती हैं, तो SAIL जैसी महारत्न कंपनी ऐसा क्यों नहीं कर पाती?
❓क्यों यहां हर बार बोनस कर्मचारियों के संघर्ष का मुद्दा बन जाता है?
❓क्या यह कर्मचारियों की मेहनत और योगदान को कम आँकने जैसा नहीं है?
❓कर्मचारियों के अनुसार, आज तक SAIL में अधिकतम बोनस केवल ₹28,000 तक मिला है। बस एक बार एक्स्ट्रा स्पेशल बोनस ₹12000 जोड़ा गया था वो भी तब जब कंपनी को 16000 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था।
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असर और सीख
Tata ग्रुप की ये कंपनियाँ यह दिखा रही हैं कि –
यदि प्रबंधन और यूनियन में संवाद व विश्वास हो और यूनियन में कर्मचारियों का सही प्रतिनिधित्व हो तो बोनस समझौता बिना टकराव के हो सकता है।
कर्मचारियों की मेहनत का सही सम्मान करने से न केवल मनोबल बढ़ता है, बल्कि उत्पादन और लाभप्रदता भी मजबूत होती है।
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निष्कर्ष
त्योहारी सीजन से पहले बोनस की यह सौगात कर्मचारियों के घर खुशहाली तो लाएगी ही, साथ ही यह एक चुनौतीपूर्ण सवाल भी छोड़ती है:
“जब Tata ग्रुप की छोटी कंपनियाँ कर्मचारियों को इतना शानदार बोनस दे सकती हैं, तो फिर SAIL जैसी महारत्न कंपनी अपने कर्मचारियों को वह हक क्यों नहीं दे पाती, जिसके वे हकदार हैं?”
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✍🏻रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

