सितंबर से बदलेंगे आपके रोज़मर्रा के नियम: LPG, ATM, Silver Hallmarking से लेकर SBI Card व ITR डेडलाइन तक – क्या है असर?
– DIGITAL BHILAI NEWS –
31 अगस्त 2025
1 सितंबर 2025 से कई वित्तीय-उपभोक्ता नियम लागू/UPDATES हो रहे हैं—LPG कीमतों की मासिक रिविज़न, ATM निकासी पर बैंक चार्ज की नई सीमा/नियम, Silver Hallmarking के नए मानक, SBI कार्ड के चार्ज/CPP अपडेट (16 सितंबर से) और ITR फाइलिंग की बढ़ाई गयी डेडलाइन।
साथ ही RBI के ताज़ा आँकड़े बताते हैं कि इंडस्ट्रियल क्रेडिट की रफ्तार घटी और पर्सनल लोन का हिस्सा ऊँचा बना हुआ। ये बदलाव आपकी जेब, निवेश और लेनदेन की प्लानिंग को प्रभावित करेंगे।👇
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1) LPG सिलिंडर: महीने की पहली तारीख को कीमतों में बदलाव
भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ (OMCs) आमतौर पर हर महीने की 1 तारीख को LPG सिलिंडर की कीमतें अंतरराष्ट्रीय क्रूड व अंडर-रिकवरी के मुताबिक अपडेट करती हैं। मार्च और उससे पहले के महीनों में व्यावसायिक LPG में कटौती/बढ़ोतरी के उदाहरण दिखे हैं—मतलब 1 सितंबर को भी नई दरें आने की संभावना रहती है (घट-बढ़ दोनों)। घरेलू उपभोक्ताओं को बिलिंग से पहले शहर-वार दरें देख लेना चाहिए।
आपके लिए मतलब:
👉गैस बुक करने से पहले ऐप/वेबसाइट पर शहर-वार रेट चेक करें।
👉त्योहार/बड़े कार्यक्रम से पहले रिफिल टाइमिंग प्लान करें ताकि कीमत बदलने से तुरंत असर न पड़े।
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2) ATM निकासी नियम व चार्ज: फ्री लिमिट के बाद ₹23 तक
RBI की कैपिंग के तहत फ्री लिमिट पार करने पर बैंक एक वित्तीय ट्रांजैक्शन पर अधिकतम ₹23 (+GST) तक चार्ज कर सकते हैं (नॉन-फाइनेंशियल के अलग चार्ज)।
कई बैंकों—जैसे HDFC—ने 2025 में अपने बियोंड-फ्री चार्ज ₹21 से बढ़ाकर ₹23 किए हैं। आपके बैंक की सीमा व चार्ज अलग हो सकती है, इसलिए SMS/स्टेटमेंट देखें।
आपके लिए चेकलिस्ट:
✔️अपने होम-बैंक ATM से निकासी प्राथमिकता दें (कई बैंकों में अधिक फ्री ट्रांजैक्शन)।
✔️UPI/नेटबैंकिंग से कैश-लेस भुगतान अपनाएँ, अनावश्यक निकासी घटाएँ।
✔️महीने की शुरुआत में लंबसम निकासी करके बार-बार ट्रांजैक्शन से बचें।
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3) Silver Hallmarking: नई स्कीम से अनिवार्य पारदर्शिता
BIS (Bureau of Indian Standards) ने 1 सितंबर 2025 से Silver Hallmarking नियमों को अपडेट किया है, ताकि खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बढ़े। नई स्कीम के अनुसार अधिक मानकीकृत हॉलमार्किंग अपनाई जाएगी/नए कोडिंग-नॉर्म्स लागू होंगे; यानी बिना सही हॉलमार्क वाले सिल्वर आर्टिकल से बचना बेहतर है। खरीदारों को बिल पर शुद्धता (Purity) और हॉलमार्क डिटेल्स देखने चाहिए।
खरीदते समय ध्यान दें:
✔️ज्वेलर का BIS रजिस्ट्रेशन और हॉलमार्क यूनिक डिटेल अवश्य देखें।
✔️बड़े ऑर्डर/गिफ्टिंग के लिए वेट-मशीन/पर्ची और रिटर्न-पॉलिसी पढ़ें।
4) SBI Credit Card: 16 सितंबर से CPP/चार्ज में बदलाव
16 सितंबर 2025 से SBI Card अपने Credit Card Protection Plan (CPP) के वेरिएंट्स/चार्ज अपडेट कर रहा है।
इसके तहत धोखाधड़ी से बचाव, मोबाइल वॉलेट प्रोटेक्शन और ट्रैवल असिस्टेंस जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।
अलग-अलग प्लान्स के हिसाब से नए चार्ज लागू होंगे।
👉 आपके लिए असर:
✔️अपने कार्ड का स्टेटमेंट ज़रूर पढ़ें।
✔️अगर CPP की ज़रूरत नहीं है तो बैंक से Opt-out कर सकते हैं।
✔️नए चार्जेस को समझकर ही आगे इस्तेमाल करें।
5.) ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ी
सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की तारीख 15 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी है। यह उन लोगों के लिए है जिन्हें ऑडिट की ज़रूरत नहीं है।
ऑडिट केस वालों के लिए डेडलाइन 30 सितंबर है।
👉 आपके लिए असर:
✔️AIS/26AS और Form-16 का मिलान कर लें।
✔️ब्याज़ और पेनल्टी से बचने के लिए समय पर रिटर्न फाइल करें।
6.) बैंक लोन का नया ट्रेंड – कंपनियों की जगह अब आम लोगों पर फोकस
RBI के आंकड़े बताते हैं:

✔️कुल बैंक लोन की ग्रोथ अब 9.9% है (पिछले साल 13.6% थी)।
✔️इंडस्ट्री को दिए जाने वाले लोन की ग्रोथ घटकर सिर्फ़ 7.6% रह गई।
✔️जबकि पर्सनल लोन का हिस्सा बढ़कर 32% हो गया है।
👉 आपके लिए असर:
✔️घर और गाड़ी का लोन लेना आसान रहेगा क्योंकि ये सिक्योर्ड लोन हैं।
✔️पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर बैंक सख़्त हो रहे हैं — यानी लिमिट कम और ब्याज़ ज़्यादा हो सकता है।
7.) FD Rates: कटौती का ट्रेंड—किन बैंकों ने घटाए रेट?
RBI ने हाल ही में रेपो रेट घटाया।
👉उसके बाद कई बड़े बैंक जैसे SBI, HDFC, ICICI, Bank of Baroda, Canara ने फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) की ब्याज दरें 0.10%–0.25% (10–25 bps) घटा दीं।
👉मतलब अब FD पर पहले जितना ब्याज नहीं मिलेगा, थोड़ा कम मिलेगा।
👉लेकिन अभी भी कुछ छोटे बैंक (Small Finance Banks – SFBs) या कॉर्पोरेट FDs ज़्यादा ब्याज (6%–7.5% या इससे भी ऊपर) दे रहे हैं।
निवेशकों के लिए इसका मतलब
1. FD कब करें, ये बहुत ज़रूरी हो गया है – क्योंकि अगर अभी लॉक कर देंगे तो वही रेट पूरे टेन्योर तक मिलेगा।
2. शॉर्ट-टर्म पैसा चाहिए? – तो लैडरिंग स्ट्रैटेजी अपनाएँ। यानी अपना पैसा 3, 6, 9 और 12 महीने की अलग-अलग FDs में बाँट दें। इससे हर कुछ महीने में कैश मिलेगा और आप बदलते रेट का फायदा ले सकेंगे।
3. सीनियर सिटीजन: उन्हें ज्यादातर बैंक 50–75 bps (0.50%–0.75%) अतिरिक्त ब्याज देते हैं, तो ये उनके लिए फायदा है।
4. छोटे बैंक / कॉर्पोरेट FDs: ये ज़्यादा ब्याज देते हैं लेकिन रिस्क भी ज़्यादा होता है। इसलिए: DICGC कवर (₹5 लाख तक डिपॉज़िट इंश्योरेंस) देखना ज़रूरी है।
और बैंक/कंपनी की क्रेडिट रेटिंग पर ध्यान दें।
निष्कर्ष
सितंबर की शुरुआत आपके बजट और वित्तीय फैसलों पर बड़ा असर डालने वाली है।
गैस बुकिंग और कैश निकासी समझदारी से करें।
सिल्वर खरीदते वक्त हॉलमार्क देखना न भूलें।
SBI कार्डधारक नए नियम ध्यान से पढ़ें।
ITR की बढ़ी हुई डेडलाइन का फायदा उठाकर समय पर रिटर्न भरें।
और अगर लोन लेने का प्लान है तो ध्यान रखें—घर/गाड़ी का लोन आसान, पर्सनल लोन मुश्किल।
👉 सही समय पर सही फैसले लेकर आप सितंबर के इन बदलावों को अपने लिए फायदे में बदल सकते हैं।
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✍🏻 रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

