NCQC-2025: भिलाई इस्पात संयंत्र की ‘सक्षम’ Safety Circle को मिला PAR EXCELLENCE Award

NCQC NOIDA 2025

– DIGITAL BHILAI NEWS – 

  • ग्रेटर नोएडा स्थित GL Bajaj Institute of Technology & Management परिसर में 19 से 22 दिसंबर 2025 तक आयोजित National Quality Concept Conference 2025 (NCQC-2025) इन दिनों भारतीय उद्योगों में गुणवत्ता और सुरक्षा पर हो रहे कार्यों का साझा मंच बना हुआ है।
  • परिसर के प्रवेश द्वार से लेकर सेमिनार हॉल तक लगे Welcome बैनर, दिशासूचक बोर्ड और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों की चहल-पहल यह महसूस कराती है कि यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि अनुभव, सीख और साझा प्रयासों का संगम है।
  • इस आयोजन में Bhilai Steel Plant की विभिन्न QUALITY CIRCLE और SAFETY CIRCLE टीमों ने भाग लिया उन्ही में से Sintering Plant-3 की Safety Circle ‘SAKSHAM’ टीम ने अपने प्रदर्शन से “PAR EXCELLENCE” Award हासिल किया है।
  • टीम ने अपने सेफ्टी-आधारित प्रोजेक्ट के माध्यम से कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान, नियंत्रण उपायों और सुरक्षित कार्य-प्रणालियों से जुड़े सुधारों को प्रस्तुत किया, जिसे सम्मेलन की जूरी द्वारा स्वीकार किया गया।
  • आइये जानते है इस आयोजन से जुडी कुछ खास बातें👇
NCQC-2025 noida
NCQC-2025 NOIDA

आयोजन स्थल: सम्मेलन का व्यापक स्वरूप

👉इस वर्ष का 39वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन Quality Circle Forum of India (QCFI) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें दिल्ली, लखनऊ और ग्वालियर चैप्टर्स मेज़बान की भूमिका में रहे।

👉NCQC-2025 में देशभर के 600 से अधिक संगठनों, 12 हजार से ज्यादा डेलिगेट्स, और हजारों फिजिकल व वर्चुअल केस-स्टडी प्रस्तुत की गईं। यहाँ सेफ्टी सर्कल, क्वालिटी सर्कल, 5S और काइज़ेन जैसे विषयों पर आधारित प्रस्तुतियाँ देखने को मिलीं, जिनका फोकस किसी असाधारण दावे पर नहीं, बल्कि व्यवहारिक और दोहराए जा सकने वाले सुधारों पर रहा।

GL BAJAJ INSTITUTE
NCQC-2025

👉“Quality Concepts for Atmanirbhar Viksit Bharat” थीम के साथ यह सम्मेलन उद्योगों को यह सोचने का अवसर देता है कि छोटे-छोटे सुधार किस तरह बड़े बदलाव का आधार बनते हैं।

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Sintering Plant-3 से राष्ट्रीय मंच तक: ‘SAKSHAM’ की प्रस्तुति

👉इसी राष्ट्रीय मंच पर Bhilai Steel Plant की Sintering Plant-3 से जुड़ी Safety Circle ‘SAKSHAM’ टीम ने अपनी प्रस्तुति दी।

👉टीम को उनके सेफ्टी-आधारित प्रोजेक्ट के प्रदर्शन के लिए PAR EXCELLENCE Award प्रदान किया गया। यह सम्मान उस प्रोजेक्ट के लिए मिला, जिसमें कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान, नियंत्रण उपायों और सुरक्षित कार्य-प्रक्रियाओं से जुड़े बिंदुओं को व्यवस्थित रूप से रखा गया था।

‘SAKSHAM’ टीम की संरचना

👉Safety Circle – SAKSHAM (Sintering Plant-3 भिलाई इस्पात संयंत्र)

  • Facilitator: श्री विपिन मौर्य

  • टीम सदस्य: श्री अमित भंडारी, श्री रमेश कुमार, श्री अमरेश धुड़हरे, श्री श्रवण कुमार, श्री अमित कुमार

👉टीम के सदस्यों ने संयंत्र में अपने कार्य अनुभव के आधार पर इस प्रोजेक्ट को तैयार किया और NCQC के निर्धारित प्रारूप में इसे प्रस्तुत किया।

TEAM SAKSHAM BHILAI STEEL PLANT
TEAM SAKSHAM BHILAI STEEL PLANT

भिलाई इस्पात संयंत्र की अन्य Safety Circle टीमों की सहभागिता

👉NCQC-2025 में भिलाई इस्पात संयंत्र की उपस्थिति केवल ‘SAKSHAM’ तक सीमित नहीं रही। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में BSP की अन्य Safety Circle टीमों — URVASHI, SANJEEVANI, SURAKSHA SHAKTI, SUKRITI, SAJAG, ANUSANDHAN, DHRITI, NAVODAY, DRISHTI, DHYANI, JAGRITI, KAVACH, KAWACH_RCL, NIRAKARAN और PRAYAS — ने भी अपने-अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इन सभी टीमों को PAR EXCELLENCE श्रेणी में स्थान मिला, जो यह बताता है कि संयंत्र के अलग-अलग विभागों में सेफ्टी सुधार समान रूप से किए जा रहे हैं।


क्यों महत्वपूर्ण है यह सहभागिता

👉NCQC जैसे मंच पर एक साथ कई टीमों की भागीदारी यह दिखाती है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में सेफ्टी सुधार किसी एक यूनिट या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें कर्मचारी अपने अनुभव साझा करते हैं, सीखते हैं और फिर अपने कार्यक्षेत्र में लागू करते हैं। ऐसे आयोजनों का महत्व इसी में है कि वे सीखने और सुधार की निरंतरता को बनाए रखते हैं।


निष्कर्ष

👉NCQC-2025 के राष्ट्रीय मंच पर Safety Circle ‘SAKSHAM’ को मिला PAR EXCELLENCE Award Sintering Plant-3 की टीम के प्रयासों को पहचान देता है। साथ ही, सम्मेलन में भिलाई इस्पात संयंत्र की अन्य Safety Circle टीमों की सक्रिय भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि BSP में सेफ्टी और गुणवत्ता पर काम एक साझा जिम्मेदारी के रूप में किया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के इस आयोजन स्थल से उठी यह सहभागिता आने वाले समय में संयंत्र स्तर पर और बेहतर कार्य-प्रणालियों की दिशा तय करने में सहायक साबित होगी।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़ 

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