PMO को पोस्टकार्डों की बौछार! SAIL कर्मचारियों की 8-साल पुरानी वेतन लड़ाई अब सीधे दिल्ली के दरवाज़े पर
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) के SAIL कर्मचारियों ने 8 साल पुराने वेतन अधूरे वेतन समझौते और अधिकारों की लड़ाई को अब सीधे दिल्ली तक पहुँचा दिया है।
- कर्मियों द्वारा अपनी लंबित मांगों को लेकर एक अनोखा और शांतिपूर्ण विरोध-अभियान शुरू किया है जिसमे सैकड़ों कर्मचारियों ने हस्ताक्षरित पोस्टकार्ड भेजकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के सामने अधूरे वेज रिविज़न, बोनस फॉर्मूला और टारगेटेड ट्रांसफर जैसे गंभीर मुद्दे रख दिए हैं।
- शांत, लेकिन सटीक तरीके से चल रहा यह अभियान- कर्मचारी कह रहे हैं कि “जब आवाज़ नीचे नहीं सुनी गई… तो हमने सीधे दिल्ली को पुकारा।”

- आइये जानते है क्या लिखा गया इन पोस्टकार्ड्स में ?
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पोस्टकार्ड में क्या लिख रहे हैं कर्मचारी?
👉कर्मचारियों द्वारा भेजे जा रहे पोस्टकार्डों में पाँच मुख्य माँगें दर्ज की गई हैं।
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सेल कर्मचारियों का वर्ष 2017 से लंबित और अधूरा वेज रिविज़न पूर्ण किया जाए।
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वर्तमान बोनस फॉर्मूला समाप्त कर, उत्पादन-आधारित और पारदर्शी बोनस फॉर्मूला लागू किया जाए।
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वर्ष 2007 से अब तक स्थिर पड़े इंसेंटिव फॉर्मूले में संशोधन किया जाए और इसे वास्तविक उत्पादन के अनुरूप अपडेट किया जाए।
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गलत समझौते करने वाले और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने वाले गैर-निर्वाचित यूनियन नेताओं को NJCS से बाहर किया जाए।
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आवाज़ उठाने वाले कर्मचारियों को टारगेट कर किए गए ट्रांसफर को वापस लिया जाए।
👉इन पोस्टकार्डों पर कर्मचारियों और उनके परिवार-सदस्यों ने अपने नाम और हस्ताक्षर स्पष्ट रूप से दर्ज किए हैं, जिससे यह अभियान पूरी तरह प्रमाणिक दिखाई देता है।

अभियान किस तरह चल रहा है?
👉यह अभियान शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है।
👉कर्मियों ने बताया है कि पहले चरण में RSP Hospital और धमन-भट्टी इंस्ट्रुमेंटेशन सेक्शन से पोस्टकार्ड भेजे गए हैं।
👉 कर्मियों नेघोषणा की है कि प्रत्येक सप्ताह एक-दो विभागों से पोस्टकार्ड संग्रह कर PMO को भेजना जारी रखा जाएगा।
👉कर्मियों का कहना है कि जब तक SAIL कर्मचारियों की वैध और न्यायोचित माँगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह प्रक्रिया नियमित रूप से चलती रहेगी।
SAIL कर्मियों में असंतोष की जड़ क्या है?
1. 2017 से लंबित वेज रिविज़न
SAIL कर्मचारियों का वर्ष 2017 से वेज रिविज़न अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण लगभग 72,000 कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का लाखों रुपये का एरियर बकाया है। साथ ही MGB और Perks प्रतिशत में भी कर्मचारियों को नुकसान होने का आरोप है।
2. बोनस फॉर्मूला विवाद
कर्मचारी वर्तमान बोनस भुगतान प्रणाली को अस्वीकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह फॉर्मूला पुराना, अप्रभावी और कर्मचारियों के हित में नहीं है। कर्मचारी यह मांग कर रहे हैं कि बोनस भुगतान उत्पादन आधारित और न्यायसंगत हो।
3. इंसेंटिव 18 वर्ष से बिना बदलाव
इंसेंटिव फॉर्मूला वर्ष 2007 से बिना किसी संशोधन के लागू है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और उत्पादन दबाव के बावजूद इंसेंटिव राशि वर्षों से एक समान बनी हुई है, जिसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ा है।

4. NJCS में नेतृत्व पर सवाल
नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील (NJCS) में 25 में से 21 यूनियन प्रतिनिधि निर्वाचित नहीं हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि ये प्रतिनिधि प्रबंधन-हितैषी समझौते कर रहे हैं, जबकि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
5. ट्रांसफर को लेकर आरोप
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि जो श्रमिक अपनी जायज़ बात रखते हैं या अपने अधिकारों की मांग करते हैं, उन्हें टारगेट कर दूसरे स्थानों पर ट्रांसफर कर दिया जाता है। कर्मचारी चाहते हैं कि ऐसे सभी ट्रांसफर वापस लिए जाएं।

पोस्टकार्डों की तस्वीरें — सबूत, जो खुद बोलते हैं
भेजी गई तस्वीरों में कई पोस्टकार्ड साफ दिखाई देते हैं, जिन पर कर्मचारियों ने अपनी पाँच माँगें बिंदुवार दर्ज की हैं।
सभी कार्डों पर नाम और हस्ताक्षर मौजूद हैं। ये तस्वीरें यह साबित करती हैं कि यह विरोध कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि कर्मचारी-स्तर पर सशक्त और गंभीर पहल है।

कर्मियों का क्या कहना है? — “सरकार और प्रबंधन पर बड़ा सवाल”
👉Rourkela कर्मी श्री सुधीर श्रीवास्तव ने कहा: “यदि देश का शीर्ष तंत्र भी SAIL कर्मचारियों की जायज़ माँगों पर संज्ञान नहीं लेता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि एक सरकारी कंपनी का प्रबंधन सरकार की भी न सुने, तो यह देश की प्रशासनिक प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।”
👉उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लड़ाई आर्थिक अधिकार के साथ-साथ गरिमा और न्याय की लड़ाई भी है।
मांगों का सार — संक्षिप्त सारणी
| मुद्दा | वर्तमान स्थिति | कर्मचारियों की मांग |
|---|---|---|
| वेज रिविज़न | 2017 से लंबित | तुरंत पूरा किया जाए |
| बोनस फॉर्मूला | विवादित और पुराना | उत्पादन आधारित फॉर्मूला लागू हो |
| इंसेंटिव | 2007 से स्थिर | संशोधन किया जाए |
| NJCS | गैर-निर्वाचित प्रतिनिधि | केवल निर्वाचित शामिल हों |
| ट्रांसफर | टारगेट किए जाने का आरोप | रद्द कर वापस लिए जाएं |
निष्कर्ष
👉SAIL कर्मचारियों ने अपने हक और अधिकार को लेकर अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक आवाज पहुँचाने का निर्णय लिया है। पोस्टकार्ड अभियान पूरी तरह से शांतिपूर्ण, संगठित और तथ्य आधारित दिखाई देता है।
👉कर्मचारियों का कहना है कि वे वेतन, इंसेंटिव, बोनस और प्रतिनिधित्व जैसे अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि SAIL प्रबंधन और PMO इस गंभीर और न्यायोचित मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
👉स्पष्ट है कि यह विरोध आर्थिक मांगों के साथ-साथ सम्मान, न्याय और उचित प्रतिनिधित्व की माँग का भी प्रतीक है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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