NPS अंशदान: इस साल भी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा पूरा 9% – जानिए क्यों?

SAIL NPS CONTRIBUTION 2025

– DIGITAL BHILAI NEWS – 20 अगस्त 2025 – भिलाई

  • स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के कर्मचारियों को इस बार भी NPS अंशदान में पूरी राहत नहीं मिलेगी।
  • कंपनी के गणित के अनुसार (आगे समझाया गया है), कंपनी 9% की जगह केवल 6% के आसपास का अंशदान ही कर्मचारियों के NPS फंड में जमा करेगी।
  • कर्मचारियों की मांग रही हैं कि कर्मचारियों को भी अधिकारियों के तर्ज पर पूरा अंशदान दिया जाए और पुराने घाटे की भरपाई की जाए।
  • पिछले कई वर्षों से SAIL कर्मचारियों की यह समस्या भी बनी हुई है- आइए जानते है क्या है मामले की पृष्ठभूमि ? 👇🏻

ये खबर भी पढ़ें – BSL अनुकंपा जन्मतिथि विवाद केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की SAIL की याचिका- हाईकोर्ट का आदेश बरकरार


बैकग्राउंड: समझौते और नियमों का सफर

👉2013 के वेतन समझौते (2012 से लागू) में पहली बार NPS फंड में कंपनी का अंशदान तय किया गया।

👉नॉन-एक्जीक्यूटिव कर्मचारियों के लिए 6% (बेसिक + डीए) और अधिकारियों के लिए 9% (बेसिक + डीए) अंशदान की व्यवस्था की गई।

Join WhatsApp

👉यह व्यवस्था अक्टूबर 2021 तक जारी रही।

👉26 नवंबर 2021 को SAIL कॉर्पोरेट ऑफिस ने नया सर्कुलर जारी कर कर्मचारियों की ग्रेच्युटी को ₹20 लाख तक सीमित कर दिया और पेंशन अंशदान को अधिकारियों के तर्ज पर लागू किया। 


ये खबर भी पढ़ें – BSP में Work Skills Competition (ED trophy) 2025 का बिगुल


📊 Officers vs Employees: पेंशन अंशदान की तुलना❓

‼️अंशदान प्रतिशत:-

अधिकारी: लगातार 9% (सिर्फ 2015–19 में 3%)

कर्मचारी: अधिकांश अवधि में 6% या उससे कम

Pension

टेबल स्पष्ट करता है कि 2012 से 2021 तक कर्मचारियों को लगातार अधिकारियों से कम अंशदान मिला। इस अंतर ने सीधे-सीधे कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स और NPS फंड ग्रोथ पर गहरा असर डाला।

‼️ग्रेच्युटी:

अधिकारी: ग्रेच्युटी पर सीलिंग है।

कर्मचारी: नवंबर 2021 से ₹20 लाख की सीलिंग की गई।

NPS योगदान की अवधि:

अधिकारी: 1 जनवरी 2007 से लागू

कर्मचारी: 1 जनवरी 2012 से लागू

‼️आर्थिक असर:

कर्मचारियों का NPS फंड अधिकारियों से लाखों रुपये कम जमा हुआ।


ये खबर भी पढ़ें – ऑनलाइन-ऑफलाइन फार्मेसी का उलझा जाल: JLNRC Hospital मरीजों का दवाओं के लिए घंटों इंतजार


कर्मचारियों की शिकायतें और आरोप‼️

1. PBT और पेंशन अंशदान का खेल:-

👉कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी जानबूझकर Profit Before Tax (PBT) को कम दिखा रही है।

👉2024–25 में SAIL का नेटवर्थ ₹55,656 करोड़ रहा।

👉नियम के अनुसार, 9% पेंशन अंशदान के लिए PBT ₹4,453 करोड़ होना चाहिए। (कुल नेटवर्थ का PBT, 8% से उपर होने का नियम बनाया है।)

👉कंपनी का घोषित PBT सिर्फ ₹3,008 करोड़ है, जिससे कर्मचारियों को इस साल केवल 6% अंशदान मिलेगा।

👉ऐसा नही है कि सेल का EBITDA कम है, पिछले 5 वर्षो से एबिटा 10000 करोड़ से अधिक है , लेकिन डिप्रेशिएशन (जो घटने के बजाय बढ़ते जा रहा है) तथा कैपेक्स मे एबीटा से राशी निकालने के कारण PBT जान बुझकर कम रखा जा रहा है। 

NPS

👉NJCS के महारथी यूनियनों पर सवाल उठ रहा है – कि क्या वे समझौते बिना गहराई से पढ़े ही साइन कर देते हैं?

2. 2014 के बाद ज्वाइन कर्मचारियों का सवाल❓

👉2014 के बाद ज्वाइन हुए कर्मचारियों की JOINING से ही ग्रेच्युटी सीलिंग कर दी गई थी।

👉फिर भी उन्हें अक्टूबर 2021 तक सिर्फ 6% अंशदान क्यों मिला?


ये खबर भी पढ़ें – BHILAI में दर्दनाक हादसा: PRW संजय मोटघरे की पत्नी की करेंट लगने से मौत, तीन छोटे बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़


विश्लेषण और असर‼️

👉वित्तीय नुकसान: कर्मचारियों को हर साल हजारों-लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।

👉मनोबल पर असर: जब एक ही कंपनी में अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग लाभ पाते हैं, तो असमानता की भावना गहराती है।

👉प्रबंधन पर सवाल: क्या यह नीति जानबूझकर बनाई गई ताकि कर्मचारियों को कम अंशदान मिले?


ये खबर भी पढ़ें – SAIL में रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद अवैध बोनस फॉर्मूला बरकरार, BAKS ने किया कड़ा विरोध


निष्कर्ष:-

SAIL में NPS अंशदान का यह विवाद कर्मचारियों के बीच गहरी असंतुष्टि पैदा कर रहा है। कर्मचारी यूनियनें साफ कह रही हैं कि जब अधिकारी और कर्मचारी दोनों एक ही कंपनी में काम करते हैं, तो रिटायरमेंट लाभ में भेदभाव क्यों? अब सभी की निगाहें SAIL प्रबंधन पर टिकी हैं कि वह इस मांग पर क्या कदम उठाता है।


अगली खबर पढ़े 👉  BSP के 900 “ईमानदार कर्मचारी” बने निशाना – असली अवैध कब्जेदार घूम रहे आज़ाद🤫


 

✍🏻 रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS 

अपनी न्यूज या एडवरटाइजमेंट इस नंबर पर व्हाट्सएप करे  7224028089


 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *