क्या SAIL में बदलेगी Junior Officer Promotion Policy? SEFI ने भेजा विस्तृत सुधार प्रस्ताव…
– DIGIAL BHILAI NEWS –
- क्या SAIL में कर्मचारियों से अधिकारियों तक पहुंचने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान, तेज और योग्यता आधारित बनने वाली है?
- क्या Junior Officer Promotion Policy में ऐसा बड़ा सुधार संभव है जो हजारों तकनीकी कर्मचारियों के करियर को नई दिशा दे सकता है?
- इन सवालों की चर्चा तब तेज हो गई जब Steel Executives Federation of India (SEFI) ने SAIL प्रबंधन को JO Promotion Policy सुधार का विस्तृत प्रस्ताव सौंपा। इस कदम ने डिप्लोमा ENGINEERS संगठन के भीतर नई उम्मीदों का माहौल तैयार कर दिया है।
- आइये विस्तार से जानते है इस खास प्रस्ताव के बारे में !👇

SEFI का आधिकारिक प्रस्ताव क्यों बना चर्चा का केंद्र?
👉SEFI के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर ने SAIL के निदेशक (कार्मिक) के. के. सिंह से मुलाकात कर Junior Officer Promotion Policy में व्यापक बदलाव की मांग की है।
👉यह वही मुद्दा है जिस पर इंजीनियर्स डे के अवसर पर भिलाई में डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उनसे औपचारिक चर्चा की थी।
👉SEFI द्वारा SAIL के निदेशक (कार्मिक) को लिखे गए आधिकारिक पत्र में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि सेल में वर्तमान व्यावसायिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्येक संयंत्र में अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है। विशेष रूप से जूनियर लेवल में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स की कमी है। सेल में कई इकाईयों में आधुनिकीकरण के बाद धीरे-धीरे आउट सोर्सिंग के माध्यम से कार्य हो रहे हैं। अतः इन कार्यों के बेहतर मॉनीटरिंग के लिए जूनियर लेवल पर सभी इकाईयों में अधिकारियों का होना अतिआवश्यक है।
👉SEFI ने कहा है कि संयंत्रों की वास्तविक ज़रूरतों को देखते हुए officer-level engineering support को बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो गया है ताकि शॉप-फ्लोर मॉनिटरिंग, सुरक्षा अनुपालन, गुणवत्ता नियंत्रण और उत्पादन निरंतरता में मजबूती लाई जा सके।
👉पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि SAIL की विभिन्न इकाइयों में बड़ी संख्या में ग्रेजुएट इंजीनियर्स एवं अनुभवी डिप्लोमा इंजीनियर्स बड़ी संख्या में गैरकार्यपालक वर्ग में कार्यरत हैं। जो व्यवहारिक अनुभव, क्षमता और योग्यता रखते हैं। यदि इन्हें Junior Officer Cadre में अवसर दिया जाए, तो वे सेक्शन-इन-चार्ज, शिफ्ट-इन-चार्ज जैसे महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों पर संगठन को और अधिक दक्षता प्रदान कर सकते हैं।
👉SEFI का मानना है कि मौजूदा प्रमोशन व्यवस्था इन प्रतिभाओं का पूर्ण उपयोग नहीं कर पा रही है, इसलिए पात्रता में राहत, परीक्षा संरचना में संतुलन और तकनीकी योग्यता को उचित वेटेज देना समय की आवश्यकता है।
बैकग्राउंड?
👉पूर्व में SAIL में डिप्लोमा इंजीनियर्स की भर्ती सीधे S6 ग्रेड में की जाती थी। इससे उनकी करियर ग्रोथ तेज बनी रहती थी, क्योंकि S-6 के बाद जब S-8 ग्रेड में आते थे तो कुछ experince के बाद सुपरवाइजर ट्रेनिंग प्रोग्राम होता था और वो लोग सीधा उस ट्रेनिंग को अटेंड कर ऑफिसर बनते थे, और जो ऑफिसर नहीं भी बनते वे हर चार वर्ष में प्रमोशन पाते हुए लगभग 15-16 सालों में S10–S11 पहुंचते थे। लेकिन 2008 के बाद प्रबंधन ने अचानक उनके भर्ती ग्रेड को S6 से घटाकर S3 कर दिया। इस एक फैसले ने डिप्लोमा इंजीनियरों के करियर पर एक लंबी छाया डाल दी, क्योंकि S3 से S6 तक पहुँचने में ही लगभग बारह वर्ष लग जाते हैं। उम्र बढ़ने के साथ जब कर्मचारी S11 तक पहुँचते-पहुँचते रिटायरमेंट के करीब होते हैं, तब Officer Cadre परीक्षा का वास्तविक लाभ लगभग खत्म हो जाता है। (वर्ष 2008 से ही जूनियर ऑफिसर प्रमोशन परीक्षा यानी E-0 परीक्षा भी चालू हुई।)
👉DEFI/DEAB कई वर्षों से अपनी आवाज उठाता आया है। उनकी दो प्रमुख मांगें लगातार दोहराई गईं—(1.) SAIL में सम्मानजनक पदनाम के साथ Supervisory Cadre की औपचारिक पहचान और (2.) Officer Cadre प्रमोशन (E-0 परीक्षा) नियमों का सरलीकरण जिसमें डिप्लोमा इंजीनियर्स को S-6 ग्रेड से ही E-0 परीक्षा के लिए एलिजिबल किया जाए। अब SEFI के इस पत्र के बाद उम्मीदे तेज हो गयी है।
👉 यह डिप्लोमा Engineers संगठन के ही प्रयासो का नतीजा रहा है की SAIL में ग़ैरकार्यपालक वर्ग कर्मियों के पदनाम में वर्ष 2024 में कुछ सम्मानजनक सुधार हुए है। हालाँकि इसमें आगे और सुधार होने की उम्मीद है जिसमे S3 से जूनियर इंजीनियर पदनाम की मांग प्रमुख है।

SEFI के प्रस्तावित Policy बदलाव —
👉 (तकनीकी स्ट्रीम) – S6 ग्रेड में सेवा अवधि (BE/B.TECH or Equivalent) के लिए (वर्तमान में 2 वर्ष) से घटाकर इसकी अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव है। वही (DIPLOMA In Engineering/B.sc.) के लिए जो सेवा अवधि (वर्तमान में 5 साल) है उसे घटा कर 2 साल करने का प्रस्ताव है।
👉सयंत्र में कुल सेवा अवधि को दो वर्ष (training सहित) करने की अनुशंसा है। वर्तमान में यह अवधि 10 साल है।
👉 प्रमोशनों की संख्या S6–S11 ग्रेड के कुल कर्मचारियों की संख्या के अधिकतम 4% तक रहे। फ़िलहाल यह 2% है।

👉प्रस्तावित Eligibility में सुधार सुझाव:
| (वर्तमान JO नीति) S6 और उससे ऊपर ग्रेड में सेवा अवधि | प्रस्तावित संशोधन | न्यूनतम योग्यता (तकनीकी स्ट्रीम) | न्यूनतम योग्यता (गैर-तकनीकी स्ट्रीम) |
|---|---|---|---|
| 2 वर्ष | NIL (कोई अनिवार्यता नहीं) | इंजीनियरिंग में डिग्री या समकक्ष | किसी भी निर्धारित प्रोफेशनल योग्यता |
| 5 वर्ष | 2 वर्ष | इंजीनियरिंग में डिप्लोमा / बी.एससी | ग्रेजुएट या समकक्ष |
👉चयन प्रक्रिया सुझाव: –
| पैरामीटर | वर्तमान Weightage | SEFI का प्रस्ताव |
|---|---|---|
| Written Test | 60% | 50% |
| Interview | 15% | 15% |
| Performance Rating | 9% | 9% |
| Length of Service | 16% | 10% |
| Qualification | वर्तमान में नहीं | 16% (BE/MBA/CA – 16, Diploma/B.Sc – 10) |
SEFI ने JO-2026 प्रमोशन साइकिल में ही बदलाव लागू करने का आग्रह किया –
👉SEFI का कहना है कि SAIL के कई विभागों में अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है और युवा तकनीकी कर्मचारियों की क्षमता का बेहतर उपयोग करने से शॉप फ्लोर प्रबंधन, शिफ्ट सुपरविजन और तकनीकी निर्णय लेने की प्रक्रिया मजबूत होगी। इसलिए SEFI ने अनुरोध किया है कि इन संशोधनों को JO-2026 प्रमोशन चक्र से लागू किया जाए, ताकि संगठन को तत्काल लाभ मिल सके।
Officers संघठन द्वारा उठाई गई Non-Executive डिप्लोमा इंजीनियरों की मांग—DEAB ने व्यक्त किया आभार
👉SAIL में डिप्लोमा इंजीनियर्स गैर-कार्यपालक वर्ग का हिस्सा हैं, जबकि SEFI स्वयं officers का प्रतिनिधित्व करने वाला एक प्रमुख संघठन है। इसलिए officers body का आगे बढ़कर junior-level technical कर्मचारियों के हित में आधिकारिक मांग उठाना पूरे तकनीकी समुदाय के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यह संगठनात्मक सहयोग की वह मिसाल है जो भविष्य में SAIL की तकनीकी मजबूती को नई दिशा दे सकती है।
👉डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन भिलाई (DEAB) ने SEFI की इस पहल पर विशेष रूप से आभार प्रकट किया है। अध्यक्ष राजेश शर्मा और महासचिव मोहमद रफ़ी ने कहा कि इंजीनियर्स डे पर हुई चर्चा के बाद SEFI द्वारा इस मुद्दे को औपचारिक रूप से SAIL प्रबंधन तक पहुँचाना तकनीकी कर्मचारियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकता है। DEAB पदाधिकारी पवन साहू ने भी इसे गर्व का विषय बताते हुए SEFI अध्यक्ष नरेंद्र बंछोर और उनकी टीम का धन्यवाद किया।
SAIL के संयंत्रों पर संभावित प्रभाव—तकनीकी नेतृत्व और उत्पादन गुणवत्ता दोनों को मिलेगी ऊर्जा
👉यदि इन प्रस्तावों को JO-2026 प्रमोशन चक्र से लागू किया जाता है, तो SAIL के संयंत्रों में तकनीकी सुपरविजन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। तेजी से निर्णय लेने की क्षमता, बेहतर शॉप-फ्लोर प्रबंधन, शिफ्ट-मॉनिटरिंग में मजबूती और सुरक्षित उत्पादन प्रक्रियाएँ संगठन की समग्र दक्षता को बढ़ाएँगी। इससे departments में officer-level engineering support उपलब्ध होगा, जिसका प्रत्यक्ष असर उत्पादन स्थिरता और तकनीकी विश्वसनीयता पर पड़ेगा।
निष्कर्ष: –
👉SEFI द्वारा SAIL को भेजा गया यह विस्तृत संशोधन प्रस्ताव केवल प्रमोशन पॉलिसी में सुधार का सुझाव नहीं है, बल्कि पूरे संगठन को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के लिए अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक गंभीर और रचनात्मक प्रयास है। यह कदम SAIL के तकनीकी कर्मचारियों के लिए नई संभावनाओं का रास्ता खोल सकता है और संगठन की इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूती प्रदान कर सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि JO-2026 प्रमोशन चक्र में इन सुधारों को किस रूप में लागू किया जाता है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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