E-0 Exam Eligibility पर DEFI का Masterstroke – SAIL के हजारों इंजीनियर्स के Career का Future दांव पर!

SAIL DIPLOMA ENGINEERS

– DIGITAL BHILAI NEWS –

01 – AUG. – 2025 – नई दिल्ली, विशेष संवाददाता।


दिल्ली बैठक में उठा करियर ग्रोथ और शिक्षा प्रोत्साहन राशि का मुद्दा


  • स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के डिप्लोमा इंजीनियरों की कॅरियर ग्रोथ और प्रोन्नति प्रक्रिया को लेकर राजधानी दिल्ली में हलचल तेज हो गई है।
  • डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन ऑफ इस्पात (DEFI) का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को सेल के कॉरपोरेट कार्यालय पहुंचा,
  • जहां अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) बी.एस. पोपली और मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) हरी मोहन झा से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर बात की

DEFI


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✅डिप्लोमा इंजीनियरों को S-6 से परीक्षा पात्रता की मांग 😃👌🏻

DEFI प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि डिप्लोमा इंजीनियरों को जैसे ही S-6 ग्रेड प्राप्त हो, उन्हें ई-0 परीक्षा देने की अनुमति मिलनी चाहिए। वर्तमान नियमों के कारण डिप्लोमा होल्डर्स को बहुत लंबे इंतजार के बाद ही यह मौका मिलता है।

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साथ ही संगठन ने अन्य कर्मचारियों के लिए भी सुझाव दिए:

  • बी.टेक धारक इंजीनियर → S-5 ग्रेड पर ही ई-0 परीक्षा की पात्रता मिले।

  • आईटीआई धारक कर्मचारी → S-6 के बाद 5 वर्ष का अनुभव पूरा करने पर परीक्षा में शामिल हो सकें।

  • अनुभव की गिनती → यह जॉइनिंग डेट से हो, न कि ग्रेड परिवर्तन के आधार पर।


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👏🏻शिक्षा प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की भी मांग 😀

DEFI नेताओं ने एक और अहम मुद्दा उठाया –

शिक्षा प्रोत्साहन (Education Incentive):- वर्तमान में, जो कर्मचारी सेवा के दौरान B.Tech कर रहे हैं, उन्हें केवल ₹10,000 की सहायता मिलती है।

DEFI ने प्रबंधन से मांग की कि इस राशि को बढ़ाकर कम से कम ₹50,000 किया जाए।
नेताओं का कहना है कि इससे कर्मचारियों को हायर एजुकेशन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और कंपनी को भी कुशल तकनीकी जनशक्ति का लाभ मिलेगा।


🥲16 साल इंतजार – डिप्लोमा इंजीनियरों का संघर्ष


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प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि जब भर्ती S-6 ग्रेड से होती थी, तब डिप्लोमा इंजीनियर 13 साल की सेवा के बाद परीक्षा में बैठ सकते थे।

लेकिन अब भर्ती S-3 ग्रेड से शुरू होने के कारण यह अवधि बढ़कर 16 वर्ष हो गई है।

नेताओं का कहना है कि यह स्थिति अनुचित है, क्योंकि आज भी कई विभागों में डिप्लोमा इंजीनियर्स शिफ्ट इंचार्ज जैसी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन प्रोन्नति की राह बेहद लंबी और कठिन है।


DEFI प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे सभी संयंत्रों के प्रतिनिधि 💪🏻


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दिल्ली पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में सेल के लगभग सभी प्रमुख संयंत्रों से डिप्लोमा इंजीनियर नेता शामिल रहे –

बीएसएल (बोकारो स्टील प्लांट) से संदीप कुमार

डीएसपी (दुर्गापुर स्टील प्लांट) से नंद किशोर घोष वैराग्य और गौरव शर्मा

बीएसपी (भिलाई स्टील प्लांट) से राजेश शर्मा और तारकेश्वर

आरएसपी (राउरकेला स्टील प्लांट) से तन्मय समल

आईएसपी (इस्को स्टील प्लांट) से गौतम नंदी, लव कुमार मन्ना और मीर मुशर्रफ


विश्लेषण: इन मांगों का असर क्या होगा?

यदि SAIL प्रबंधन इन मांगों पर सहमत होता है, तो:

  • हजारों डिप्लोमा इंजीनियरों की प्रोन्नति प्रक्रिया तेज होगी।

  • लंबे इंतजार से कर्मचारियों में फैली निराशा और असंतोष कम होगा।

  • अधिक इंजीनियर्स लीडरशिप रोल में आ पाएंगे, जिससे संयंत्रों में कार्यकुशलता बढ़ेगी।

  • शिक्षा प्रोत्साहन राशि बढ़ने से कर्मचारियों में हायर स्टडीज की प्रवृत्ति बढ़ेगी, जो कंपनी के लिए भी फायदेमंद है।


निष्कर्ष✅

SAIL में डिप्लोमा इंजीनियरों का योगदान किसी से छिपा नहीं है।
DEFI द्वारा दिल्ली में रखी गई ये मांगें अगर लागू होती हैं, तो डिप्लोमा होल्डर्स का 16 साल का इंतजार घट सकता है और उनके करियर ग्रोथ का रास्ता आसान होगा।

अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सेल प्रबंधन उनकी आवाज़ को कितना महत्व देता है और ठोस निर्णय कब लेता है।


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रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS 

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