SAIL Bonus Update 2025: सितंबर में निर्णायक बैठक, जानिए क्या है कर्मचारियों की प्रतिक्रियाएं❓
– DIGITAL BHILAI NEWS – (UPDATE ON SAIL BONUS)
25 अगस्त 2025
- स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के कर्मचारियों के बहु-प्रतीक्षित BONUS पर अगली बड़ी बैठक अब सितंबर के तीसरे हफ्ते में होने जा रही है।
- नई दिल्ली में 19 और 20 सितंबर को प्रस्तावित इस वार्ता में कंपनी प्रबंधन और नेशनल जॉइंट कमेटी फॉर स्टील (NJCS) के नेता आमने-सामने बैठेंगे।
- रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा बोनस फॉर्मूले के तहत अधिकतम राशि 28–29 हजार रुपये ही बन पा रही है।
- ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब बोनस पहले से फिक्स है तो, बैठक की ज़रूरत क्यों ?
- आइए जानते है इस पर कर्मचारियों की प्रतिक्रियाएं 👇🏻
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पृष्ठभूमि: Bonus फॉर्मूला और उसकी सीमा
👉SAIL में वर्कमेन कैडर के लिए हर साल त्योहारों से पहले बोनस/एक्स-ग्रेशिया दिया जाता है। इसकी गणना एक निर्धारित फॉर्मूले से होती है जिसमें उत्पादन, मुनाफ़ा और अन्य आर्थिक सूचकांकों को ध्यान में रखा जाता है।
👉इस फॉर्मूले की वजह से बोनस की अधिकतम सीमा 28–29 हजार रुपये तक ही सीमित हो जाती है।
👉यूनियन नेताओं का कहना है कि 2026 तक यही पैटर्न जारी रह सकता है।
👉कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि इस फॉर्मूले की समीक्षा की जाए ताकि महंगाई और बढ़ते उत्पादन लक्ष्य के अनुपात में उन्हें वास्तविक लाभ मिल सके।

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मीटिंग की रूपरेखा
प्रस्तावित तिथि: 19–20 सितंबर 2025 (नई दिल्ली में)
पार्टिसिपेंट्स: SAIL प्रबंधन, NJCS से जुड़ी प्रमुख यूनियनें (INTUC, AITUC, HMS आदि)।
एजेंडा:
1. मौजूदा फॉर्मूले की समीक्षा।
2. भुगतान की सीमा बढ़ाने पर चर्चा।
3. डिस्बर्सल टाइमलाइन—त्योहारी सीजन से पहले बोनस क्रेडिट करने का दबाव।
प्रबंधन फिलहाल फॉर्मूले से बाहर जाने के पक्ष में नहीं दिख रहा, लेकिन यूनियनें ‘एडहॉक टॉप-अप’ या ‘एकमुश्त एक्स-ग्रेशिया’ की मांग उठा सकती हैं।
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कर्मचारियों की प्रतिक्रियाएँ ✍️
बैठक की खबर आते ही कर्मचारियों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
एक कर्मचारी का कहना है:
“जब बोनस की राशि फॉर्मूले से पहले से तय है, तो फिर ये बैठकें किसलिए हो रही हैं? हमें हर बार यही बताया जाता है कि बोनस 28–29 हजार से ऊपर नहीं जा सकता।”
दूसरे कर्मचारी ने व्यंग्य करते हुए कहा:
“बोनस तो हमारे लिए फिक्स है, पर इन NJCS नेताओं का कमीशन तो फिक्स नहीं है। शायद इसलिए इतनी लंबी-लंबी मीटिंगें होती हैं।”
ये प्रतिक्रियाएँ इस बात की ओर इशारा करती हैं कि कर्मचारियों में बोनस “फार्मूला” को लेकर असंतोष है।
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संभावित परिदृश्य
1. जैसा है वैसा ही रहेगा ?
बोनस ~28–29 हजार रुपये तय फार्मूला के अनुसार ?
समय पर निर्णय हुआ तो सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत तक राशि खातों में आ सकती है।
2. आंशिक रियायत/टॉप-अप?
प्रबंधन यदि दबाव मानता है तो अतिरिक्त ex-gratia दिया जा सकता है।
राशि 30–32 हजार रुपये तक पहुँच सकती है।
3. फॉर्मूला संशोधन (कम संभावना)
बोनस फार्मूला संशोधन कर भविष्य में अधिक भुगतान का रास्ता खुल सकता है।
इसके लिए SAIL बोर्ड और मंत्रालय की मंजूरी आवश्यक होगी।
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भिलाई स्टील प्लांट पर असर❗
भिलाई जैसे बड़े प्लांट्स में बोनस वितरण का असर सीधे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
👉रिटेल और बाजार: त्योहारों से पहले उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा।
👉कर्मचारी मनोबल: यदि राशि जस की तस रही तो असंतोष उभर सकता है।
👉औद्योगिक शांति: यूनियनों की रणनीति और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि बातचीत सौहार्दपूर्ण रहती है या संघर्ष की स्थिति बनती है।
विश्लेषण: सवालों के घेरे में NJCS
कर्मचारियों की राय से एक बात साफ है—जब तक बोनस फार्मूला जस की तस है, तब तक वार्ता का परिणाम “पूर्व निर्धारित” ही माना जा रहा है। यही कारण है कि मीटिंग्स को लेकर संदेह और व्यंग्य बढ़ रहे हैं।
❗क्या यूनियन नेता केवल औपचारिकता निभा रहे हैं?
❗क्या वास्तव में फॉर्मूला संशोधन की कोई संभावना है?
❗या यह केवल प्रबंधन और यूनियनों के बीच वार्षिक रस्मअदायगी भर है?
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निष्कर्ष
SAIL बोनस 2025 पर सितंबर की बैठक से कर्मचारियों को बहुत उम्मीद नहीं है। फॉर्मूले की सीमा ने भुगतान को पहले से ही परिभाषित कर दिया है। अब देखना होगा कि यूनियनें अपने दबाव के बल पर कोई अतिरिक्त रियायत या टॉप-अप दिला पाती हैं या नहीं। अन्यथा, कर्मचारियों के शब्दों में, “बोनस तो फिक्स है—मीटिंगें केवल रस्म” बनकर रह जाएँगी।
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✍🏻 रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

