🚨 SAIL Bonus Declared: 29,500 पर भड़के कर्मचारी, यूनियनें हड़ताल और CAT केस की तैयारी में

BSP BONUS SAIL 2025

– DIGITAL BHILAI NEWS – 

– 22 – SEPTEMBER – 2025 – (SAIL BONUS NEWS)



  • त्योहारी सीज़न से पहले Steel Authority of India Limited (SAIL) ने अपने कर्मचारियों के लिए बोनस की घोषणा कर दी है।
  • ऑफिशियल सर्कुलर में नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों को ₹29,500 और प्रशिक्षु कर्मचारियों को ₹23,600 दिए जाने का प्रावधान है।
  • लेकिन कर्मचारियों के अनुसार यह बोनस बिना समझौते के उनपर जानबूझ कर थोपा गया अवैध निर्णय है
  • और आज सुबह एक मीडिया अख़बार में बोनस का यह आंकड़ा अलग—₹31,000 बताया था।
  • इसी भ्रम ने कर्मचारियों में नाराज़गी और बढ़ाई।
  • अब स्थानीय यूनियनें इस अवैध निर्णय का पुरजोर विरोध करते हुए हड़ताल और CAT (Central Administrative Tribunal) में कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रही हैं।
  • आइये जानते है कर्मचारियों की नाराजगी के मुख्य कारण 👇


SAIL का ASPLIS नोटिस: क्या लिखा है?

👉ऑफिशियल सर्कुलर (22 सितंबर 2025)

👉नॉन-एग्जीक्यूटिव: ₹29,500

Join WhatsApp

👉प्रशिक्षु: ₹23,600

SAIL BONUS CIRCULAR

👉बोनस 23 सितंबर तक कर्मचारियों के वेतन खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाएगा। (सम्भवतः आज रात तक)

👉नियम: यदि कोई कर्मचारी हड़ताल या अवैध कार्य रुकावट करता है, तो उसे बोनस से वंचित किया जा सकता है।



क्यों अवैध है यह निर्णय?

  • एनजेसीएस (NJCS – National Joint Committee for Steel) का संविधान साफ कहता है कि—
    👉 “किसी भी बोनस/सैलरी/इंसेंटिव संबंधित निर्णय को सभी यूनियनों की आम सहमति (Consensus) से ही पास किया जाएगा।”

  • SAIL प्रबंधन लगातार तीसरी बार बिना बोनस समझौता किए सीधे कर्मचारियों के खाते में राशि डाल रहा है।

  • यानी एक साजिश के तहत Negotiation Table की प्रक्रिया को बायपास किया जा रहा है।

SAIL NJCS BONUS MEETING 2025

  • NJCS का संविधान कहता है कि बोनस/इंसेंटिव पर समझौता (Agreement) होना चाहिए और वह भी सभी यूनियनों की सहमति से।



7 कूटनीतियां: बोनस मीटिंग में यूनियनों और मैनेजमेंट का खेल

कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि बोनस बातचीत में कई स्तरों पर “माइंड गेम्स” खेले गए—

  1. यूनियनों ने ₹40,500 की मांग उठाकर आगे की उच्च मांग का रास्ता बंद कर दिया।

  2. फॉर्मूला बदलने पर कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया।

  3. पुराने फॉर्मूले पर ही ₹36,000 बोनस की मांग रखी गई।

  4. अफवाह फैलाई गई कि चेयरमैन ₹31,500 पर मान गए, लेकिन बैठक में कहा गया कि वे केवल ₹30,500 पर सहमत हैं।

  5. बीएमएस नेता डी.के. पांडेय ने ₹32,500 की मांग रखी, जबकि फॉर्मूला आधार पर यह ₹31,154 निकलता था।

  6. एक बैठक में राजेंद्र सिंह ने अचानक ₹31,000 का समर्थन कर दिया, जिस पर विवाद हुआ।



अन्य PSU कंपनियों का बोनस: तुलना चौंकाने वाली

  • Coal India → ₹96,000+ बोनस पर समझौता होने की पूर्ण संभावना,

  • NMDC₹1,68,500 बोनस दिया गया  + 7 ग्राम सोने का सिक्का।

  • Nalco, NTPC, IOCL, ONGC, BPCL, PowerGridPRP का भुगतान शांति से।

  • Tata Steel → 13%–20% बोनस, ₹40,000 से ₹3,20,000 तक।

👉तुलना से साफ है कि SAIL कर्मचारियों को अन्य कंपनियों की तुलना में बेहद कम राशि मिल रही है।



❓ कड़वे सवाल

  1. यूनियनों ने केवल ₹40,500 से ही मांग क्यों शुरू की?

  2. अवैध फॉर्मूले पर ₹36,000 मांगने की मजबूरी क्यों आई?

  3. नया फॉर्मूला पिछले तीन साल से क्यों नहीं लाया गया?

  4. बोनस पर चर्चा के लिए एक साल का इंतज़ार क्यों करना पड़ा?

  5. क्या यूनियनें कर्मचारियों के बजाय मैनेजमेंट के लिए काम कर रही हैं?



स्थानीय यूनियनों का विरोध

भिलाई समेत कई संयंत्रों में स्थानीय यूनियनों ने इस घोषणा को तानाशाही फैसला बताया है।
उनका कहना है कि कर्मचारियों की मेहनत और उत्पादन क्षमता को नज़रअंदाज़ कर बहुत कम राशि थोप दी गई।
यूनियनें अब दो रास्तों पर विचार कर रही हैं:

  • हड़ताल (Strike): ताकि प्रबंधन पर दबाव बने।

  • CAT केस: बोनस फॉर्मूले और राशि को कानूनी चुनौती देने के लिए।



विश्लेषण: भरोसे का संकट

  • दूसरी कंपनियों में लाखों का बोनस और SAIL में केवल 29,500 ? और वो भी पूरी तरह अवैध निर्णय, यह अंतर कर्मचारियों के असंतोष को बढ़ा रहा है।

  • केंद्रीय यूनियनों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।

  • सरकार और इस्पात मंत्रालय की चुप्पी भी कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है।



SAIL के विभन्न संयंत्र जहा कर्मियों को यह राशि भेजी जाएगी –

  • BSP (Bhilai Steel Plant)

  • DSP (Durgapur Steel Plant)

  • RSP (Rourkela Steel Plant)

  • BSL (Bokaro Steel Plant)

  • ISP (IISCO, Burnpur)

  • ASP (Alloy Steel Plant)

  • SSP (Salem Steel Plant)

  • VSP (Visvesvaraya Steel Plant)

  • CMO Kolkata, EMD Kolkata, CFP Chandrapur, CCSO Dhanbad, SRU Bokaro और SAIL की कोल माइंस



अगली खबर पढ़े : – SAIL भिलाई इस्पात संयंत्र की टीम “सजग” को गोल्ड अवार्ड | Quality Circle Forum Pune 2025



 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *