BSP में RFID एंट्री सिस्टम पर विवाद तेज, वर्कर्स यूनियन की बैठक में संयंत्र कर्मियों ने जताया कड़ा विरोध
– DIGITAL BHILAI NEWS –
24 अगस्त 2025 – भिलाई
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भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में 30 अक्टूबर से लागू होने जा रही तथाकथित RFID ID Card आधारित एंट्री सिस्टम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
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बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने इस फैसले को कर्मचारियों के खिलाफ दमनकारी नीति बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
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यूनियन की बैठक में संयंत्र कर्मियों ने प्रबंधन के इस “तुगलकी फैसले” की तीखी आलोचना की।
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कर्मचारियों का कहना था कि जब तक प्रबंधन कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराता, तब तक इस तरह की नीतियाँ केवल कर्मचारियों को परेशान करने का साधन साबित होंगी।

👉आइए जानते है विरोध की असली वजह 👇
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कर्मचारियों की मूलभूत समस्याएँ अनसुलझी⁉️
❗यूनियन ने सवाल उठाया है कि आज तक प्रबंधन कर्मचारियों को सबसे सामान्य सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं करा पाया है।
👉रेस्टरूम और टॉयलेट की खराब हालत⁉️
कर्मचारियों का कहना है उनके डिपार्टमेंट में रेस्ट रूम की हालत खराब है, टॉयलेट में हमेशा गंदगी रहती है। नल टूटे हुए दिन रात पानी बहता रहता है।
👉कैंटीन की स्थिति दयनीय है और कर्मचारियों को मूलभूत सुविधा तक नसीब नहीं हो रही।
👉प्लांट अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी है, अच्छे इलाज के लिए कर्मचारी और उनके परिवार परेशान रहते हैं।

👉टाउनशिप की स्थिति जर्जर है। बारिश आते ही पानी भर जाता है और कई मकानों की छतें गिरने की कगार पर हैं।
⁉️ BWU यूनियन ने कहा कि जब इतनी गंभीर समस्याएँ अनसुलझी हैं, तो प्रबंधन को पहले इन पर ध्यान देना चाहिए, न कि RFID जैसे प्रयोग थोपने चाहिए।
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सिर्फ भिलाई में ही क्यों लागू होती हैं कठोर नीतियाँ❓
❌BSP वर्कर्स यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन हमेशा दमनकारी नीतियाँ सिर्फ भिलाई यूनिट पर ही लागू करता है, जबकि सेल (SAIL) की अन्य यूनिट्स और माइंस में इन नीतियों को लागू नहीं किया जाता।
❌बायोमेट्रिक सिस्टम आज तक माइंस में लागू नहीं हो पाया।
❌विवादित NEPP प्रमोशन पॉलिसी भी माइंस या अन्य सेल यूनिट्स में लागू नहीं है।
✔️यूनियन का कहना है कि अगर नीतियाँ कर्मचारियों के हित में होतीं, तो उन्हें सभी यूनिट्स में लागू किया जाता।
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RFID से नहीं मिलेगा कोई वास्तविक लाभ⁉️
👉🏻प्रबंधन का दावा है कि RFID सिस्टम लागू होने से सुरक्षा मजबूत होगी और ठेका श्रमिकों की स्थिति में सुधार आएगा।
लेकिन यूनियन ने इसे पूरी तरह खारिज❌ करते हुए कहा कि:
❗बायोमेट्रिक सिस्टम के समय भी यही वादे किए गए थे, लेकिन ठेका श्रमिकों की हालत आज भी जस की तस है।
❗RFID से भी कोई वास्तविक सुधार नहीं होगा।
❗यह केवल कर्मचारियों की निगरानी और दबाव बनाने का नया तरीका है।
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बोनस जैसे मुद्दों की अनदेखी👀
👉यूनियन ने तंज कसते हुए कहा कि जब कर्मचारियों को बोनस और वेतन सुधार जैसे अहम मुद्दों पर राहत की उम्मीद है, तब प्रबंधन इस तरह की व्यवस्थाओं में व्यस्त है।
“बोनस पर कोई ठोस नीति बनाने की बजाय RFID जैसी योजनाएँ लाना कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी है।”
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यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी⚠️
⚠️BSP वर्कर्स यूनियन ने घोषणा की है कि यदि RFID सिस्टम को जबरन लागू किया गया तो इसके खिलाफ पूरे संयंत्र स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
⚠️यूनियन ने कर्मचारियों से आह्वान किया है कि वे इस नीति के विरोध में एकजुट हों।
बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे –
यूनियन अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता, शिवबहादुर सिंह, अमित बर्मन, दिलेश्वर राव, विमल कुमार पाण्डेय, मनोज डडसेना, लूमेश कुमार, प्रदीप सिंग, संदीप सिंह, कृष्णमूर्ति, नितिन कश्यप, राजकुमार सिंह, कुंते लाल साहू, अभिषेक सिंह, पवन साहू, कन्हैया लाल अहीर, ऋषभ घोष, किशोर साहो, दीपेश कुमार चुघ, अजय तामुरिया, रवि सोनी, हर्ष भारद्वाज, प्रवीण यादव, रणजीत सिंह, मनीष यादव आदि।
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निष्कर्ष
भिलाई स्टील प्लांट में RFID कार्ड सिस्टम को लेकर खींचतान तेज हो गई है। एक ओर प्रबंधन सुरक्षा और पारदर्शिता का हवाला दे रहा है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी संगठन इसे दमनकारी नीति करार देकर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
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✍🏻रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

