रावघाट माइंस में ST कर्मचारियों की आवाज़ बुलंद: BSP शेड्यूल्ड ट्राइब एम्प्लाईज वेलफेयर एसोसिएशन ने किया संगठन का विस्तार
– DIGITAL BHILAI NEWS –
– 26 – SEPTEMBER – 2025 –
- भिलाई स्टील प्लांट शेड्यूल्ड ट्राइब एम्प्लाईज वेलफेयर एसोसिएशन ने रावघाट माइंस (Ravghat Mines) में पहुंचकर अनुसूचित जनजाति (ST EMPLOYEES) कर्मचारियों की समस्याओं को नज़दीक से जाना और संगठन का विस्तार करते हुए नई समिति का गठन किया।
- इस अवसर पर कर्मचारियों ने खुलकर अपनी समस्याओं को साझा किया और संगठन ने इन्हें प्रबंधन एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (National Commission for Scheduled Tribes) के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।
- आइये विस्तार से जानते है बैठक में क्या रहा खास?
बैठक का उद्देश्य और संगठन की भूमिका
👉एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य (ST EMPLOYEES) कर्मचारियों के हितों की रक्षा, उनके कल्याण से जुड़े मुद्दों को उठाना और कर्मचारियों की समस्याओं को प्रबंधन स्तर पर हल करवाना है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि वह केवल मांग रखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समस्याओं के समाधान तक लगातार संघर्ष करेगा।

कर्मचारियों की प्रमुख समस्याएं
👉पूर्व में रावघाट माइंस के दौरे के दौरान प्रबंधन को कर्मचारियों द्वारा समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
👉इससे वहां कार्यरत कर्मचारी निराश और प्रभावित हैं। कर्मचारियों द्वारा उठाई गई प्रमुख समस्याएं निम्नलिखित हैं –
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कैंटीन सुविधा का अभाव – माइंस (Ravghat Mines) क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को भोजन व नाश्ते की व्यवस्था नहीं मिल रही है।
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शैक्षिक शुल्क प्रतिपूर्ति – बच्चों के ट्यूशन, वार्षिक शुल्क या अन्य शैक्षिक खर्चों की प्रतिपूर्ति न होने से कर्मचारियों को आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है।
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मेडिकल इंश्योरेंस की कमी – केवल सेक्टर-9 अस्पताल तक सीमित इलाज की सुविधा के अलावा अन्य निजी अस्पतालों में इलाज पर खर्च राशि की प्रतिपूर्ति के लिए क्लेम की सुविधा नहीं है। कर्मचारियों ने मेडिकल इंश्योरेंस की मांग की है ताकि आसपास के अस्पतालों में इलाज संभव हो सके।
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HRA संशोधन की मांग – कर्मचारियों को ज्वाइनिंग समय के पुराने बेसिक वेतन पर आधारित 10% HRA दिया जा रहा है, जो मौजूदा महंगाई के हिसाब से बेहद कम है।
👉संगठन ने कहा कि इन मुद्दों के अलावा अन्य भी बहुत सारी समस्याएं हैं जिस पर वह जल्द ही प्रबंधन और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के साथ पत्राचार करेगा ताकि कर्मचारियों को वास्तविक लाभ मिल सके। क्योंकि सभी कर्मचारियों के साथ-साथ इसमें सदस्यगण भी प्रभावित हैं।
नई समिति का गठन
👉इस दौरे के दौरान संगठन ने रावघाट माइंस में अपने संगठन का विस्तार किया और निम्नलिखित पदों के लिए सदस्यों का चयन विभागीय समिति के लिये किया गया:
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अध्यक्ष: श्री धारावत मधु
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उपाध्यक्ष: श्री देवेन्द्र कुमार मरकाम
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सचिव: श्री भुवनेश्वर कांगे
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सह-सचिव: श्री सुरेश जूरी
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कोषाध्यक्ष: श्री प्रदीप कुमार
सक्रिय सदस्यों का योगदान
👉इस बैठक को सफल बनाने में रावघाट माइंस व एसोसिएशन के कई पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इनमें प्रमुख रूप से –
श्री मोरध्वज सिंह, श्री चंदुराम कोरेटी, श्री दिलीप कुमार ठाकुर, श्री प्रदीप कोठारी, श्री गजेन्द्र कुमार भूआर्य, श्री अविनाश बरसा, श्री धारावत मधु, श्री देवेन्द्र कुमार मरकाम, श्री भुवनेश्वर कांगे, श्री सुरेश कुमार के साथ-साथ संगठन के अध्यक्ष श्री प्रदीप टोप्पो, महासचिव श्री श्याम सुंदर मुर्मू, कोषाध्यक्ष श्री भिमांशु कच्छप, संयुक्त कोषाध्यक्ष श्री हेमलाल करमाली एवं संयुक्त महासचिव (प्रथम) श्री ललित कुमार बघेल शामिल रहे।
विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह विस्तार?
Ravghat Mines छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्र में स्थित है, जहां बड़ी संख्या में ST कर्मचारी कार्यरत हैं।
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यहां की समस्याएं बेसिक सुविधाओं से जुड़ी हैं, जिनका समाधान सीधा कर्मचारियों के जीवनस्तर को प्रभावित करेगा।
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यदि संगठन इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाता है तो यह न सिर्फ रावघाट बल्कि देशभर के खनन क्षेत्रों में कार्यरत ST कर्मचारियों के लिए उदाहरण बन सकता है।
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प्रबंधन और सरकार पर दबाव बनेगा कि वे समान अधिकार और सुविधाएं सुनिश्चित करें।
- यह बैठक STs कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। संगठन ने भविष्य में भी रावघाट माइंस में कार्यरत कर्मचारियों के हितों के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया है

👉BHILAI STEEL PLANT शेड्यूल्ड ट्राइब एम्प्लाईज WELFARE ASSOCIATION का यह दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि ST कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद है। संगठन ने साफ कहा है कि वह उनकी समस्याओं को हर स्तर पर उठाएगा और जल्द ही समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
रावघाट माइंस में संगठन का यह विस्तार न सिर्फ कर्मचारियों को संगठित करेगा बल्कि उनकी आवाज़ को और बुलंद बनाएगा।
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K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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