रावघाट माइंस: कर्मचारियों की पुकार — कब मिलेगा कैंटीन, शिक्षा प्रतिपूर्ति, हाउस अलाउंस और मेडिकल सुविधाओं का लाभ?
“रावघाट माइंस- भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारियों की लंबित मांगों पर एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन, कहा — “वादे बहुत हुए, अब ठोस कदम चाहिए। ….”
- छत्तीसगढ़ के Raoghat Mines में कार्यरत भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों (BSP Employees) ने एक बार फिर अपनी लंबित समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है।
- भिलाई स्टील प्लांट Scheduled Tribe Employees Welfare Association ने Raoghat Mines का दौरा कर कर्मचारियों से बातचीत की और उनकी जमीनी परेशानियों को समझने के बाद, एक विस्तृत ज्ञापन निदेशक प्रभारी, बीएसपी प्रबंधन को सौंपा।
इस ज्ञापन को श्री रोहित हरित (सम्पर्क अधिकारी, SC/ST Employees, AGM-HR Iron) के माध्यम से प्रबंधन को सौंपा गया। इसमें चार प्रमुख मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है —
👉 कैंटीन सुविधा
👉 शिक्षा प्रतिपूर्ति
👉 मेडिकल सुविधाएँ
👉 हाउस रेंट अलाउंस (HRA) संशोधन

Raoghat Mines में कैंटीन सुविधा का अभाव — कर्मचारियों की बुनियादी जरूरत अधूरी❗
👉एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप टोप्पो ने बताया कि रावघाट माइंस में लगभग 23 नियमित कर्मचारी और 250 ठेका कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन आज तक वहां कोई कैंटीन सुविधा शुरू नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों को नाश्ता और भोजन के लिए रोज़ाना संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि:
“कैंटीन की सुविधा कर्मचारियों की बुनियादी जरूरत है। जब तक उन्हें संतुलित भोजन नहीं मिलेगा, कार्यक्षमता और सेहत दोनों प्रभावित होंगे। प्रबंधन को तुरंत इसका समाधान करना चाहिए।”
👉एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि कैंटीन स्थापना से न केवल कर्मचारियों की आवश्यकताएं पूरी होंगी, बल्कि उत्पादकता भी बढ़ेगी।
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शिक्षा प्रतिपूर्ति का अभाव — बढ़ता आर्थिक बोझ
👉कर्मचारियों ने शिकायत की है कि बच्चों की ट्यूशन फीस, यूनिफॉर्म खर्च और शिक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की सुविधा रावघाट माइंस में नहीं मिल रही है।
👉एसोसिएशन ने मांग की है कि:
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रावघाट माइंस के कर्मचारियों को भी SAIL की अन्य यूनिट्स के समान लाभ दिए जाएं।
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माइंस क्षेत्र में काम करने वालों के लिए अतिरिक्त विशेष खर्च की प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान किया जाए।
मेडिकल सुविधा पर संकट — ‘बीमार पड़ने पर परेशानी दोगुनी’
👉मेडिकल सुविधाएं रावघाट माइंस का सबसे गंभीर मुद्दा बताया गया। वर्तमान में इलाज के लिए कर्मचारियों को केवल भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है और निजी अस्पतालों में खर्च की प्रतिपूर्ति न होना कर्मचारियों के लिए संकट है। नारायणपुर से भिलाई तक की दूरी और खराब सड़कों के कारण आपात स्थिति में इलाज मुश्किल हो जाता है।
👉फिलहाल कर्मचारी नारायणपुर जिला अस्पताल, नारायणा अस्पताल और CSR के तहत बने स्वास्थ्य केंद्र (खोंड़गांव – 12 किमी, दण्डकवन – 22 किमी) पर आश्रित हैं, लेकिन ये केंद्र सिर्फ शाम 5 बजे तक ही संचालित होते हैं।
👉एसोसिएशन ने मांग की है कि:
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रावघाट माइंस में स्थायी मेडिकल टीम की तैनाती हो।
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स्थानीय क्लीनिकों में खर्च की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की सुविधा दी जाए।
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कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा (Medical Insurance) का विकल्प सुनिश्चित किया जाए।
HRA संशोधन की मांग — “10% अब काफी नहीं”
👉वर्तमान में कर्मचारियों को उनके बेसिक वेतन का सिर्फ 10% हाउस रेंट अलाउंस (HRA) दिया जा रहा है।
एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा महंगाई दर के अनुसार यह राशि अत्यंत कम है और इसमें तुरंत संशोधन होना चाहिए।
👉एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि एचआरए को महंगाई दर (DA Index) के अनुरूप बढ़ाया जाए, ताकि कर्मचारियों की जीवन-यापन लागत का बोझ कम हो सके।
“वादे बहुत हुए, अब ठोस कार्रवाई चाहिए” — एसोसिएशन का बयान
👉महासचिव श्री श्याम सुंदर मुर्मू ने कहा:
“एक साल पहले जब तत्कालीन निदेशक प्रभारी ने दौरा किया था, तब कर्मचारियों ने यही समस्याएँ बताई थीं। अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।”
👉उन्होंने बताया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय इस्पात मंत्री, इस्पात राज्यमंत्री, SAIL चेयरमैन और क्षेत्रीय अधिकारियों को भी भेजी गई है ताकि उच्च स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा सके।
👉संयुक्त महासचिव (प्रथम) श्री ललित कुमार बघेल ने कहा:
“Raoghat Mines BSP/SAIL की रीढ़ है। कर्मचारियों की यह पुकार अनसुनी नहीं रहनी चाहिए। यह प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे।”
अब उम्मीद ‘वायदों से नहीं, फैसलों से’
👉Raoghat Mines के कर्मचारियों की समस्याएं कोई नई नहीं हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के बाद ठोस समाधान का अभाव दिखाई देता है।
👉अब जबकि यह मुद्दा पुनः उठाया गया है, कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस बार प्रबंधन केवल “सुनने” पर नहीं, बल्कि “करने” पर ध्यान देगा।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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