Whistleblower Victory: Rajeev Bhatia की कहानी, SAIL CMO घोटाला और आखिरकार CBI FIR
– DIGITAL BHILAI NEWS –
31 – JULY – 2025
- स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के सेंट्रल मार्केटिंग ऑर्गेनाइजेशन (CMO) में हुए कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पूर्व GM (कमर्शियल) Rajeev Bhatia की लंबी लड़ाई आखिरकार रंग लाई है।
- जिन कंपनियों और अधिकारियों पर उन्होंने सवाल उठाए थे, उनके खिलाफ अब CBI ने औपचारिक FIR दर्ज कर ली है।
- यह FIR 25 जुलाई 2025 को CBI की AC‑III ब्रांच, नई दिल्ली में दर्ज हुई।
📅 पूरा घटनाक्रम: कब क्या हुआ
17 नवंबर 2022 – राजीव भाटिया ने SAIL के वाणिज्यिक लेनदेन में गड़बड़ी और संदिग्ध कंपनियों को लाभ पहुँचाने की शिकायत दर्ज कराई।
24 नवंबर 2022 – शिकायत के कुछ ही दिनों बाद उन्हें अचानक निलंबित कर दिया गया।
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1 दिसंबर 2022 – भाटिया ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को विस्तृत शिकायत भेजी।
11 जनवरी 2023 – यह शिकायत लोकपाल तक पहुँची।
28 मार्च 2023 – लोकपाल ने CVC (Central Vigilance Commission) से प्रारंभिक जाँच की सिफारिश की।
28 जुलाई 2023 – CVC ने रिपोर्ट सौंपी, जिसमें गंभीर गड़बड़ियों की पुष्टि हुई।
10 जनवरी 2024 – लोकपाल ने औपचारिक रूप से CBI जांच के आदेश दिए।
19 जनवरी 2024 – SAIL ने 29 वरिष्ठ अधिकारियों (जिनमें दो निदेशक भी शामिल थे) को निलंबित कर दिया।
जून 2024 – राजनीतिक दबाव के बाद अधिकांश निलंबन रद्द कर दिए गए और अधिकारी बहाल हो गए।
अक्टूबर 2024 – मीडिया रिपोर्ट्स (The Wire, PSU Watch, IndianPSU) में यह सामने आया कि CBI ने कंपनियों और अज्ञात SAIL अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
11 फरवरी 2025 – व्हिसलब्लोअर राजीव भाटिया को SAIL ने जबरिया प्री‑मैच्योर रिटायरमेंट दे दिया।
25 जुलाई 2025 – अंततः CBI ने FIR दर्ज कर जाँच औपचारिक रूप से शुरू कर दी।

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🏛️ शिकायत से FIR तक का सफर
राजीव भाटिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कुछ निजी कंपनियों को फर्जी टेंडर, ओवरइनवॉइसिंग और गैर‑पारदर्शी डील्स के ज़रिए करोड़ों का फायदा पहुँचाया गया।
CVC की रिपोर्ट में गड़बड़ियों की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकपाल ने CBI को जाँच सौंपी। लगभग 20 महीने की लंबी प्रक्रिया और देरी के बाद 25 जुलाई 2025 को FIR दर्ज हुई।
🔍 FIR का विवरण और आरोपी
धाराएँ: IPC 120B (आपराधिक साजिश), PC Act 1988 (धारा 7, 8, 9)
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FIR दर्ज करने वाली एजेंसी: CBI, AC‑III, नई दिल्ली
आरोपी:
- M/s Avon Steel Industries Pvt. Ltd.
- अज्ञात SAIL अधिकारी
- अज्ञात निजी पक्ष
FIR में यह स्पष्ट किया गया है कि पब्लिक सर्वेंट्स के नाम लोकपाल (Complaint Rules 2020) के तहत सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे।
Whistleblower को मिली ‘सजा’
विडंबना यह रही कि इस भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले राजीव भाटिया को ही SAIL ने 11 फरवरी 2025 को जबरिया रिटायरमेंट थमा दिया। आदेश में उनके खिलाफ “ईमानदारी पर संदेह” और “दुर्व्यवहार” जैसे आरोप गिनाए गए।
यह कदम देश में Whistleblower सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
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❓ सिस्टम पर सवाल
जनवरी 2023 की शिकायत से जुलाई 2025 की FIR तक पहुँचना, और बीच में शिकायतकर्ता को दंडित करना इस बात का प्रतीक है कि सिस्टम अब भी पारदर्शी नहीं है।
फिर भी, राजीव भाटिया की लड़ाई यह साबित करती है कि अगर हिम्मत और सच्चाई से आवाज़ उठाई जाए तो न्याय देर से ही सही, लेकिन मिलता है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़
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K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

