“ज़िंदगी के बाद भी जीवन बचाने का संकल्प” – BSP की Deputy Manager Ms. Glamika Patel ने Organ Donation का दिया अनोखा संदेश
– DIGITAL BHILAI NEWS – 02 – OCTOBER – 2025 – (ORGAN DONATION)
“भिलाई से निकला मानवता का अनोखा संदेश”
- Jawaharlal Nehru Hospital & Research Centre, Sector-9 में अगस्त 2025 में आयोजित “विश्व अंगदान महोत्सव 2025” ने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया।
- इस आयोजन में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की Deputy Manager, Ms. Glamika Patel ने एक ऐसा संदेश दिया जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को गहराई से प्रभावित कर दिया।
- अपने दमदार व्यक्तित्व और दिल को छू लेने वाले शब्दों से Glamika ने कहा –
👉 “मेरी माँ और मैं मृत्यु के बाद अपना शरीर दान करने के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि हमारी मौत व्यर्थ न जाए, बल्कि हमारे अंग किसी और की ज़िंदगी की रोशनी बनें।”
👉उनकी यह घोषणा न केवल भावुक कर देने वाली थी, बल्कि समाज में Organ Donation जैसे संवेदनशील विषय पर नई बहस और नई जागरूकता की शुरुआत भी कर गई।

क्यों ज़रूरी है Organ Donation?
👉भारत जैसे विशाल देश में लाखों लोग किडनी, लिवर, हार्ट और कॉर्निया ट्रांसप्लांट के इंतजार में जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहते हैं। आंकड़े बताते हैं कि:
👉देश में हर साल लाखों लोग Organ Transplant की सूची में होते हैं।
👉लेकिन हर 10 लाख लोगों में सिर्फ 0.5 लोग ही अंगदान के लिए आगे आते हैं।
Source – https://www.organindia.org/deceased-organ-donation-data/

👉ऐसी स्थिति में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी उद्देश्य से Jawaharlal Nehru Hospital ने इस भव्य आयोजन की शुरुआत की।

Glamika Patel का दमदार संदेश
कार्यक्रम के दौरान Ms. Glamika Patel ने ramp walk करते हुए मंच संभाला और श्रोताओं को सीधे संबोधित किया। उनका संदेश साधारण नहीं था, बल्कि समाज की गहरी सोच को झकझोर देने वाला था।
उन्होंने कहा –
👉 “अगर समाज से उपेक्षित समझे जाने वाले Transgender लोग भी अपने शरीर को मृत्यु के बाद दान करने के लिए आगे आ सकते हैं, तो बाकी लोग क्यों पीछे हटें? अगर हम जैसे लोग हिम्मत दिखा सकते हैं, तो यह कदम हर किसी को उठाना चाहिए।”
👉उन्होंने महर्षि दधीचि का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उन्होंने अपनी हड्डियाँ दान कर धर्म की रक्षा की थी। Ms. Glamika ने इस प्रेरक कथा को आज के दौर से जोड़ते हुए कहा कि “जब धर्म और समाज के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी संभव थी, तो आज मानवता के लिए मृत्यु के बाद अंगदान करना तो हमारा कर्तव्य होना चाहिए।”

Ms. Glamika Patel – एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व
👉भिलाई स्टील प्लांट के Bar & Rod Mill Department में Deputy Manager पद पर कार्यरत Ms. Glamika Patel केवल एक अधिकारी ही नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने वाली शख्सियत हैं। “ उन्हें Manobal Maharathi Glamika के नाम से भी जाना जाता है।”
👉वे मनोबल, कार्यक्षमता एवं सफलता प्रशिक्षिका हैं, जो लोगों को मज़बूत मानसिकता (Strong Mindset) विकसित कर उच्च क्षमता से कार्य करते हुए सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचने में मार्गदर्शन करती हैं। एक प्रेरणादायक वक्ता होने के साथ-साथ, वे इंडियन मेमोरी स्पोर्ट्स काउंसिल से प्रमाणित भारत की पहली ट्रांसजेंडर मेमोरी ट्रेनर भी हैं।
👉BE और MBA की पढ़ाई करने के बाद अब वह MSc Psychology की छात्रा हैं।
👉उन्हें 15 से अधिक National और International Awards मिल चुके हैं।
👉वह अपनी माँ जानकी बाई पटेल के साथ Manobal Maharath Services के माध्यम से समाज सेवा भी करती हैं।
👉उनकी खासियत यह है कि वह पेशेवर ज़िम्मेदारी, सामाजिक पहल और पारिवारिक दायित्व — तीनों को संतुलित करती हैं। उनकी 67 वर्षीय माँ के प्रति सेवा और देखभाल उनकी संवेदनशीलता का उदाहरण है।
Director I/c BSP की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा
👉इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में Shri Chitta Ranjan Mohapatra, Director I/c Bhilai Steel Plant उपस्थित रहे। उन्होंने डॉ. उदय कुमार एवं सेक्टर–9 हॉस्पिटल द्वारा आयोजित इस पहल तथा सुश्री ग्लैमिका पटेल के समर्थन की सराहना करते हुए कहा –
👉 “अंगदान समाज में करुणा और मानवता की नई राह खोलता है। जब भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारी इस पहल में आगे आते हैं, तो यह पूरे शहर और देश के लिए प्रेरणा है।”
Dr. Uday Kumar का विशेष संदेश
👉 इस आयोजन के सूत्रधार Burn & Plastic Surgery Department के HOD तथा Chief Medical Officer, Dr. Uday Kumar थे।
उन्होंने Glamika को compliment देते हुए कहा –
👉 “जब समाज में भेदभाव झेलने वाला कोई समुदाय भी मानवता के लिए इतना बड़ा कदम उठाता है, तो यह पूरा संदेश और भी प्रभावी बन जाता है। Ms. Glamika Patel ने साहस और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है।”
धर्मगुरुओं का एकजुट समर्थन
👉आयोजन की खासियत यह रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख धर्म के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि Organ Donation धर्म और मानवता दोनों के अनुरूप है।
👉 Ms. Glamika Patel ने सभी धर्मगुरुओं से संवाद किया और एकता, करुणा व मानव सेवा का संदेश दिया।

Media Interaction – Glamika की भावुक अपील
मीडिया से बातचीत के दौरान Ms. Glamika Patel ने कहा –
👉 “मैं Dr. Uday Sir की आभारी हूँ। मेरी माँ और मैं चाहते हैं कि हम मरकर भी किसी के काम आ सकें। अगर हमारे अंग किसी और की जिंदगी बचा सकें, तो यही हमारे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।” उनके इन शब्दों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया।

इस पहल का असर – क्यों खास है यह?
भिलाई पर असर: BSP परिवार और स्थानीय समाज में जागरूकता की लहर।
चिकित्सा पर असर: Organ Donation rate बढ़े तो हजारों जीवन बचेंगे।
समाज पर असर: Transgender community की सकारात्मक पहचान।
निष्कर्ष – भिलाई से निकला नया अध्याय
👉भिलाई की Deputy Manager Ms. Glamika Patel ने यह साबित कर दिया कि मृत्यु केवल अंत नहीं, बल्कि किसी और की जिंदगी की नई शुरुआत हो सकती है।
👉 “उनका यह साहसी कदम आने वाले समय में मृत्युपरांत अंगदान को एक सामाजिक आंदोलन बनाने की क्षमता रखता है।”
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K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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