अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सवैतनिक अवकाश की मांग तेज — BAKS प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से की औपचारिक पहल

– DIGITAL BHILAI NEWS – 

  • छत्तीसगढ़ में श्रमिक हितों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री से सौजन्य भेंट कर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (01 मई) को सवैतनिक अवकाश घोषित किए जाने की औपचारिक मांग रखी।
  • इस मांग को श्रमिक सम्मान और सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए संघ ने इसे राज्य के लाखों श्रमिकों के हित में आवश्यक कदम बताया।
  • बैठक के दौरान मंत्री ने विषय को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया, जिससे श्रमिक संगठनों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
  • आइए विस्तार से जानते है इस भेंट का महत्व👇

श्रमिक सम्मान का प्रतीक है अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस…

👉प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि 01 मई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि श्रमिक अधिकारों के संघर्ष, सम्मान और सामाजिक न्याय का वैश्विक प्रतीक है।

👉दुनिया के कई देशों में यह दिन श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है।

👉छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक और श्रमप्रधान राज्य में, जहाँ संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में लाखों श्रमिक कार्यरत हैं, वहाँ इस दिन को सवैतनिक अवकाश घोषित करना श्रमिकों के योगदान की औपचारिक मान्यता माना जाएगा।

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👉BAKS का मानना है कि राज्य की आर्थिक संरचना में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। औद्योगिक उत्पादन से लेकर सेवा क्षेत्र तक, हर स्तर पर श्रमिकों की मेहनत विकास की आधारशिला है। ऐसे में उनके सम्मान का प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों रूपों में महत्व है।


प्रतिनिधिमंडल ने रखा औपचारिक प्रस्ताव, मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन!

👉दिनांक 22 फरवरी 2026 को हुए इस औपचारिक संवाद में BAKS के पदाधिकारियों ने विस्तार से अपनी मांग प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार 01 मई को सवैतनिक अवकाश घोषित करती है, तो यह श्रमिकों के मनोबल को बढ़ाने वाला ऐतिहासिक निर्णय होगा।

👉मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और विषय पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। यह संकेत देता है कि राज्य सरकार श्रमिकों से जुड़े इस मुद्दे को प्राथमिकता के साथ देख सकती है।

BAKS

👉इस बैठक में संघ के महासचिव किशोर कुमार साव, कोषाध्यक्ष नवीन मिश्रा और कार्यकारिणी सदस्य सुनील शर्मा उपस्थित रहे।


श्रमिक हित सर्वोपरि, निर्णय से लाखों को मिलेगा लाभ – BAKS

👉बैठक के बाद संघ के महासचिव किशोर कुमार साव ने इसे अत्यंत सकारात्मक और सार्थक मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा से कर्मचारी हितों की रक्षा और उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध रहा है और विभिन्न मंचों पर श्रमिकों की समस्याओं को तथ्यात्मक आधार पर उठाता रहा है।

👉उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 01 मई को सवैतनिक अवकाश घोषित किया जाता है, तो इसका सीधा लाभ राज्य के संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के लाखों श्रमिकों को मिलेगा। इससे श्रमिक वर्ग अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस को गर्व और सम्मान के साथ मना सकेगा।

👉उनके अनुसार, यह निर्णय श्रमिकों के सामाजिक सम्मान को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यस्थलों पर सकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी डालेगा।


क्यों महत्वपूर्ण है यह मांग — सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से प्रभाव

👉विशेषज्ञों के अनुसार, श्रमिकों को औपचारिक सम्मान देना केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं होता, बल्कि इसका सीधा असर उत्पादकता और कार्य संतुष्टि पर पड़ता है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसके संभावित प्रभाव इस प्रकार हो सकते हैं:

  • श्रमिकों के मनोबल और आत्मसम्मान में वृद्धि
  • श्रम कल्याण के प्रति सरकार की सकारात्मक छवि
  • औद्योगिक संबंधों में बेहतर समन्वय
  • श्रमिक संगठनों और प्रशासन के बीच विश्वास में वृद्धि
  • सामाजिक न्याय की दिशा में मजबूत संदेश
  • छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक विस्तार वाले राज्य में यह निर्णय श्रम नीति के स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

निष्कर्ष: श्रमिक सम्मान की दिशा में संभावित बड़ा कदम

👉BAKS द्वारा उठाई गई यह मांग केवल अवकाश की मांग नहीं, बल्कि श्रमिकों के योगदान की औपचारिक मान्यता की पहल है। मंत्री द्वारा सकारात्मक विचार का आश्वासन इस दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देता है।

👉अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो यह श्रमिक कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम साबित हो सकता है।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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