ऑनलाइन-ऑफलाइन फार्मेसी का उलझा जाल: JLNRC Hospital मरीजों का दवाओं के लिए घंटों इंतजार
– DIGITAL BHILAI NEWS – SECTOR 09 HOSPITAL – 19 अगस्त 2025 – भिलाई।
- भिलाई के Sector 09 स्थित JLNRC HOSPITAL की फार्मेसी इन दिनों अव्यवस्था का पर्याय बन गई है।
- अस्पताल प्रबंधन द्वारा दवा वितरण प्रणाली को ऑफलाइन से ऑनलाइन मोड में बदलने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अधूरी व्यवस्था के कारण दवा लेने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को-
- ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों काउंटर्स पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
- इंतजार का समय घंटों तक खिंच जाने से न केवल बुजुर्ग मरीज बल्कि नौकरीपेशा लोग साथ ही दूर से आए राजहरा के मरीज भी भारी परेशानी झेल रहे हैं।

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पहले कैसे चलती थी फार्मेसी व्यवस्था❓
👉🏻शुरुआत में अस्पताल की सभी फार्मेसी काउंटर पूरी तरह ऑफलाइन संचालित होती थीं।
👉🏻मरीज OPD डॉक्टर द्वारा लिखी गई पर्ची लेकर फार्मेसी काउंटर पर पहुंचते थे।
👉🏻काउंटर पर मौजूद स्टाफ पर्ची देखकर दवाएं उपलब्ध कराता था।

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अब कैसे हो रहा है बदलाव ⁉️
👉🏻धीरे-धीरे विभिन्न OPD की दवाएं ऑनलाइन फार्मेसी काउंटर से उपलब्ध कराई जाने लगीं।
👉🏻अब डॉक्टर मरीज को लिखी पर्ची देने के बजाय, सीधे कंप्यूटर पर दवाओं का विवरण दर्ज करते हैं।
👉🏻इस प्रक्रिया में मरीज को एक ऑनलाइन नंबर जनरेट होता है।
👉🏻फार्मेसी काउंटर पर मौजूद कर्मचारी कंप्यूटर में वही नंबर देखकर दवाएं वितरित करते हैं।
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कितने काउंटर्स बदले गए❓
👉🏻शुरुआत में, पहले से मौजूद ऑफलाइन काउंटर्स में से 2 काउंटर्स (एक महिला और एक पुरुष के लिए) को ऑनलाइन में बदला गया।
👉🏻हाल ही में इनकी संख्या बढ़ाकर 4 ऑनलाइन काउंटर्स कर दी गई।
👉🏻इसका नतीजा यह हुआ कि ऑफलाइन काउंटरों की संख्या घट गई और उन पर भारी दबाव बढ़ गया।

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ऑनलाइन और ऑफलाइन का असंतुलन ❌
👉🏻अभी तक सभी OPD पूरी तरह ऑनलाइन शिफ्ट नहीं हुई हैं।
👉🏻गायनिक (Gynecology) जैसी कई OPD की दवाएं अब भी ऑफलाइन फार्मेसी से ही मिल रही हैं।
👉🏻वहीं Eye और Pediatrics (बच्चों की बीमारी) जैसी OPD की दवाएं अब ऑनलाइन फार्मेसी से उपलब्ध हो रही हैं।
👉🏻इस स्थिति ने दोनों तरह के काउंटर्स पर लंबी कतारें और अव्यवस्था पैदा कर दी है।

मरीजों और स्टाफ दोनों पर दबाव😮💨
⏳मरीजों को घंटों लंबी कतार में इंतजार करना पड़ रहा है।
🤧बुजुर्ग और गंभीर रोगी सबसे ज्यादा परेशान हैं।
😮💨वहीं फार्मेसी स्टाफ पर भी डबल लोड है –
- 1. कंप्यूटर में एंट्री करना।
- 2. दवा निकालना और वितरण करना।
- 3. स्टाफ की कमी से दबाव और बढ़ना।
दोनों कार्य एक साथ करने के कारण स्टाफ पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है।
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व्यवस्था पर उठ रहे सवाल❓
मरीज और उनके परिजन पूछ रहे हैं कि —
- आखिर इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है?
- जब OPD की सेवाएं धीरे-धीरे ऑनलाइन फार्मेसी में शिफ्ट हो रही हैं तो ऑफलाइन काउंटर्स का प्रबंधन बेहतर क्यों नहीं किया गया?
- अस्पताल प्रबंधन कब तक इंतजार कराएगा और कब इस समस्या का समाधान होगा?
जनता की उम्मीदें ‼️
स्थानीय लोग और मरीज उम्मीद कर रहे हैं कि प्रबंधन जल्द ही –
1. ऑनलाइन और ऑफलाइन काउंटरों के बीच संतुलन बनाए।
2. भीड़ प्रबंधन के लिए अलग से हेल्प डेस्क या गाइडलाइन लागू करे।
3. बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए प्राथमिकता वाली लाइन शुरू करे।
4. प्रतीक्षारत मरीजों के लिए बैठने की सुविधा बढ़ाए।
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निष्कर्ष:-
‼️अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य फार्मेसी व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाना है, लेकिन अधूरी और असंतुलित प्रणाली के कारण यह मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
‼️जब तक सभी OPD पूरी तरह ऑनलाइन नहीं होतीं और काउंटरों की संख्या संतुलित नहीं की जाती, तब तक मरीजों को घंटों इंतजार और अव्यवस्था का सामना करना ही पड़ेगा।
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✍🏻 रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS
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K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

