🚨 Durg में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्ती: 5 निजी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द, 48 को नोटिस — मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा एक्शन!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- DURG जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपना ली है।
- हाल ही में हुए सघन निरीक्षण के बाद 5 निजी अस्पतालों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि 48 अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
- यह कार्रवाई न केवल सिस्टम की खामियों को उजागर करती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता भी दिखाती है।
- आइए विस्तार से जानते हैं इस खबर को 👇
क्या है पूरा मामला? समझिए बैकग्राउंड
👉दुर्ग जिले में लंबे समय से निजी अस्पतालों की गुणवत्ता और मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई मामलों में मरीजों को अधूरी सुविधाएं, अपर्याप्त स्टाफ और जरूरी उपकरणों की कमी जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर प्रशासन ने एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य था —मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, नर्सिंग होम एक्ट के नियमों का पालन कराना, आयुष्मान भारत योजना के मानकों की जांच करना!
124 अस्पतालों की जांच: क्या-क्या मिला?
👉प्रशासन ने इस अभियान के लिए 4 अलग-अलग टीमों का गठन किया था, जिनमें शामिल थे: – स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग और नगरीय निकाय के अधिकारी। सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी के अनुसार: कुल 124 निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया, इनमें से 48 अस्पतालों में गंभीर कमियां पाई गईं। इन अस्पतालों को 30 दिनों के भीतर जवाब देने का नोटिस दिया गया है।
निरीक्षण में सामने आई प्रमुख कमियां:
- आवश्यक मेडिकल उपकरणों की कमी!
- प्रशिक्षित स्टाफ की अनुपलब्धता!
- साफ-सफाई और हाइजीन में लापरवाही!
- रिकॉर्ड और दस्तावेजों में गड़बड़ी!
- आयुष्मान योजना के मानकों का उल्लंघन!
इन 5 अस्पतालों के लाइसेंस हुए रद्द ❌
👉पुनः निरीक्षण के दौरान जब इन अस्पतालों ने अपनी कमियों को दूर नहीं किया, तब प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए।
👉लाइसेंस रद्द किए गए अस्पताल:
- दाउजी मेमोरियल हॉस्पिटल, जामगांव (पाटन)
- प्राची हॉस्पिटल
- जीवन ज्योति हॉस्पिटल, जामुल (भिलाई)
- आई.एम.आई. हॉस्पिटल, न्यू खुर्सीपार (भिलाई)
- आशीर्वाद नर्सिंग होम, जी.ई. रोड (भिलाई)
👉यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह एवं रोगोपचार संबंधी अनुज्ञापन अधिनियम (नर्सिंग होम एक्ट) के उल्लंघन के तहत की गई है।
अधिकारी का स्पष्ट संदेश-
“नर्सिंग होम एक्ट के मानकों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हमारी प्राथमिकता हैं।” —
डॉ. मनोज दानी, सीएमएचओ, दुर्ग
आगे क्या होगा? 48 अस्पतालों पर नजर!
👉जिन 48 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें 30 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। इसके बाद: पुनः निरीक्षण किया जाएगा, संतोषजनक सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
अगली खबर पढ़े 👉 Bhilai Steel Plant में ठेका श्रमिकों के शोषण पर लगेगा लगाम: अब ESCROW Account से मिलेगा पूरा वेतन?
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

