DEAB अध्यक्ष का इस्तीफा: भिलाई डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन में मचा बवाल, आमसभा और ओपन चुनाव की बढ़ी मांग

DEAB BHILAI STEEL PLANT

– DIGITAL BHILAI NEWS – 

– 05 – OCTOBER – 2025 – (DEAB president resigns)



“इंजीनियर्स डे की चमक के बाद विवाद की आंधी”

  • भिलाई इस्पात संयंत्र के डिप्लोमा इंजीनियर्स का सबसे अहम संगठन डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ भिलाई (DEAB) हाल के दिनों में बड़े विवाद में फंस गया है।
  • कुछ ही सप्ताह पहले इंजीनियर्स डे पर DEAB ने भव्य कार्यक्रम किया था, जिसमें ED (Works) मुख्य अतिथि बने और कई इंजीनियर्स को सम्मानित भी किया गया।
  • उस आयोजन ने संगठन की पहचान को नई ऊंचाई दी थी।
  • लेकिन इस उत्सव के तुरंत बाद संगठन के भीतर चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे।
  • क्या डिप्लोमा इंजीनियर्स का भविष्य दांव पर? पढ़िए पूरी खबर👇

ENGINEERS DAY BHILAI STEEL PLANT



चुनाव और आरोपों की शुरुआत

👉दरअसल, इंजीनियर्स डे से पहले ही DEAB ने नई कार्यकारिणी बनाने का ऐलान किया था।
हालाँकि, चुनाव में बहुत कम सदस्य आगे आए और आपसी सहमति से ही पदाधिकारी चुन लिए गए।
इसके बाद आरोप लगे कि चुनाव बायलॉज के नियमों के विपरीत था।

  • सूचना सिर्फ एक हफ्ते पहले जारी हुई थी, जबकि नियम के अनुसार चार हफ्ते पहले सूचना देनी चाहिए थी।

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  • कोई आमसभा (General Body Meeting) नहीं बुलाई गई।

👉यही विवाद धीरे-धीरे बढ़कर संगठन को संकट में ले आया।



गाली-गलौज और पदाधिकारियों में मतभेद❗

👉स्थिति तब और बिगड़ी जब कार्यकारिणी की एक बैठक में गाली-गलौज की घटना सामने आई।
सदस्यों ने सवाल उठाया कि “अगर मीटिंग में ही अपशब्द होंगे तो संगठन की गरिमा कैसे बचेगी?”
यहीं से मतभेद खुलकर सामने आने लगे।



वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन साहू का इस्तीफा

👉इसके बाद सबसे बड़ा झटका तब लगा जब वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन साहू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने कहा:

👉“DEAB का चुनाव ऑफिसर्स एसोसिएशन की तरह वोटिंग के माध्यम से होना चाहिए। वर्तमान कार्यकारिणी विवादित है, इसे भंग कर ओपन चुनाव कराना ही संगठन के हित में है।

👉पवन साहू का यह इस्तीफा न सिर्फ संगठन के भीतर असंतोष को उजागर करता है, बल्कि संगठन की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
उनका इस्तीफा स्थानीय अखबारों की सुर्खियों में भी रहा।

DEAB



कार्यकारी अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों की मांग🖐

👉इस्तीफे के बाद संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष घनश्याम साहू ने भी साफ कहा कि अब आगे का फैसला केवल आमसभा में ही 600 सदस्यों की मौजूदगी में होना चाहिए।

👉कई अन्य सदस्यों ने भी ओपन चुनाव की मांग दोहराई।



बड़ा कदम : अध्यक्ष का इस्तीफा❗

👉संगठन सचिव अजय तामुरिया ने अपने संदेशों में बार-बार यह कहा कि DEAB डिप्लोमा इंजीनियर्स की “मातृ संस्था” है और इसे गुटबाजी से बचाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आमसभा बुलाने की बात स्वीकार की, पर संगठन की एकता बनाए रखने पर जोर दिया।

👉वहीं, DEAB अध्यक्ष ने पहले पवन साहू का इस्तीफा अस्वीकार करते हुए कहा था कि गुस्से में लिया गया निर्णय सही नहीं है। उन्होंने संगठन को एकजुट रहने की अपील की।

👉लेकिन घटनाक्रम तेजी से बदला और अंततः DEAB PRESIDENT ने भी इस्तीफा देने का एलान कर दिया।
अपने भावुक संदेश में उन्होंने लिखा:

मैं संस्था को गुटबाजी और ग्रुपबाजी में बंटते नहीं देख सकता। आप सबका प्यार और सम्मान मेरी पूंजी रहा है। पर मैं अब इस पद पर बने रहकर संस्था को कमजोर नहीं करना चाहता।

DEAB PRESIDENT RESIGNS



युवा इंजीनियर्स और यूनियन राजनीति का एंगल⚠️

👉कुछ सदस्यों ने इस पूरे विवाद को युवाओं को तोड़ने की साजिश बताया और NJCS जैसी यूनियनों पर परोक्ष इशारा किया।

👉उनका कहना था कि हर चुनाव से पहले युवाओं में मतभेद पैदा कर संगठन को कमजोर करने की कोशिश होती है।
दूसरी ओर, कुछ सदस्यों ने यह भी कहा कि इंजीनियर्स डे जैसा कार्यक्रम बिना एकता के संभव ही नहीं था, इसलिए संगठन को अब भी संभाला जा सकता है।



संगठन संकट में, भविष्य दांव पर

लगातार इस्तीफों और विवादों के बाद अब सवाल यह है कि DEAB का भविष्य क्या होगा?
संघटन सचिव अजय तामुरिया ने कहा कि –

अब जबकि अध्यक्ष का भी इस्तीफा आ चुका है, संगठन को नए सिरे से विस्तार करना होगा। आने वाले समय में डिप्लोमा इंजीनियर्स के लिए E-Zero और प्रमोशन नीतियों में बदलाव होंगे। ऐसे में संस्था को मजबूत खड़ा करना अनिवार्य है।



निष्कर्ष – क्या DEAB उठ पाएगा इस संकट से?

👉भिलाई इस्पात संयंत्र के डिप्लोमा इंजीनियर्स के लिए DEAB सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि पहचान का मंच है।
लेकिन हाल के विवादों ने इसकी साख को गहरी चोट पहुँचाई है।

  • अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों का इस्तीफा

  • युवाओं और यूनियन पॉलिटिक्स का एंगल
    इन सबने संगठन को चौराहे पर खड़ा कर दिया है।

👉अब सवाल यही है कि क्या DEAB आमसभा और ओपन चुनाव के जरिए अपने संकट से बाहर निकलेगा, या फिर आंतरिक गुटबाजी इसे और कमजोर कर देगी? जवाब आने वाला समय ही देगा।



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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़ 

One thought on “DEAB अध्यक्ष का इस्तीफा: भिलाई डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन में मचा बवाल, आमसभा और ओपन चुनाव की बढ़ी मांग

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