Coal India में Jackpot Bonus के साथ सब ओर हरियाली, इधर SAIL Employees बोले – कब दिखेगी Steel Ministry की मेहरबानी?
– DIGITAL BHILAI NEWS –
– 26 – SEPETEMBER – 2025 – (COAL INDIA vs. SAIL)
COAL INIDA कर्मचारियों को ₹1,03,000 का बोनस, ₹1 करोड़ का निःशुल्क दुर्घटना बीमा और ₹12,000 वार्षिक ड्रेस भत्ता दिलवाने के बाद अब SAIL (Steel Authority of India Limited) के कर्मचारी भी यही सवाल उठा रहे हैं –
“इस्पात मंत्रालय कब जागेगा? – हमारे लिए कब घोषणा करेंगे?”– सेल कर्मियों का सवाल”
COAL INDIA कर्मियों को मिली बड़ी सौगातें-
पिछले कुछ वर्षों में कोयला एवं खान मंत्रालय (COAL MINISTRY) ने कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं 👇
👉सैलरी पैकेज समझौता: राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ, जिसमें ₹1 करोड़ का दुर्घटना बीमा, हवाई दुर्घटना बीमा, सामान्य मृत्यु बीमा, अस्पताल खर्च कवरेज, लॉकर व डिमांड ड्राफ्ट छूट शामिल।

👉दुर्घटना मुआवजा: हादसे में मृत कर्मियों के परिजनों को ₹25 लाख।

👉ड्रेस भत्ता: ₹12,000 वार्षिक ड्रेस भत्ता।
👉बोनस: 2024 में बोनस राशि ₹95,000 जो की अब 2025 में बढ़ाकर ₹1,03,000 कर दी गई।

🙏इन निर्णयों का श्रेय सीधे-सीधे कोयला मंत्री और कोयला मंत्रालय को दिया गया है।
SAIL कर्मियों की नाराज़गी: भेदभाव क्यों?
सेल (SAIL) कर्मचारियों का कहना है कि उनके साथ स्पष्ट भेदभाव किया जा रहा है:
-
बैंकिंग सुविधा अधूरी – केवल कुछ बैंकों से ही समझौता हुआ है। SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों से करार नहीं।
-
बीमा और मुआवजा अधूरा – दुर्घटना बीमा (₹20–25 लाख) – प्रीमियम कर्मियों के पैसे से कटता है, जबकि कोई व्यक्तिगत दुर्घटना मुआवजा नहीं।
-
ड्रेस भत्ता नहीं – आज तक लागू नहीं हुआ।
-
अवैध बोनस फार्मूला – लगातार तीन वर्षों से प्रबंधन ने अपनी मर्जी से बोनस फॉर्मूला लागू किया और खातों में जबरन राशि भेज दी।

बीएकेएस का सख्त रुख
भिलाई, बोकारो और राउरकेला में यूनियन ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया।
-
ट्विटर(X) और व्हाट्सएप के माध्यम से इस्पात मंत्री और उनके सचिवों को विस्तार से मुद्दे भेजे गए।
-
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
भिलाई बीएकेएस UNION के कोषाध्यक्ष का बयान:
“सेल प्रबंधन की सम्पूर्ण मानव संसाधन नीति की स्वतंत्र जांच ज़रूरी है। निदेशक (कार्मिक) और बड़े HR अधिकारियों के रहते हुए भी कर्मचारियों के सैकड़ों मुद्दे वर्षों से लंबित हैं। इस्पात मंत्रालय को अब हस्तक्षेप करना ही होगा।”
10 अक्टूबर को बोकारो में हड़ताल
यूनियन ने घोषणा की है कि 10 अक्टूबर को बोकारो इस्पात संयंत्र में हड़ताल होगी। यह हड़ताल 30 प्रमुख मांगों पर केंद्रित होगी, जिसमें बोनस फार्मूला, ड्रेस भत्ता, दुर्घटना बीमा और बैंकिंग सुविधा जैसे मुद्दे शामिल हैं।
यह मुद्दे इस प्रकार है –
- ASPLIS (बोनस) फॉर्मूला को सीधे प्रोडक्शन से जोड़ना, प्रोडक्शन-रिलेटेड पे लागू किया जाए।
- नया ASPLIS या प्रोडक्शन-रिलेटेड पे फॉर्मूला शीघ्र लागू कर 2021 से लंबित एरियर का भुगतान।
- फॉर्मूले को वित्त वर्ष 2024-25 से लागू करना।
- इंसेंटिव फॉर्मूला संशोधित कर जनवरी 2017 से लागू करना।
- E0 पदोन्नति नीति में बदलाव – डिप्लोमा हेतु 10 वर्ष बाद JO परीक्षा पात्रता, बीटेक हेतु 5 वर्ष बाद।
- सुपरवाईजरी कैडर सहित ग्रेड-वाइज पदनाम लागू करना।
- फर्नीचर एडवांस, लैपटॉप एडवांस, शिक्षा ऋण लागू करना।
- कर्मचारियों को निःशुल्क मोबाइल सीम/सेट/रिचार्ज (इंटरनेट सहित)।
- सभी गैर कार्यपालक कर्मियों को कार पास सुविधा।
- कर्मचारियों के क्लबों का जीर्णोद्धार और आधारभूत सुविधाएँ।
- BGH में गैर कार्यपालक हेतु विशेष वार्ड व दवा काउंटर, जांच व परामर्श लाइन।
- आवास नीति में बदलाव – उच्च ग्रेड को C टाइप आवास।
- अव्यवहृत D टाइप आवास सेवानिवृत्त कर्मियों को लाइसेंस पर।
- आश्रित/विस्थापित कर्मचारियों की प्रशिक्षण अवधि को सेवाकाल में जोड़ा जाए।
- रेस्ट रूम में AC, कुलर, कुशन बेंच, कुर्सी-टेबल।
- सभी कैंटीन कॉर्पोरेट ऑफिस कैंटीन के तर्ज पर।
- गुणवत्ता युक्त सुरक्षा उपकरण समय पर उपलब्ध करवाना।
- औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 अनुसार 21 दिन पूर्व नोटिस के बिना ट्रांसफर न हो।
- रेनकोट, विंटर जैकेट आदि उपलब्ध कराना।
- वार्षिक ₹12,000 ड्रेस भत्ता।
- कंपनी फंड से आवास ऋण, वाहन ऋण पुनः लागू।
- फेस्टिवल एडवांस – एक माह का DA+Basic।
- NPS में कंपनी अंशदान जनवरी 2012 से 9%।
- छुट्टी संशोधन: CL-15, EL-30, RH-7 + त्यौहार अवकाश।
- निजी विद्यालय शुल्क संरचना DPS रांची के तर्ज पर।
- आवास अनुरक्षण हेतु एकमुश्त राशि व समयबद्ध व्यवस्था।
- निर्वाचित यूनियन प्रतिनिधियों को लेकर सभी कमेटी/काउंसिल गठन।
- 2008 के बाद नियोजित कर्मचारियों को पुराने सर्विस रूल लागू हों।
- BGH कर्मियों के पदनाम राष्ट्रीय तर्ज पर हों।
- चिकित्सीय कारणों से ड्यूटी हेतु इलेक्ट्रिक बस/वाहन की व्यवस्था।
असर और विश्लेषण
यदि इस बार भी इस्पात मंत्रालय (STEEL MINISTRY) चुप रहा तो—
-
सेल कर्मियों का असंतोष और बढ़ेगा।
-
उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
-
इस्पात उद्योग की सप्लाई चेन और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
कर्मचारियों की मांग है कि इस्पात मंत्रालय कोयला मंत्रालय की तर्ज़ पर तुरंत बोनस, बीमा और भत्ता से जुड़े फैसले ले, ताकि कर्मियों का विश्वास बहाल हो।
कोयला मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों को सुविधाएँ देकर उदाहरण पेश किया है। अब निगाहें इस्पात मंत्री और इस्पात राज्यमंत्री पर टिकी हैं। सवाल साफ है—
“कोयला मंत्रालय की तरह इस्पात मंत्रालय कब करेगा घोषणा?”
READ NEXT ARTICLE :- Income Tax Department Detects ₹700 Crore Fake Exemption Scam Using AI

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


Heard about ‘code bắn cá zagoo’ and had to investigate. The Zcazagoo platform has something really interesting. If you are looking for some fishing fun check it out here: code bắn cá zagoo.