गाइडलाइन दरों में राहत के संकेत: केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने दिए बड़े बदलाव के निर्देश

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • 8 दिसंबर 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, छत्तीसगढ़ में जमीन की बढ़ी हुई गाइडलाइन दरों को लेकर राज्यभर में उठ रही नाराज़गी और लगातार घटती रजिस्ट्री की संख्या को देखते हुए, अब सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इन दरों में व्यापक पुनर्विचार किया जाएगा।
  • पंजीयन विभाग की ओर से जारी यह आधिकारिक दस्तावेज़ आम जनता, रियल एस्टेट कारोबारियों और किसानों — तीनों वर्गों के लिए राहत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
  • आइए विस्तार से जानते है इसके बारे में👇
Chhattisgarh Guideline Rate 2025
Chhattisgarh Guideline Rate

बढ़ी दरों के लागू होते ही रजिस्ट्री घटकर एक-तिहाई

👉प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 19 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों का जमीन बाजार पर तत्काल और बड़ा प्रभाव दिखा है।

👉रजिस्ट्री की संख्या प्रदेशभर में अचानक गिरकर पहले की तुलना में एक-तिहाई से भी कम रह गई।

👉नई दरों के कारण स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क चार से पाँच गुना तक बढ़ गया, जिसकी वजह से लोगों ने जमीन खरीदने-बेचने में कदम पीछे खींच लिए।

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👉इस निरंतर गिरावट को देखते हुए सरकार अब दरों को अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है


नगर निगम से लेकर नगर पंचायत तक—दरें घटेंगी

👉केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने गाइडलाइन दरों में शहरवार संशोधन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।

👉नई प्रस्तावित दरों के अनुसार:

👉नगर निगम क्षेत्रों में दरें 50% तक कम की जाएँगी।

👉नगरपालिकाओं में 37.5% तक राहत दी जाएगी।

👉नगर पंचायतों में 25% तक संशोधन लागू होगा।


कमर्शियल संपत्तियों की गणना का नया तरीका

👉अब तक कमर्शियल भवनों की मूल्यांकन प्रक्रिया super built-up area पर आधारित थी।

नए निर्देश के अनुसार:

👉अब बाज़ार मूल्य के आधार पर कीमत तय होगी।

👉shop, showroom और office पर बेवजह बढ़ी गणना को हटाया जाएगा।

👉यह बदलाव उन व्यापारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो लगातार यह मुद्दा उठाते आए थे कि बढ़ी दरें उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल असर डाल रही हैं।


Corner Plots पर भी राहत

👉पहले corner commercial building पर 10% अतिरिक्त शुल्क अनिवार्य था

👉अब इसे 20% तक कम करने का प्रस्ताव है

👉इससे छोटे दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों को सीधी राहत मिलेगी।


मुख्य सड़क से 20 मीटर के दायरे के लिए नई गणना

👉 मुख्य सड़क से 20 मीटर के भीतर की संपत्ति का मूल्य अब 25% अधिक माना जाएगा।

👉20 मीटर के बाद की संपत्ति की दरें पुराने पैटर्न पर होंगी

👉यह बदलाव मूल्यांकन को अधिक तार्किक बनाने की दिशा में है।


31 दिसंबर तक जिलों से प्रस्ताव अनिवार्य

👉प्रदेश के सभी जिला मूल्यांकन समितियों को आदेश दिया गया है कि वे 31 दिसंबर तक संशोधित प्रस्ताव भेजें।

👉इसके बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

👉इसका अर्थ है कि आने वाले दिनों में दरों में और संशोधन देखने को मिल सकते हैं।


क्या यह जनता के विरोध का असर है?

👉पिछले दो हफ्तों में राज्यभर में गाइडलाइन दरों को लेकर भारी विरोध देखा गया।

👉मिली जानकारी के अनुसार, कई जिलों में रजिस्ट्री आधी से भी कम रह गई और जमीन से जुड़े लेन-देन ठप हो गए।

👉दुर्ग में भी कुछ दिन पहले जनविरोध के स्वर तेज़ हुए थे, जहाँ लोगों ने गाइडलाइन दरों को “अव्यवहारिक और जनता-विरोधी” बताया था।

👉अब सरकार का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि वह जनता की आवाज़ और जमीन बाजार की स्थिति को गंभीरता से ले रही है।


निष्कर्ष

👉गाइडलाइन दरों का यह पुनर्मूल्यांकन छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर, आम नागरिकों और किसानों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

👉10 दिसंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक इस पूरे मुद्दे पर अंतिम तस्वीर को साफ कर देगी—

👉क्या दरें और कम होंगी, या फिर यही नए सुधार अंतिम रूप से लागू होंगे ?


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज 

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