12 फरवरी को हड़ताल नहीं: BSP Workers Union ने Wage Code के समर्थन में गिनाए श्रमिकों के ठोस फायदे
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर भिलाई इस्पात संयंत्र में स्थिति देश के कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से अलग नजर आ रही है।
- जहां विभिन्न ट्रेड यूनियनें हड़ताल के समर्थन में आंदोलन की तैयारी कर रही हैं, वहीं BSP Workers Union (BWU) ने इस हड़ताल में शामिल न होने का स्पष्ट निर्णय लिया है।
- यूनियन ने वेज कोड के समर्थन में भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए अपना पक्ष मजबूती से रखा है।
- आइए विस्तार से जानते है क्यों BSP वर्कर्स यूनियन हड़ताल के समर्थन में नहीं है..?

हड़ताल के खिलाफ क्यों है BWU: यूनियन का स्पष्ट पक्ष!
BWU अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने अपने वक्तव्य में साफ कहा कि वेज कोड के विरोध में जिन संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया है, उनमें से कई संगठन केवल सरकार विरोध की राजनीति के तहत श्रमिकों को गुमराह कर रहे हैं। यूनियन का मानना है कि किसी भी कानून का मूल्यांकन उसके वास्तविक प्रभाव के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल विरोध की मानसिकता से। BWU के अनुसार, वेज कोड श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर नहीं करता, बल्कि उन्हें कानूनी रूप से अधिक स्पष्ट और मजबूत बनाता है।

जटिल श्रम कानूनों की जगह सरल व्यवस्था!
यूनियन का पहला और प्रमुख तर्क यह है कि पुराने श्रम कानून अत्यधिक जटिल थे। विभिन्न अधिनियमों और प्रावधानों के कारण आम श्रमिक के लिए अपने अधिकारों को समझना और उनके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाना आसान नहीं था। वेज कोड के लागू होने के बाद इन सभी कानूनों को चार श्रम कोड में समाहित कर दिया गया है। इससे श्रमिकों को कानून की जानकारी प्राप्त करने, अपने अधिकारों को समझने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें लागू कराने में वास्तविक सुविधा मिलेगी।
केंद्रीय wage लागू होने से मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ
BWU ने वेज कोड का समर्थन करने का दूसरा बड़ा कारण सेंट्रल गवर्नमेंट WAGE पेमेंट सिस्टम को बताया है। यूनियन के अनुसार, भिलाई स्टील प्लांट सहित SAIL से जुड़े सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में वेज कोड लागू होने के बाद केंद्रीय वेतनमान प्रभावी होगा। इसका सीधा असर यह होगा कि बड़ी संख्या में श्रमिकों के वेतन में स्वाभाविक और स्थायी वृद्धि होगी। अब तक यह लाभ कुछ सीमित क्षेत्रों, जैसे माइंस सेक्टर तक सीमित था, लेकिन नए कानून के बाद इसका विस्तार होगा।

अब सुपरवाइजर और तकनीकी स्टाफ भी लेबर कोर्ट के दायरे में
वेज कोड के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी है कि कई ऐसे पद, जिन्हें पहले श्रम कानूनों में स्पष्ट रूप से “लेबर” की श्रेणी में नहीं रखा गया था, अब कानूनी दायरे में आ जाएंगे। इसमें सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य तकनीकी ग्रेड शामिल हैं। अब ये कर्मचारी भी लेबर कोर्ट में जाकर अपनी मांगों और अधिकारों के लिए कानूनी रूप से लड़ सकेंगे, जो पहले संभव नहीं था।
ठेका श्रमिकों को बड़ी राहत, ठेकेदारों की मनमानी पर रोक
BWU ने ठेका श्रमिकों के लिए वेज कोड को बड़ा सुधार बताया है। पहले यदि कोई ठेकेदार श्रमिक को तय वेतन से कम भुगतान करता था, तो मामला राज्य और केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र के बीच उलझ जाता था। नए वेज कोड के तहत यह भ्रम समाप्त हो जाएगा और कम वेतन देने की स्थिति में मामला सीधे दर्ज होगा। इससे ठेका श्रमिकों के शोषण पर प्रभावी रोक लगेगी।
ग्रेच्युटी नियमों में बदलाव और महिला सुरक्षा पर स्पष्टता
वेज कोड के तहत ग्रेच्युटी से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब कर्मचारी प्रत्येक एक वर्ष की सेवा पर ग्रेच्युटी का हकदार होगा, जबकि पहले इसके लिए पांच वर्ष की सेवा अनिवार्य थी। महिला नाइट ड्यूटी को लेकर यूनियन ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह स्वैच्छिक है। यदि महिलाएं नाइट ड्यूटी करना चाहेंगी, तो उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरण की होगी। इसके साथ ही किसी भी श्रमिक दुर्घटना की स्थिति में ऑपरेटिंग अथॉरिटी को सीधे जिम्मेदार मानने का प्रावधान कानून को और मजबूत बनाता है।
मातृ संगठनों का समर्थन और 12 फरवरी को काम का आह्वान
BWU के साथ उसके मातृ और सहयोगी संगठन—एचसीएल कर्मचारी यूनियन, एफएसएनएल कर्मचारी यूनियन, सेल रिफ्रैक्ट्री वर्कर्स यूनियन, छत्तीसगढ़ सीमेंट एंड खदान कर्मचारी यूनियन, BWU ठेका प्रकोष्ठ और युवा प्रकोष्ठ—ने भी 12 फरवरी की हड़ताल में शामिल न होने का निर्णय लिया है। यूनियन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे 12 फरवरी को ड्यूटी पर उपस्थित रहकर काम करें और वेज कोड के समर्थन में सकारात्मक संदेश दें।
निष्कर्ष
भिलाई स्टील प्लांट में BSP WORKER’S UNION का यह रुख स्पष्ट करता है कि 12 फरवरी की हड़ताल को लेकर श्रमिक संगठनों के बीच मतभेद हैं। जहां कुछ संगठन विरोध का रास्ता अपना रहे हैं, वहीं BWU वेज कोड को श्रमिक हितों की दिशा में एक ठोस सुधार मानते हुए उसके समर्थन में खड़ी दिखाई दे रही है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

