निर्णायक जीत की मिसाल बनी BSP वर्कर्स यूनियन की पहल…
– DIGITAL BHILAI NEWS –
“दिव्यांग कर्मचारियों के अधिकारों की ऐतिहासिक बहाली, फरवरी 2026 से मिलेगा सीधा लाभ…”
- भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के अधिकारों की दिशा में एक अहम और दूरगामी फैसला सामने आया है।
- यह फैसला न केवल आर्थिक राहत से जुड़ा है, बल्कि कार्यस्थल पर सम्मान, संवेदनशीलता और संवैधानिक अधिकारों की मजबूती का भी प्रतीक बन गया है।
- BSP वर्कर्स यूनियन की दृढ़ इच्छाशक्ति, सशक्त नेतृत्व और निरंतर संघर्ष के परिणामस्वरूप यह सुनिश्चित हो गया है कि दिव्यांग कर्मचारियों को मिलने वाला Transport Allowance (TA) अब नए टैक्स रिजीम (Section 115BAC) के अंतर्गत भी पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगा।
- यह व्यवस्था फरवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू होगी।
- आइए जानते है किस प्रकार यह कार्य हुआ👇
क्यों जरूरी थी यह पहल? — पृष्ठभूमि को समझना जरूरी!
👉नया टैक्स रिजीम लागू होने के बाद देशभर में कई संगठनों और संस्थानों में यह भ्रम उत्पन्न हुआ कि पुराने टैक्स बेनिफिट्स नए ढांचे में लागू रहेंगे या नहीं। इसी भ्रम का असर भिलाई इस्पात संयंत्र के दिव्यांग कर्मचारियों पर भी पड़ा, जहां Transport Allowance पर आयकर कटौती की स्थिति बन रही थी।
👉यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं था, बल्कि संवैधानिक अधिकारों पर सीधा आघात था। इसी बिंदु को BSP वर्कर्स यूनियन ने गंभीरता से उठाया और इसे सिर्फ मांग नहीं, बल्कि कानूनी अधिकार के रूप में प्रस्तुत किया।
कानूनी आधार पर मजबूत प्रस्तुति👏
👉यूनियन अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता के दूरदर्शी, संवेदनशील और संघर्षशील नेतृत्व में यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) से प्रत्यक्ष भेंट की।
👉यूनियन ने स्पष्ट रूप से भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी Notification No. 38/2020 (दिनांक 26 जून 2020) का हवाला दिया, जिसके तहत Income Tax Rules के Rule 2BB में संशोधन कर यह साफ किया गया है कि दिव्यांग कर्मचारियों को दिया जाने वाला Transport Allowance धारा 10(14) के अंतर्गत पूरी तरह कर-मुक्त है, चाहे टैक्स रिजीम पुराना हो या नया।
👉यूनियन का तर्क स्पष्ट था— इस अलाउंस पर टैक्स कटौती नियम विरुद्ध, अवैधानिक और अन्यायपूर्ण है।
₹3,200 प्रतिमाह टैक्स फ्री — अधिकार, कोई रियायत नहीं!
👉इस बैठक में यूनियन की ओर से उप महासचिव मनोज डडसेना ने आयकर अधिनियम की गहन, तार्किक और विधिक व्याख्या प्रस्तुत की।
👉उन्होंने यह स्पष्ट किया कि नए टैक्स रिजीम में भी दिव्यांग कर्मचारियों को दिया जाने वाला ₹3,200 प्रतिमाह तक का Transport Allowance पूरी तरह टैक्स फ्री है।
👉उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह किसी प्रकार की छूट या दया नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है, जिससे दिव्यांग कर्मचारियों को किसी भी परिस्थिति में वंचित नहीं किया जा सकता।
प्रबंधन का सकारात्मक और संवेदनशील रुख…
👉यूनियन द्वारा प्रस्तुत ठोस तथ्यों, कानूनी प्रावधानों और तार्किक तर्कों से सहमत होते हुए प्रबंधन ने इस विषय पर संवेदनशील, सकारात्मक और जिम्मेदाराना दृष्टिकोण अपनाया।
👉प्रबंधन ने यह स्पष्ट आश्वासन दिया कि Payroll Module में आवश्यक तकनीकी संशोधन किए जा रहे हैं और यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके पूर्ण होते ही फरवरी 2026 से दिव्यांग कर्मचारियों को Transport Allowance पर पूर्ण टैक्स राहत मिलना शुरू हो जाएगा।
मानवतावादी निर्णय के लिए आभार
👉BSP वर्कर्स यूनियन ने इस सकारात्मक और मानवतावादी निर्णय के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन का हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है।
👉यूनियन का कहना है कि नियमों की भावना को समझते हुए दिव्यांग कर्मचारियों के हित में उठाया गया यह कदम संस्थान की सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाता है।
“दया नहीं, अधिकार” — यूनियन का स्पष्ट संदेश!
👉यूनियन ने दोहराया कि दिव्यांग कर्मचारी दया नहीं, अपने अधिकार चाहते हैं। उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नैतिक और संस्थागत कर्तव्य भी है।
👉BSP वर्कर्स यूनियन ने यह संकल्प दोहराया कि कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार और हितों से जुड़े हर मुद्दे पर वह हमेशा सजग, संघर्षशील और प्रतिबद्ध रहेगी।
बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित यूनियन पदाधिकारी🙏
👉इस निर्णायक और महत्वपूर्ण बैठक में यूनियन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं—
- अध्यक्ष: उज्ज्वल दत्ता
- कार्यकारी महासचिव: शिव बहादुर सिंह
- अतिरिक्त महासचिव: टी. दिलेश्वर राव
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष: अमित बर्मन, शेख महमूद
- उप महासचिव: मनोज डडसेना, विमलकांत पांडेय, प्रदीप सिंह, लुमेश
- वरिष्ठ सचिव: धनंजय गिरी
- सचिव: दीपेश कुमार चुघ
- एवं अन्य पदाधिकारीगण
निष्कर्ष
✔️यह फैसला केवल टैक्स राहत का मामला नहीं है, बल्कि यह साबित करता है कि जब संगठित संघर्ष, कानूनी समझ और संवेदनशील नेतृत्व एक साथ आते हैं, तो व्यवस्था भी झुकती है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

