भिलाई इस्पात संयंत्र में श्रमिकों की नौकरी पर संकट — सांसद विजय बघेल के हस्तक्षेप से जगी उम्मीद

DURG MP VIJAY BAGHEL NEWS

“पुराने मामूली प्रकरणों के आधार पर 50 से अधिक श्रमिकों को हटाया गया, सांसद ने कहा – “श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं”

  • हाल ही में भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) में कार्यरत 50 से ज्यादा श्रमिकों को उनके पुराने प्रकरणों के आधार पर नौकरी से हटाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
  • ये श्रमिक सीधे दुर्ग सांसद (MP) श्री Vijay Baghel जी के पास पहुंचे और उनसे गुहार लगाई कि उनकी नौकरी को बचाया जाए।
  • सांसद जी ने श्रमिकों की व्यथा को देखते हुए BHILAI STEEL PLANT प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से बातचीत की है, ताकि सैकड़ों प्रभावित श्रमिकों की नौकरी बच सके।
  • आइये विस्तार से जानते है क्या है मामला?

15–20 साल पुराने मामूली प्रकरणों के आधार पर निकाले गए श्रमिक

👉संयंत्र में कार्यरत ये श्रमिक, जो पिछले 10 से 15 वर्षों से लगातार काम कर रहे थे, अचानक से “पुराने पुलिस प्रकरणों” के नाम पर नौकरी से हटा दिए गए।

👉इन मामलों में अधिकतर गांवों में हुए छोटे झगड़े, आपसी विवाद या मामूली मारपीट के केस शामिल थे — जो या तो समाप्त हो चुके थे या समझौते से निपट गए थे।

👉कुछ श्रमिकों का कहना है कि उन पर केवल “गवाही देने” या “नाम दबाव में आने” की वजह से केस दर्ज हुए थे, जिनका अब कोई औचित्य नहीं बचा।

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👉फिर भी इन्हें “वेरिफिकेशन” के नाम पर दोबारा उठाया गया और श्रमिकों के गेट पास कैंसिल कर दिए गए।

👉इस कार्रवाई से 50 से ज़्यादा श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनकी आजीविका अचानक संकट में पड़ गई।


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सांसद विजय बघेल का हस्तक्षेप — “इन श्रमिकों के साथ अन्याय हुआ है”

👉जब यह मामला श्रमिकों के माध्यम से दुर्ग सांसद (MP) Vijay Baghel तक पहुंचा, तो उन्होंने पूरे ध्यान से उनकी बात सुनी और तुरंत SP ऑफिस से बात की।

👉इसके बाद उन्होंने BHILAI STEEL PLANT के Executive Director (Personnel) से भी चर्चा कर कहा —  “इन श्रमिकों के साथ गलत हो रहा है, इस मामले को तुरंत देखा जाए।”

👉सांसद जी ने आगे BSP Workers Union के अध्यक्ष श्री उज्ज्वल दत्ता को निर्देशित किया कि वे मामले की गहराई से जांच करें और श्रमिकों को पुनः काम पर वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाएं।

DURG SANSAD MP Vijay Baghel
लोकप्रिय सांसद (MP) Vijay Baghel जी

उज्ज्वल दत्ता की पहल — “प्रकरण पुराने और मामूली हैं, श्रमिकों की वापसी होनी चाहिए”

👉यूनियन अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने सभी प्रभावित श्रमिकों को अपने कार्यालय में बुलाकर उनके एक-एक प्रकरण की जांच की। उन्होंने पाया कि लगभग सभी केस पुराने और तुच्छ प्रकृति के हैं, जिनमें किसी गंभीर अपराध का कोई आधार नहीं है।

👉उज्ज्वल दत्ता जी ने कहा —

“ये सारे प्रकरण बहुत पहले समाप्त हो चुके हैं। हम प्रबंधन से चर्चा कर रहे हैं ताकि सभी श्रमिकों को पुनः काम पर लौटाया जा सके। ये लोग वर्षों से ईमानदारी से काम कर रहे हैं और इन्हें दोबारा मुख्यधारा से जोड़ना हमारा प्रयास रहेगा।”

BSP WORKERS UNION


मेडिकल टेस्ट प्रक्रिया पर भी उठाया सवाल

MP Vijay Baghel ने इसी दौरान ED (Personnel) को एक और मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया —
उन्होंने कहा कि संयंत्र में ज्वाइन करने वाले श्रमिकों के मेडिकल टेस्ट इस समय प्राइवेट संस्थाओं से करवाए जा रहे हैं,
जबकि यह प्रक्रिया ESI जैसी सरकारी संस्थाओं के माध्यम से होनी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की मनमानी न हो।


देखे श्रमिकों से सीधे संवाद 👇

जनप्रतिनिधि और यूनियन की संयुक्त कोशिश

सांसद और यूनियन दोनों स्तरों से अब निरंतर प्रयास जारी हैं ताकि प्रभावित श्रमिकों को जल्द से जल्द नौकरी पर वापसी का मौका मिले। यह मामला अब केवल भिलाई का नहीं, बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक बड़ा सवाल बन गया है —
क्या पुराने मामूली प्रकरणों के आधार पर किसी की आजीविका छीनी जा सकती है? 


निष्कर्ष

BHILAI STEEL PLANT के इस प्रकरण ने श्रमिक सुरक्षा की नीति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
सांसद विजय बघेल और यूनियन अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता की सक्रियता से उम्मीद बंधी है कि इन श्रमिकों को जल्द न्याय मिलेगा।
लेकिन यह भी साफ है कि देश में अब भी श्रमिक वर्ग के लिए रोजगार सुरक्षा का कानून पर्याप्त नहीं है।



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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़ 

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