अप्रैल 2025 के बाद से नहीं हुई CTC मीटिंग: ट्रांसफर चाहने वाले BSP कर्मियों के अटके जरूरी काम…

– DIGITAL BHILAI NEWS – 

  • भिलाई स्टील प्लांट (BSP), SAIL के उन कर्मचारियो का इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है — आखिर CTC Meeting कब होगी?
  • दूसरे शहरों से आकर वर्षों से भिलाई (BSP)में सेवा दे रहे अनेक कर्मचारी अब अपने परिवार के पास, कंपनी के ही सिस्टर यूनिट में म्यूचुअल ट्रांसफर चाहते हैं।
  • लेकिन अप्रैल 2025 के बाद से अब तक CTC (Central Transfer Committee) Meeting आयोजित नहीं होने के कारण उनकी फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
  • स्थिति इतनी गंभीर है कि कई कर्मियों के dependents के emergency medical cases तक सिर्फ मीटिंग न होने की वजह से पेंडिंग हैं। कर्मचारियों के बीच बढ़ती बेचैनी अब खुलकर सामने आने लगी है।
  • आइए जानते है इस मामले को…👇

क्या है CTC Meeting और क्यों है यह अहम?

👉SAIL प्रबंधन के अंतर्गत विभिन्न स्टील प्लांट्स में कर्मचारियों का inter-plant transfer एक तय प्रक्रिया से होता है। इसी प्रक्रिया का मुख्य मंच है Central Transfer Committee (CTC) Meeting, जहां ट्रांसफर आवेदनों की समीक्षा कर अंतिम निर्णय लिया जाता है।

👉नियमों के अनुसार, CTC Meeting हर तिमाही (quarterly basis) आयोजित की जानी चाहिए, ताकि ट्रांसफर प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी बनी रहे।

👉लेकिन कर्मचारियों के अनुसार, आखिरी CTC Meeting 10 अप्रैल 2025 को हुई थी। इसके बाद से अब तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई, जिससे ये कर्मी हताशा महसूस कर रहें है।

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सामने आईं इन कर्मचारियों की प्रमुख मांगें!

👉कुछ कर्मियों ने बातचीत में बताया कि उसने माता पिता को उनके मेडिकल कंडीशन के वजह से वे अपने शहर के पास स्थित कंपनी के सिस्टर यूनिट में ट्रांसफर चाहते है… पर लंबे समय से CTC मीटिंग नहीं होने के वजह से उनके आवेदन अटके हुए है।

👉कर्मियों ने बताया CTC मीटिंग होती भी है तो बिना किसी ठोस कारण के उनके एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दिए जाते है…

👉और इसकी प्रक्रिया भी बहुत slow है... जिसमें पारदर्शिता भी नहीं हैं।


ट्रांसफर न होने से बढ़ रही पारिवारिक और मानसिक परेशानी!

👉भिलाई स्टील प्लांट में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं जिनका गृह नगर किसी अन्य राज्य या शहर में है। कई कर्मियों के माता-पिता वृद्ध हैं, बच्चे शिक्षा के लिए बाहर हैं, या परिवार के सदस्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

👉ऐसे मामलों में ट्रांसफर ही एकमात्र समाधान होता है। लेकिन CTC Meeting न होने से:

  • मेडिकल इमरजेंसी में परिवार के पास पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
  • कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
  • कार्यक्षमता और मनोबल प्रभावित हो रहा है।

👉कर्मचारियों का कहना है कि यदि किसी परिवार में स्वास्थ्य आपातकाल हो और ट्रांसफर फाइल सिर्फ प्रशासनिक देरी से अटकी रहे, तो यह मानवीय संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है।


कर्मचारियों की स्पष्ट मांग!

👉तत्काल CTC Meeting बुलाई जाए।

👉मेडिकल और इमरजेंसी केसों को priority में निपटाया जाए।

👉रिजेक्ट किए गए आवेदनों में proper reason दिया जाए।

👉Quarterly meeting नियम का सख्ती से पालन हो।


निष्कर्ष-

अप्रैल 2025 के बाद से CTC Meeting का न होना अब सिर्फ एक प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि इन BSP कर्मचारियों के पारिवारिक और मानवीय संकट से जुड़ा विषय बन चुका है। ट्रांसफर से जुड़े आवेदन, मेडिकल इमरजेंसी केस और वर्षों की प्रतीक्षा — सब कुछ एक बैठक के इंतजार में अटका है।

अब देखना होगा कि प्रबंधन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है, क्योंकि हर देरी किसी न किसी परिवार की मुश्किल बढ़ा रही है।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज 

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