भिलाई स्टील प्लांट में 105 KM/H की रफ्तार! कैमरे में कैद 85 अधिकारी-कर्मी, डेटा सार्वजनिक कर जलील?
– DIGITAL BHILAI NEWS –
– 28 – SEPTEMBER – 2025 – (BHILAI STEEL PLANT CCTV CAMERA NEWS)
- भिलाई इस्पात संयंत्र की सड़कों पर Road Safety को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है।
- प्लांट में लगे CCTV की मदद से सिर्फ 23 दिनों में 85 अधिकारी और कर्मचारी Speed Violation करते पकड़े गए।
- किसी ने 105 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी, जबकि प्लांट परिसर में लिमिट सिर्फ 30 KM/H है। सेफ्टी विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि नाम और पर्सनल नंबर सार्वजनिक कर जलील किया जा रहा है।
- आइये विस्तार से जानते है क्या है पूरा मामला ?
CCTV Camera की निगरानी में पकड़े गए 85 लोग
👉2 से 25 सितम्बर तक 85 अधिकारी-कर्मी कैमरों में पकड़े गए।
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GM, DGM, AGM समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल।
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सबसे बड़ा मामला T&D विभाग के कर्मचारी का रहा, जिन्होंने 105 KM/H की स्पीड से गाड़ी चलाई।
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प्लांट परिसर में अधिकतम स्पीड सिर्फ 30 KM/H तय है।

कहां लगे है Camera?
👉Road Safety के लिए BSP में 22 से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं। इनमें
👉CPP-2 Silo Road, Battery-9/10 Road, SMS-2 Road, संयंत्र भवन Road, Flyover (चढ़ाई और उतराई), Boria Gate Road, Plant Garage Road और Mars Road शामिल हैं।
👉हाल ही में Main Gate से BRM रोड पर भी कैमरे लगाए गए।

Speed Violation पर नाम और डेटा सार्वजनिक: विरोध क्यों?
👉कर्मचारियों का कहना है कि Speed Violation पर जुर्माना और काउंसिलिंग समझ में आता है, लेकिन पब्लिक में नाम और पर्सनल नंबर सार्वजनिक करना गलत है।
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यह Data Privacy का उल्लंघन है।
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विभागीय कार्रवाई आंतरिक दायरे में होनी चाहिए।
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“जलील करने वाली पॉलिसी” से कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच अविश्वास बढ़ेगा।
ट्रकों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं?
👉Road Safety का बड़ा मुद्दा सिर्फ स्पीड नहीं है।
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गेट के बाहर और अंदर लंबे समय से खड़े ट्रक भी लगातार हादसे की वजह बनते हैं।
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खराब सड़कें भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाती हैं।
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कर्मचारियों का सवाल: “कैमरे से हमें पकड़ना आसान है, लेकिन ट्रकों की वजह से होने वाले खतरे पर प्रबंधन चुप क्यों?”

Biometric Attendance और टाइम का दबाव
👉पिछले साल से Bhilai Steel Plant में Biometric Attendance अनिवार्य कर दी गई है।
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समय पर हाजिरी के दबाव में कई लोग तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने लगे हैं।
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यह Speed Violation का अप्रत्यक्ष कारण बन रहा है।
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CCTV Camera लगाना सही कदम है, लेकिन नियम लागू करने से पहले सुविधाओं और वास्तविकताओं का भी ध्यान रखना जरूरी है।
Road Safety के लिए सिर्फ सख्ती नहीं, सुविधाएं भी जरूरी
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सड़कें दुरुस्त करनी होंगी।
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गेट पर ट्रकों की समस्या खत्म करनी होगी।
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पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार करना होगा।
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कर्मचारियों के लिए ऐसी परिस्थितियां बनानी होंगी कि उन्हें Speed Violation करने की मजबूरी न रहे।
👉Bhilai Steel Plant में CCTV Camera से Speed Violation पकड़ना Road Safety के लिहाज से सही कदम है। लेकिन अगर कर्मचारियों का नाम और डेटा सार्वजनिक कर अपमानित किया जाएगा, तो यह सुधार के बजाय असंतोष ही बढ़ाएगा।कर्मचारियों का सवाल जायज़ है — “जब ट्रक और खराब सड़कें भी खतरा हैं, तो कार्रवाई सिर्फ हम पर क्यों?”
सुरक्षा का असली मतलब तभी होगा जब नियमों के साथ-साथ सुविधाओं और इंसाफ दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाए।
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K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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