बीएसपी कर्मचारियों को बड़ी राहत — लीव कॉम्बिनेशन की अनिवार्यता समाप्त, BSP वर्कर्स यूनियन के प्रयासों से मिली सच्ची छुट्टी की स्वतंत्रता
– DIGITAL BHILAI NEWS – (LEAVE COMBINATION UPDATE) –
“लीव कॉम्बिनेशन की अनिवार्यता समाप्त, जल्द होगा आदेश जारी👇”
- भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant – BSP) के कर्मचारियों के लिए यह सप्ताह ऐतिहासिक बन गया है।
- वर्षों से चली आ रही “लीव कॉम्बिनेशन” (Leave Combination) की अनिवार्यता — जिसे कर्मचारी लंबे समय से अपनी सबसे बड़ी दिक्कत मानते थे — अब समाप्त कर दी गयी और जल्द ही इतिहास बन कर रह जाएगी।
- यह निर्णय बीएसपी वर्कर्स यूनियन (BSP Workers Union – BWU) के लगातार एक वर्ष से चले आंदोलन, संवाद, कानूनी प्रयासों और प्रबंधन के सहयोगात्मक दृष्टिकोण की ऐतिहासिक सफलता का परिणाम है।
- आइये जानते है इस खबर का असर 👇
अब सच्ची अवकाश स्वतंत्रता – मिलेगी किन्तु परन्तु से आजादी
👉इस निर्णय के बाद अब कर्मचारी CL (Casual Leave), EL (Earned Leave), FL (Festival Leave) और HPL (Half Pay Leave) को आपस में जोड़कर बिना किसी अतिरिक्त औपचारिकता के सहज रूप से अवकाश ले सकेंगे। सबसे ज्यादा परेशानी उन कर्मचारियों को होती थी जो दूसरे राज्यों से यहाँ नौकरी कर रहे है, और त्यौहार में छुट्टी लेकर घर जाते है – अब उन्हें भी सहूलियत हो जाएगी।
👉अब तक की Leave Combination प्रणाली में विभिन्न प्रकार की छुट्टियों को जोड़ने पर कई बार नियमगत अड़चनें आती थीं, “सिस्टम द्वारा अस्वीकार्य” – जिससे कर्मचारी अपने वैध अवकाश का उपयोग करने में कठिनाई महसूस करते थे। इस नई व्यवस्था के लागू होने से उन्हें सच्चे अर्थों में “Leave Freedom” प्राप्त होगी।
👉इस नयी व्यवस्था से कर्मचारियों को न केवल सुविधा मिलेगी, बल्कि काम और निजी जीवन के बीच संतुलन भी मजबूत होगा।
एक साल की सतत लड़ाई — संवाद से समाधान तक
👉यूनियन ने बताया कि “Leave Combination” नियम को समाप्त करने के लिए वे लगभग एक वर्ष से लगातार प्रयासरत थे।
इस दौरान उन्होंने कई बार प्रबंधन से औपचारिक और अनौपचारिक बैठकों में इस मुद्दे को उठाया।
👉कर्मचारियों की कठिनाइयों के तथ्यात्मक उदाहरणों के साथ यूनियन ने यह साबित किया कि यह व्यवस्था अब अप्रासंगिक और अप्रभावी हो चुकी है।
👉जब शुरुआती दौर में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई, तो यूनियन ने यह मामला मुख्य श्रम आयुक्त (Central Labour Commissioner – CLC) के समक्ष भी प्रस्तुत किया।
👉यूनियन ने SAIL की अन्य इकाइयों से भी डाटा निकलवाया – और जाना की किसी अन्य यूनिट में भी इस तरह के कॉम्बिनेशन की कोई जटिल प्रकिया अस्तित्व में नहीं है, सिर्फ BHILAI STEEL PLANT में ही इस कॉम्बिनेशन से कर्मियों को परेशान किया जा रहा था।
👉CLC स्तर पर भी यूनियन ने इस मुद्दे की गंभीरता रखी और कर्मचारी हित में ठोस समाधान की माँग की।
इन सभी प्रयासों के बाद अंततः अब बीएसपी प्रबंधन ने “लीव कॉम्बिनेशन” की अनिवार्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है।
पुरानी “लीव कॉम्बिनेशन” व्यवस्था कैसी थी?
पहले कर्मचारियों को छुट्टियाँ जोड़ने के लिए एक तय Combination Pattern का पालन करना पड़ता था।
यदि कोई निर्धारित क्रम (निचे टेबल में प्रदर्शित) से अलग क्रम में छुट्टी अप्लाई करता था तो सिस्टम उस आवेदन को स्वीकृत ही नहीं करता था – यानि अगर कर्मचारी को छुट्टी लेना है तो इन पैटर्न को ध्यान में रख कर लेना होता था, जिससे वो स्वेच्छिकता से सहूलियत के हिसाब से लिव नहीं भर पता था – “सिस्टम द्वारा अस्वीकार्य” – जैसे —
| क्रमांक | पुराना संयोजन (Leave Pattern) | स्थिति / टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | CL – R – CL | अनुमत (Allowed) |
| 2 | CL – R – EL | प्रतिबंधित संयोजन |
| 3 | CL – FL – Absent | अस्वीकृत / वेतन रोका जा सकता था |
| 4 | EL – R – HPL | W/Off बीच में नहीं रखा जा सकता था |
| 5 | CL – R – Commuted Leave | अस्वीकृत संयोजन |
| 6 | HPL – R – HPL | Weekend बीच में नहीं रखा जा सकता था |
| 7 | Absent – FL – FL – Absent | वेतन रोककर Regularization तक लंबित |
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यूनियन के सतत प्रयासों की ऐतिहासिक सफलता
👉बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने पिछले एक वर्ष के दौरान इस विषय पर कई बार ज्ञापन सौंपे, श्रमिक बैठकों में चर्चा की, और कर्मचारी हित में ठोस आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी।
👉अध्यक्ष श्री उज्ज्वल दत्ता जी ने कहा-

“यह केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि कर्मचारियों के आत्मसम्मान और सहजता की दिशा में बड़ा कदम है,” उन्होंने आगे कहा — “हमने यह लड़ाई पूरी ईमानदारी और धैर्य के साथ लड़ी। प्रबंधन ने भी संवेदनशीलता दिखाई और अंततः वह दिन आया जब कर्मचारियों को वास्तविक छुट्टी की आज़ादी मिली। यह यूनियन के सामूहिक प्रयास और कर्मचारियों के विश्वास की जीत है।”
यूनियन पदाधिकारियों की सामूहिक भूमिका
इस ऐतिहासिक निर्णय के पीछे बीएसपी वर्कर्स यूनियन (BWU) के पूरे नेतृत्व दल का सामूहिक योगदान रहा।
यूनियन अध्यक्ष श्री उज्ज्वल दत्ता,
वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित बर्मन, जोगा राव, शेख मोहम्मद,
महासचिव खूबचंद वर्मा,
कार्यकारी महासचिव शिवबहादुर सिंह,
अतिरिक्त महासचिव दिलेश्वर राव,
उप महासचिव सुरेश सिंह, प्रदीप सिंह, मनोज डडसेना, विमल कांत पांडे, संदीप सिंह, राजकुमार सिंह, अभिषेक सिंह,
वरिष्ठ सचिव धनंजय गिरि, जितेंद्र यादव, लुमेश कुमार, दीपेश कुमार चुघ, कुंते लाल साहू, प्रवीण यादव, वेद प्रकाश वर्मा, हर्ष भारद्वाज, और रेंजी नायर
— सभी ने अपने-अपने स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन सभी पदाधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय केवल एक नीति परिवर्तन नहीं, बल्कि “कर्मचारियों की सामूहिक जीत” है।
उन्होंने बीएसपी प्रबंधन और उच्च अधिकारियों के सहयोग के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया।
इस निर्णय से क्या बदलेगा?
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अब कर्मचारी बिना किसी बाध्यता के विभिन्न छुट्टियाँ जोड़कर अवकाश ले सकेंगे।
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Leave Combination की अनिवार्यता समाप्त की गई।
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यूनियन के एक वर्ष के संघर्ष और CLC तक की पैरवी का परिणाम।
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निर्णय से कर्मचारियों के मनोबल, उत्पादकता और पारिवारिक जीवन में सुधार होगा।
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“संवाद से समाधान” की मिसाल के रूप में यह निर्णय अन्य इकाइयों के लिए भी प्रेरणादायक है।

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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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