BSP में Half CL की मांग तेज: कर्मचारियों के लिए समान सुविधा लागू करने पर जोर, भिलाई BAKS की आवाज बुलंद
– DIGITAL BHILAI NEWS
- भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मचारियों से जुड़े एक अहम मुद्दे ने फिर से तूल पकड़ लिया है।
- “Half CL (अर्द्ध आकस्मिक अवकाश)” को लेकर बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) भिलाई ने प्रबंधन के समक्ष पत्र लिखकर आवाज उठाई है – ताकि इसे BSP के Non-Ex कर्मचारियों के लिए भी लागू करवाया जा सकें।
- आइए विस्तार से जानते है👇
प्रबंधन को लिखा गया पत्र, लंबे समय से लंबित मांग!
👉बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने बीएसपी के अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) को पत्र लिखकर कर्मचारियों के लिए भी Half CL सुविधा लागू करने की मांग की है। अपने पत्र में यूनियन ने उल्लेख किया है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के लिए अर्द्ध आकस्मिक अवकाश की सुविधा शुरू कराने हेतु पूर्व में कई बार मांग पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक बीएसपी प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

अधिकारियों को सुविधा, कर्मचारियों को नहीं — उठे सवाल
👉यूनियन ने यह भी कहा है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा अधिकारी वर्ग के लिए Half CL की सुविधा पहले ही लागू की जा चुकी है। वहीं, सेल (SAIL) की अन्य कई यूनिट्स में यह सुविधा पहले से लागू है। ऐसे में भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों को इससे वंचित रखना समानता के सिद्धांत के खिलाफ बताया जा रहा है।
बायोमेट्रिक सिस्टम के बाद बढ़ी कर्मचारियों की परेशानी!
👉यूनियन ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू होने के बाद कर्मचारियों को निजी कार्यों के लिए आधे समय के लिए संयंत्र से बाहर जाने पर भी पूरी एक Casual Leave (CL) लेनी पड़ रही है।इस कारण कर्मचारियों की छुट्टियां छोटे-छोटे व्यक्तिगत कार्यों में ही समाप्त हो जा रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
⚠️ यूनियन की चेतावनी: लागू नहीं हुआ नियम तो होगा औद्योगिक विवाद
👉बीएकेएस ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए तथा एक कंपनी में समान नियम लागू करने के उद्देश्य से अर्द्ध आकस्मिक अवकाश की सुविधा तत्काल लागू की जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो यूनियन विवश होकर “अनफेयर लेबर प्रैक्टिस” के तहत औद्योगिक विवाद दायर करेगी।
उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
👉इस मांग को गंभीरता से उठाते हुए यूनियन ने अपने पत्र की प्रतिलिपि निदेशक प्रभारी, भिलाई इस्पात संयंत्र तथा उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर को भी भेजी है।
यूनियन का बयान: कर्मचारियों को छोटे लाभ के लिए तरसाया जा रहा!
👉BAKS भिलाई के महासचिव किशोर कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा कि बीएसपी प्रबंधन का एक सूत्रीय कार्यक्रम बन गया है कि छोटे-छोटे लाभ के लिए भी कर्मचारियों को तरसाया जाए, ताकि उनकी आवाज दबाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की इस नीति का विरोध सभी मंचों पर लगातार जारी रखा जाएगा।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

