भिलाई की बहू का कमाल: BSP कर्मचारी की पत्नी बनी PhD Scholar!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- दुर्ग के भारती विश्वविद्यालय में आज एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हुआ, जब परिसर में प्रथम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
- इस विशेष अवसर पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
- समारोह में कुल 86 शोधार्थियों को PhD की उपाधि प्रदान की गई।
- इन्हीं में से एक रही भिलाई स्टील प्लांट कर्मचारी की पत्नी, श्रीमती डॉ. सरोज पांडे – जिन्होंने नर्सिंग छात्रों में होने वाले तनाव पर महत्वपूर्ण शोध कार्य कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।
- उनको मनोविज्ञान विषय में उल्लेखनीय शोध के लिए Doctor of Philosophy की उपाधि से सम्मानित किया गया।
- आइये विस्तार से जानते है इस कार्यक्रम के बारे में👇
पहला दीक्षांत समारोह — विश्वविद्यालय के लिए नई उपलब्धि
👉भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग ने आज अपने शैक्षणिक सफर का एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा। यह विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह था, जिसका उद्देश्य शोध, गुणवत्ता शिक्षा और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। समारोह की भव्यता और अनुशासन ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि विश्वविद्यालय अब शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
👉महत्वपूर्ण अतिथि उपस्थित रहे:
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श्री टंकराम वर्मा, राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री (मुख्य अतिथि)
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श्री डी. के. गोयल, अध्यक्ष – छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग
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प्रो. बी.एल. तिवारी, कुलपति
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श्री जय चंद्राकर, मैनेजिंग डायरेक्टर
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श्री बी.के. सक्सेना, कुल सचिव
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विश्वविद्यालय की निदेशक श्रीमती शालिनी चंद्राकर
👉 राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा भेजे गए संदेश का वाचन भी समारोह में किया गया।
नर्सिंग छात्रों में तनाव पर प्रभावी शोध — सरोज पांडे की उत्कृष्ट उपलब्धि
👉श्रीमती डॉ सरोज पांडे ने अपने शोध “नर्सिंग छात्रों में शैक्षणिक तनाव, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और आत्म-प्रभावकारिता के संबंध में शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव का अध्ययन” पर कार्य किया है।
👉यह विषय आज के स्वास्थ्य-सेवा क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि नर्सिंग छात्रों को पढ़ाई, क्लिनिकल ड्यूटी और इमरजेंसी प्रैक्टिस के दौरान भारी मानसिक एवं शारीरिक दबाव का सामना करना पड़ता है।
👉उनके शोध से प्राप्त निष्कर्ष न केवल शैक्षणिक दृष्टि से उपयोगी हैं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में साइकोलॉजिकल सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने में भी सहायक साबित हो सकते हैं।

BSP कर्मचारी परिवार का गौरव — पति का योगदान और समर्थन
👉डॉ. सरोज पांडे की सफलता की सबसे मजबूत नींव उनके पति श्री शिव शंकर तिवारी, भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन विभाग में कार्यरत, रहे हैं। उन्होंने लंबे शोध काल में न केवल परिवार की जिम्मेदारियाँ संभालीं, बल्कि हर चरण पर सरोज पांडे को प्रोत्साहित किया।
गाइड और समर्थन
👉डॉ. सरोज पांडे ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गाइड डॉ. पूर्णिमा तिवारी, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. वीरेंद्र स्वर्णकर तथा अपने परिवार को दिया। उनका कहना था कि यह शोध उनके लिए केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा करने का महत्वपूर्ण संकल्प है।
👉डॉ. सरोज पांडे ने कहा: – “मेरी PhD की यह उपलब्धि मेरे पति, गाइड डॉ. पूर्णिमा तिवारी और अपने परिवार के निरंतर सहयोग के बिना संभव नहीं थी।”
👉वर्तमान में डॉ. सरोज पांडे जगदलपुर मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में अपनी सेवाएँ दे रही हैं। उनके शोध और सेवा दोनों का उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
समारोह की झलकियाँ और उल्लेखनीय क्षण
👉दीक्षांत समारोह में शोधार्थियों ने मंच पर आकर वर्षों की मेहनत और संघर्ष के फलस्वरूप अपनी उपाधियाँ प्राप्त कीं। परिवारों की उपस्थिति ने पूरे माहौल को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
👉श्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का यह पहला दीक्षांत समारोह राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र की नई दिशा का प्रतीक है। उन्होंने शोध को समाजहित एवं राज्यहित के अनुरूप विकसित करने की अपील की।
निष्कर्ष — नई पीढ़ी के शोध कार्यों की दिशा
👉भारती विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह ने यह साबित कर दिया है कि संस्थान उच्च शिक्षा के नए मानक गढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। डॉ. सरोज पांडे की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि समर्पण, निरंतर प्रयास और परिवार के सहयोग से बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। उनकी सफलता से न केवल विश्वविद्यालय, बल्कि भिलाई स्टील प्लांट कर्मचारी परिवार भी गौरवान्वित हुआ है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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