भिलाई इस्पात संयंत्र में मानव संसाधन और तकनीकी दक्षता पर मंथन: IR अधिकारियों संग DEAB का संवाद
– DIGITAL BHILAI NEWS – 21 अगस्त 2025 – भिलाई इस्पात संयंत्र
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के IR (industrial relations) में आज एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
- GM – HR/Industrial Relationship) श्री जे. ऐन ठाकुर और DEAB पदाधिकारियों के बीच यह संवाद उत्पादन क्षमता, मानव संसाधन प्रबंधन और स्किल अपग्रेडेशन पर केंद्रित रहा।
- BSP प्रबंधन आने वाले समय में न केवल उत्पादन दक्षता बढ़ाने की तैयारी में है, बल्कि कर्मचारियों के कौशल विकास और डिप्लोमा इंजीनियर्स की सक्रिय भागीदारी को भी एक अहम आधार बनाने जा रहा है।
- जानिए संवाद की मुख्य बातें क्या रही 👇🏻
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बैठक के मुख्य बिंदु 💯✔️

1. Man Power का प्रभावी इस्तेमाल
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संयंत्र की उत्पादन क्षमता को बनाए रखने और उसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए योग्य मानव संसाधन का सही दिशा में इस्तेमाल अनिवार्य है। कर्मचारियों की क्षमताओं का योजनाबद्ध और रणनीतिक उपयोग उत्पादकता को कई गुना बढ़ा सकता है।
2. स्किल लेबर में वृद्धि की आवश्यकता
आधुनिक तकनीकों और नए औद्योगिक ट्रेंड्स के साथ तालमेल बैठाने के लिए कर्मचारियों की निरंतर स्किल डेवलपमेंट की बात पर बल दिया गया। इसके लिए:
- नियमित प्रशिक्षण (Training Sessions)
- वर्कशॉप (Workshops)
- अपग्रेडेशन प्रोग्राम्स
जैसी पहल को और मजबूती देने की जरूरत बताई गई।
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3. डिप्लोमा इंजीनियर्स की भूमिका
DEAB का कहना है उनकी विशेषज्ञता और अनुभव का सही उपयोग किया जाए तो संयंत्र:
- रखरखाव (Maintenance)
- उत्पादन (Production)
- और नई तकनीकों के कार्यान्वयन (Implementation) में और अधिक आत्मनिर्भर बन सकता है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन (DEAB) ने साफ कहा कि अगर इन्हें उचित जिम्मेदारी और अवसर मिले तो बीएसपी नवाचार और तकनीकी दक्षता के नए आयाम छू सकता है।
आगे BSP की उत्पादन क्षमता 12 मिलियन टन होने वाली है, युवा वर्कफोर्स के रूप में डिप्लोमा इंजीनियर्स संयत्र की प्रभावशाली शक्ति है।
इस workforce का सही दिशा में इस्तेमाल से संयंत्र नए कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।
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बड़ा असर: भविष्य की दिशा
इस मुलाक़ात का सबसे बड़ा निष्कर्ष यही रहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के सतत विकास (Sustainable Growth) के लिए तीन स्तंभों पर काम करना होगा:
- 1. मानव संसाधन का योजनाबद्ध प्रबंधन
- 2. कर्मचारियों की स्किल डेवलपमेंट
- 3. डिप्लोमा इंजीनियर्स की सक्रिय भागीदारी
यदि इन पहलुओं पर गंभीर और ठोस पहल की जाती है तो बीएसपी आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता की मिसाल पेश कर सकता है।
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संगठन सचिव अजय तामुरिया का बयान
डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन भिलाई (DEAB) के संगठन सचिव श्री अजय तामुरिया ने कहा कि
“भिलाई इस्पात संयंत्र के सतत विकास में डिप्लोमा इंजीनियर्स की भागीदारी निर्णायक साबित होगी। उनका तकनीकी अनुभव और कार्यकुशलता उत्पादन व रखरखाव दोनों क्षेत्रों की रीढ़ है। यदि प्रबंधन मानव संसाधन के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ कौशल उन्नयन और नवाचार को बढ़ावा दे, तो बीएसपी आने वाले वर्षों में वैश्विक इस्पात उद्योग में भी उत्कृष्टता की मिसाल पेश करेगा।”
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बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस बैठक में DEAB भिलाई के अध्यक्ष श्री राजेश शर्मा के साथ-साथ संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें मोहमद रफी, घनश्याम साहू, विश्व मूर्ति, पवन साहू, उषाकर चौधरी सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल थे। सभी ने मिलकर प्रबंधन के साथ सार्थक संवाद को आगे बढ़ाया और कर्मचारियों के हितों से जुड़े ठोस सुझाव रखे।
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✍🏻 रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS
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K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

