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बोकारो स्टील प्लांट हादसा: SMS-2 में हॉट मेटल गिरने से 3 ठेका मजदूर बुरी तरह झुलसे

BOKARO STEEL PLANT ACCIDENT

– DIGITAL BHILAI NEWS –

– 28 – SEPTEMBER – 2025 – (NEWS FROM BOKARO STEEL PLANT)



  • इस वक्त बड़ी खबर बोकारो स्टील प्लांट (Bokaro Steel Plant) से आ रही है, जहा एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है।
  • रविवार शाम SMS-2 (Steel Melting Shop-2) यूनिट में मिक्सचर क्रेन से हॉट मेटल उठाने के दौरान क्रेन का रोप अचानक टूट गया।
  • इससे पूरा मेटल नीचे गिर गया और आसपास काम कर रहे तीन ठेका मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
  • सभी को तुरंत बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) में भर्ती कराया गया है।
  • जानिए कौन कौन झुलसे है?


झुलसे मजदूरों के नाम

घटना में तीन ठेका मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं। ये सभी SAIL Bokaro Steel Plant में अनुबंधित श्रमिक के रूप में कार्यरत थे—

  1. बृजेश कुमार महाता

  2. प्रवीण कुमार लहरी

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  3. ओम प्रकाश महली

BOKARO STEEL PLANT ACCIDENT

डॉक्टरों के अनुसार, इनमें से एक की स्थिति गंभीर है और इन्हें बर्न यूनिट में शिफ्ट किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक घायलों के शरीर पर 50% से 70% तक जलन है।

BOKARO SMS 2 ACCIDENT



पृष्ठभूमि और तकनीकी कारण

BOKARO STEEL PLANT का SMS-2 यूनिट स्टील उत्पादन की अहम इकाई है। यहां पर—

  • रोज़ाना भारी मात्रा में हॉट मेटल का हैंडलिंग किया जाता है।

  • मिक्सचर क्रेन का इस्तेमाल लिक्विड मेटल ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।

  • हादसा उस समय हुआ जब क्रेन का रोप अचानक टूट गया, और उसमें भरा हॉट मेटल सीधा नीचे गिर पड़ा।

ये सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या क्रेन की नियमित मेंटेनेंस जांच समय पर हुई थी और सुरक्षा ऑडिट की स्थिति क्या थी।



श्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर इस्पात उद्योगों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है:

  • ठेका मजदूरों को क्या पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (PPE Kit, Heat Resistant Suit) दिए गए थे?

  • SMS-2 में सुरक्षा ऑडिट कब हुआ था और क्या इसमें किसी प्रकार की खामियां पाई गई थीं?

  • क्रेन रोप जैसे हाई-लोड उपकरणों की कितनी बार जांच होती है?

यूनियनों का आरोप है कि उत्पादन लक्ष्य पूरे करने के दबाव में कई बार सुरक्षा मानकों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।



संभावित असर और प्रतिक्रिया

  1. उत्पादन प्रभावित: SMS-2 यूनिट के कुछ हिस्सों का काम फिलहाल बाधित हुआ है।

  2. मजदूरों में आक्रोश: ठेका श्रमिकों में असुरक्षा और नाराज़गी गहराई है।

  3. प्रबंधन पर दबाव: SAIL और BSL मैनेजमेंट पर मज़दूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।

  4. मुआवजे की मांग: मज़दूर संगठनों ने संकेत दिया है कि पीड़ितों को उचित मुआवजा और परिवारों को आर्थिक सहयोग दिया जाना चाहिए।

👉स्टील प्लांट के Steel Melting Shop (SMS) में सुरक्षा सर्वोपरि होती है, क्योंकि यहाँ उच्च तापमान, पिघला हुआ धातु, गैसें और भारी मशीनरी एक साथ कार्यरत रहती हैं। सबसे पहले, कर्मचारियों को PPE (Helmet, Heat-resistant suit, Face shield, Gloves, Shoes) अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। LADLE और कन्वर्टर क्षेत्र में Hot Metal handling के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखने, फर्श पर जल/तेल न होने देने और Emergency Stop System का सक्रिय रहना बेहद ज़रूरी है।

👉गैस क्षेत्र में गैस लीक का पता लगाने के लिए Gas detection alarm, वेंटिलेशन और नियमित निरीक्षण जरूरी हैं। EOT क्रेन संचालन से पहले Check-list सुनिश्चित की जाए और केवल प्रशिक्षित ऑपरेटर ही संचालन करें। पिघले धातु के छींटों से बचाव हेतु Splash guard व Barricading आवश्यक है।

👉हर Heat Cycle के दौरान Permit to Work, Safety Circle और Pre-job briefing की प्रैक्टिस करना जोखिमों को काफी कम करता है। अंत में, Fire hydrant, Sand bucket और Emergency Response Team हमेशा तैयार रहनी चाहिए ताकि दुर्घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।



निष्कर्ष :

👉BOKARO STEEL PLANT में हुआ यह हादसा इस बात की गंभीर चेतावनी है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि SAIL और बोकारो स्टील प्रबंधन इस हादसे पर क्या कदम उठाता है और घायल मजदूरों को कितना सहयोग मिलता है।


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One thought on “बोकारो स्टील प्लांट हादसा: SMS-2 में हॉट मेटल गिरने से 3 ठेका मजदूर बुरी तरह झुलसे

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