बीएसपी वर्कर्स यूनियन की बीआरएम मुख्य महाप्रबंधक से अहम बैठक: सुरक्षा, वेलफेयर और इंसेंटिव स्कीम पर हुई गहन चर्चा
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- कर्मचारियों की Safety (सुरक्षा), वेलफेयर और इंसेंटिव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने 06 दिसंबर 2025 को बीआरएम विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री योगेश शास्त्री से आधिकारिक बैठक की।
- बैठक का एजेंडा व्यापक था और इसमें कर्मचारियों के अधिकार, आवश्यकताओं तथा कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर खुलकर चर्चा हुई।
- यूनियन ने कई ऐसे विषय उठाए जो कुछ समय से कर्मचारियों के लिए चिंता का कारण बने हुए है।
- आइये विस्तार से जानते है इस बैठक के प्रमुख अंश👇

इंसेंटिव स्कीम का रिवीजन बना प्रमुख मुद्दा
👉बैठक में यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बीआरएम के कर्मचारियों को अन्य यूनिट्स की तुलना में काफी कम इंसेंटिव मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।
👉यूनियन ने यह भी कहा कि महंगाई, जीवन यापन की लागत और परिवार की आवश्यकताओं के बीच यह कम इंसेंटिव कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है।
इंसेंटिव संबधी यूनियन की मुख्य मांग:
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इंसेंटिव स्कीम का तत्काल रिवीजन किया जाए।
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इंसेंटिव स्ट्रक्चर को अन्य यूनिट्स के बराबर या उससे बेहतर बनाया जाए।
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कर्मचारियों की जरूरतों और काम के दबाव के अनुसार वेलफेयर-फ्रेंडली फैसले लिए जाएं।
Safety पर गंभीर चर्चा: PPE की गुणवत्ता से लेकर सभी श्रमिकों की सुरक्षा तक. …
👉बैठक का दूसरा बड़ा भाग सुरक्षा (Safety)पर केंद्रित रहा।
👉यूनियन ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में PPE किट, सुरक्षा उपकरण और अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा सामग्री की क्वालिटी और उपलब्धता को लेकर ठेका श्रमिकों में असंतोष था।
👉यूनियन की सुरक्षा संबंधी प्रमुख बातें:
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सुरक्षा साधनों की बेहतर गुणवत्ता और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हो।
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ठेका श्रमिकों के लिए भी सुरक्षा मानक समान हों।
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रेस्ट रूम, ऑपरेटर केबिन और कैंटीन की स्थिति में सुधार किया जाए।
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पीने योग्य पानी और साफ-सुथरे टॉयलेट की उपलब्धता बढ़ाई जाए।

मुख्य महाप्रबंधक: “कर्मचारियों की सुरक्षा और वेलफेयर हमारी प्राथमिकता है।”
👉मुख्य महाप्रबंधक ने यूनियन को बताया कि विभाग में सुरक्षा को लेकर कई नई पहलें पहले से ही लागू हैं। उन्होंने “घर से घर तक” नामक विशेष कार्यक्रम का विस्तार से जिक्र किया।
👉यह क्या है?
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हर महीने 50–55 ठेका श्रमिकों को उनकी पत्नी/परिवार के साथ HRDC में बुलाया जाता है।
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शाम के समय सुरक्षा जागरूकता पर विस्तृत चर्चा होती है।
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परिवार के साथ बातचीत कर यह समझाया जाता है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी कर्मचारी और परिवार दोनों की साझी है।
- बीआरएम में लगभग 400 ठेका श्रमिक कार्यरत हैं, जिन्हें इस कार्यक्रम में क्रमशः शामिल किया जा रहा है।
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कार्यक्रम में डिनर की व्यवस्था भी की जाती है।
👉उन्होंने यह भी बताया कि:
- कर्मचारियों के बीच सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए “चाय पर निजी बात” कार्यक्रम भी चल रहा है।
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कर्मचारियों को एक विशेष सुरक्षा कप दिया जाता है, जिस पर सुरक्षा शपथ और उनके परिवार की फोटो छपी होती है। यह कप रोज उपयोग में आने वाला प्रतीक बनकर सुरक्षा संदेश को याद दिलाता रहता है।

DSO WhatsApp ग्रुप: सुरक्षा रिपोर्टिंग का नया तरीका
👉विभाग ने सुरक्षा निगरानी को आसान बनाने के लिए DSO WhatsApp ग्रुप बनाया है जिसमें:
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रेगुलर कर्मचारी
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ठेका श्रमिक
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अधिकारी
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सुरक्षा विभाग से जुड़े जिम्मेदार लोग सभी शामिल हैं।
👉इस ग्रुप में किसी भी अनसेफ स्थिति की फोटो/वीडियो तुरंत भेजी जा सकती है, जिस पर मुख्य महाप्रबंधक द्वारा तुरंत संज्ञान लिया जाता है।
👉यह व्यवस्था विभाग में सुरक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान को तेज और प्रभावी बनाती है।
शॉप निरीक्षण में दिखी बेहतर हाउसकीपिंग
👉यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के दौरान शॉप का निरीक्षण भी किया। यहां हाउसकीपिंग की स्थिति संतोषजनक मिली और कई व्यवस्थाएं बेहतर रूप से संचालित होती नजर आईं। यूनियन ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।
बैठक में शामिल यूनियन प्रतिनिधि
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शिव बहादुर सिंह — कार्यकारी महासचिव
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शेख मेहमूद — वरिष्ठ उपाध्यक्ष
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विमल कांत पांडे — उप महासचिव
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राजकुमार सिंह – उप महासचिव
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लुमेश कुमार – उप महासचिव
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धनंजय कुमार गिरी — वरिष्ठ सचिव
👉इन सभी सदस्यों ने कर्मचारियों के महत्व के मुद्दों को मजबूती से उठाया और विभाग से इन्हें प्राथमिकता देने की मांग की।
बैठक का विश्लेषण: कर्मचारियों के भविष्य के लिए संकेत
इस बैठक से साफ है कि:
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कर्मचारी सुरक्षा को लेकर विभाग गंभीर है।
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यूनियन की इंसेंटिव संबंधी मांगें जायज़ हैं और इनके रिवीजन से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।
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ठेका श्रमिकों को मुख्यधारा सुरक्षा कार्यक्रमों में शामिल करना विभाग की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
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डिजिटल सुरक्षा रिपोर्टिंग (WhatsApp ग्रुप) एक आधुनिक और प्रभावी कदम है।
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K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


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