BSP ठेका श्रमिक की दर्दनाक मौत, BSP वर्कर्स यूनियन (ठेका प्रकोष्ठ) के प्रयास से परिवार को मिली त्वरित राहत!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे श्रमिक वर्ग को झकझोर कर रख दिया है।
- तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से हुई इस दुर्घटना में एक ठेका श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई।
- इस घटना ने न केवल एक परिवार को असहनीय दुख दिया, बल्कि संयंत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- हालांकि, घटना के बाद BSP वर्कर्स यूनियन (BWU) की सक्रियता ने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
रात का वो खौफनाक मंजर, जब एक टक्कर ने छीन ली जिंदगी!
👉भिलाई इस्पात संयंत्र के टी एंड डी विभाग के सामने देर रात यह हादसा हुआ, जब ठेका श्रमिक गोमती प्रसाद सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और श्रमिकों के बीच गहरा आक्रोश देखने को मिला।
यूनियन की सक्रियता बनी सहारा, तुरंत शुरू हुआ मदद का प्रयास
👉इस दौरान प्रबंधन के अधिकारी और ठेका कंपनी के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे बातचीत में तेजी आई और निर्णय जल्द लिए जा सके। घटना की सूचना मिलते ही बी.एस.पी. वर्कर्स यूनियन ठेका प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमित बर्मन एवं महासचिव धनंजय गिरि तत्काल सेक्टर-9 अस्पताल पहुंचे और मृतक श्रमिक के परिजनों को न्याय एवं सहायता दिलाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास शुरू किया।
इस दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की ओर से आई.आर. विभाग के प्रबंधक निवेश एवं प्रियंका मीना उपस्थित रहीं। ठेका कंपनी आर.के. इंटरप्राइजेज की ओर से उमेश सिंह, क्षेत्रीय पार्षद सरिता देवी तथा क्षेत्रीय कार्यकर्ता नंद कुमार मौर्य भी मौजूद रहे।
परिवार को मिला सहारा, मुआवजा, शिक्षा और नौकरी का आश्वासन
👉BWU यूनियन के लगातार प्रयास और दबाव के बाद मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मृतक की पत्नी को 2 लाख 62 हजार रुपये की राशि दी गई, जिससे शुरुआती आर्थिक संकट को कम किया जा सके। इसके साथ ही उनकी पुत्री की पढ़ाई को जारी रखने के लिए कक्षा 12वीं तक आर्थिक सहयोग देने का आश्वासन भी दिया गया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मृतक की पत्नी को सम्मानजनक नौकरी देने पर भी सहमति बनी, जिससे परिवार के भविष्य को स्थिरता मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल?
👉इस संबंध में बी.एस.पी. वर्कर्स यूनियन ठेका प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमित बर्मन ने कहा कि ठेका श्रमिकों की दुर्घटनाओं में लगातार हो रही मौतें अत्यंत गंभीर चिंता का विषय हैं। यह घटनाएँ स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि संयंत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा नीति को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा श्रमिक हितैषी बनाने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि ठेका श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाएँ और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय की जाए।
यूनियन का स्पष्ट संदेश
बी.एस.पी. वर्कर्स यूनियन ठेका प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया है कि वह ठेका श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सम्मान और न्याय की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती से लड़ता रहेगा तथा किसी भी पीड़ित श्रमिक परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगा।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

