भिलाई सेक्टर-7 में पीलिया संकट पर बड़ा एक्शन! टाउनशिप प्रबंधन और BSP वर्कर्स यूनियन आमने-सामने, लिए गए अहम फैसले!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई के सेक्टर-7 में फैलते पीलिया (Jaundice) के मामलों ने अब गंभीर रूप ले लिया है।
- लगातार बढ़ती शिकायतों और नागरिक सुविधाओं की बदहाल स्थिति के बीच गुरुवार को बीएसपी प्रबंधन और BSP Workers Union के बीच एक अहम बैठक हुई।
- इस बैठक में न सिर्फ बीमारी के कारणों पर चर्चा हुई, बल्कि समाधान के लिए कई ठोस फैसले भी लिए गए, जिससे हजारों रहवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
सेक्टर-7 में पीलिया का बढ़ता खतरा: क्यों बनी यह स्थिति?
👉भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) टाउनशिप का सेक्टर-7 इन दिनों पीलिया जैसी जलजनित बीमारी की चपेट में है। यह समस्या अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही अव्यवस्थाओं का परिणाम मानी जा रही है। वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी पानी की पाइपलाइन, गंदगी, और जलभराव की समस्या ने मिलकर हालात को गंभीर बना दिया। बैठक में यूनियन अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है। उन्होंने साफ शब्दों में प्रबंधन से कहा कि अब केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार जरूरी है।
यूनियन की दो टूक मांग: पाइपलाइन बदले, सफाई अभियान तेज हो
👉यूनियन ने स्पष्ट रूप से कहा कि सेक्टर-7 में वर्षों पुरानी पानी की पाइपलाइन अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जो दूषित पानी की मुख्य वजह बन रही है। ऐसे में इन पाइपलाइनों को तत्काल बदलना बेहद जरूरी है। साथ ही पूरे इलाके में व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाने की भी मांग की गई। यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि BSP प्रबंधन को केवल नगर निगम पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी जिम्मेदारी खुद निभानी चाहिए क्योंकि यह टाउनशिप उनकी ही देखरेख में आती है।
प्रबंधन का खुलासा: रेलवे निर्माण बना बड़ी वजह!
👉बैठक के दौरान BSP प्रबंधन ने एक अहम जानकारी साझा की। बताया गया कि सेक्टर-7 में सड़क क्रमांक 40 के आगे रेलवे द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान एक दीवार खड़ी कर दी गई थी। इस दीवार के कारण नाले के पानी का बहाव रुक गया, जिससे इलाके में जलभराव और गंदगी बढ़ गई। यही जलभराव और दूषित पानी पीलिया फैलने का प्रमुख कारण बन सकता है। हालांकि, प्रबंधन ने बताया कि अब इस दीवार को हटा दिया गया है और नाले के पानी का बहाव फिर से सामान्य कर दिया गया है। साथ ही पूरे क्षेत्र में सफाई अभियान भी चलाया गया है।
पानी की जांच शुरू, जल्द आएगी रिपोर्ट!
👉स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने सेक्टर-7 के 10 घरों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। इन रिपोर्ट्स के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह कदम इस बात का संकेत है कि समस्या की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।
पाइपलाइन बदलने की तैयारी: इन इलाकों से होगी शुरुआत
👉प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया कि सेक्टर-7 में पाइपलाइन बदलने का काम अब प्राथमिकता पर किया जाएगा। इसकी शुरुआत सड़क क्रमांक 37 से 40 तक की पाइपलाइन बदलने से होगी। यह निर्णय उन रहवासियों के लिए बड़ी राहत है, जो लंबे समय से दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे थे।
🦟 मच्छरों का खतरा भी बढ़ा, फॉगिंग के निर्देश जारी
👉बैठक में केवल पीलिया ही नहीं, बल्कि मच्छरों की बढ़ती समस्या पर भी चिंता जताई गई। यूनियन ने फॉगिंग मशीन चलाने की मांग रखी, जिस पर प्रबंधन ने तुरंत सहमति जताई।प्रबंधन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे सेक्टर में जल्द से जल्द फॉगिंग कराई जाए, ताकि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा भी टाला जा सके।
मेंटेनेंस और शिकायत व्यवस्था को डिजिटल बनाने की तैयारी
👉प्रबंधन ने बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी कि अब टाउनशिप में मेंटेनेंस कार्यों को और अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रत्येक कर्मचारी (Employee) के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मेंटेनेंस से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना पहले ही मैसेज के माध्यम से भेजी जाएगी, ताकि संबंधित व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा या अचानक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, प्रबंधन द्वारा एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी तैयार किया जा रहा है, जिस पर कॉल कर कर्मचारी बिजली (Electricity) या अन्य जरूरी सेवाओं से संबंधित अपनी समस्या सीधे दर्ज करा सकेंगे। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज और प्रभावी होने की उम्मीद जताई गई है।
टाउनशिप की अन्य समस्याएं भी उठीं: लाइट, सड़क और मेंटेनेंस पर फोकस
👉बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने टाउनशिप की अन्य गंभीर समस्याओं को भी उठाया। इसमें धीमी गति से हो रहे मेंटेनेंस कार्य, खराब स्ट्रीट लाइट, सड़कों की खराब हालत और जगह-जगह गड्ढों की समस्या शामिल रही। प्रबंधन ने इन सभी समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिससे साफ है कि अब टाउनशिप की ओवरऑल स्थिति सुधारने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
6 दिन बाद फिर होगी समीक्षा बैठक!
👉सबसे अहम फैसला यह रहा कि इस बैठक में लिए गए सभी निर्णयों की प्रगति की समीक्षा के लिए 6 दिन बाद फिर से बैठक आयोजित की जाएगी। इससे यह संकेत मिलता है कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लगातार मॉनिटरिंग के जरिए काम को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में उपस्थित रहे ये अधिकारी
बैठक में प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक (इंचार्ज नगर सेवा) ए. वी. श्रीनिवास, फूले – महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल), ए. बी. सोनी – माइंस जीएम (प्रभारी), के. विष्णु पाठक – जीएम, रवि कुमार तिवारी – डीजीएम, सरोज कुमार झा – एजीएम, डी. सी. सिंह – डीजीएम, वी. के. भोमदेकर – एजीएम, अतुल नौटियाल – जीएम तथा आर. गर्ग – डीजीएम उपस्थित रहे।
यूनियन की ओर से मौजूद रहे ये प्रतिनिधि-
👉बैठक में यूनियन की ओर से अध्यक्ष उज्जवल दत्ता, कार्यकारी महासचिव शिव बहादुर सिंह, अतिरिक्त महासचिव दिलेश्वर राव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं ठेका प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष अमित बर्मन, ठेका प्रकोष्ठ महासचिव धनंजय गिरि, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेख महमूद, उप महासचिव सुरेश सिंह, विमल पांडे, मनोज डडसेना, प्रदीप सिंह, दीपेश कुमार चुघ , लुमेश कुमार, कृष्णमूर्ति, संदीप सिंह, सचिव मंगेश वेध, सुभाष महाराणा, सुजीत सोनी सहित अन्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
राहत की उम्मीद, लेकिन नजर रहेगी अमल पर!
👉सेक्टर-7 के रहवासियों के लिए यह बैठक उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है। पीलिया जैसी गंभीर बीमारी पर अब सीधे एक्शन मोड में आने की जरूरत थी, जो इस बैठक में दिखाई दी। अब देखना यह होगा कि 6 दिन बाद होने वाली समीक्षा बैठक में कितनी प्रगति सामने आती है। क्योंकि असली बदलाव तभी आएगा, जब फैसले जमीन पर उतरेंगे।
अगली खबर पढ़े 👉Out of Syllabus विवाद के बाद बड़ा फैसला: दुर्ग यूनिवर्सिटी ने रद्द की बीकॉम फाइनल अंग्रेजी परीक्षा, 30 अप्रैल को दोबारा होगी!
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

