भिलाई में हाई-टेक नशे का खुलासा: हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी में तीसरी गिरफ्तारी से गहराया मामला!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई में सामने आए हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है, जहां दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई में एक और आरोपी की गिरफ्तारी ने इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।
- प्रदेश में पहली बार इस हाई-क्वालिटी नशीले पदार्थ की जब्ती के बाद से ही पुलिस सतर्क थी, और अब तीसरी गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि यह मामला केवल छोटे स्तर की तस्करी नहीं, बल्कि एक संगठित और योजनाबद्ध नेटवर्क का हिस्सा है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
पहले कार्रवाई से खुला राज: विक्रम साहू और यश विश्वकर्मा की गिरफ्तारी
👉इस मामले की शुरुआत 04 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब थाना भिलाई नगर पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान के तहत बोरसी रोड स्थित बीज विकास निगम, रुआबांधा क्षेत्र में दबिश दी थी। जहां दुर्ग पुलिस ने दबिश देकर दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों की पहचान तालपुरी निवासी विक्रम साहू और हुड़को निवासी यश विश्वकर्मा के रूप में हुई थी। पुलिस को इनके पास से सामान्य गांजे के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा भी बरामद हुआ था, साथ ही एक लाख पचहत्तर हजार रुपये मूल्य के मादक पदार्थ, मोबाइल और नगदी बरामद की गई थी। इस कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी, क्योंकि पहली बार इस तरह के हाई-टेक नशे की मौजूदगी सामने आई थी। इस मामले में अपराध क्रमांक 155/2026 के तहत धारा 20(ख), 27(ए) और 29 NDPS एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था। और इसके साथ ही इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी गई थी।
जांच आगे बढ़ी, हुड़को क्षेत्र से तीसरा आरोपी गिरफ्तार!
👉प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस लगातार मादक पदार्थ के स्रोत और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में 05 अप्रैल 2026 को पुलिस ने एक और आरोपी आयुष विश्वकर्मा, उम्र 29 वर्ष, निवासी एमआईजी 01/982, हुड़को भिलाई को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 1.4 ग्राम हाइड्रोपोनिक विधि से उगाया गया गांजा बरामद किया गया, जो उच्च गुणवत्ता का मादक पदार्थ है और नशे के लिए उपयोग में लाया जाता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अवैध मादक पदार्थ का संग्रहण और विक्रय कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा और क्यों बढ़ी चिंता?
👉हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे से अलग होता है, क्योंकि इसे पारंपरिक मिट्टी की बजाय नियंत्रित वातावरण में विशेष तकनीक के जरिए उगाया जाता है। इस प्रक्रिया में पौधों को पोषक तत्वों से भरपूर घोल के माध्यम से विकसित किया जाता है, जिससे इसकी गुणवत्ता, शुद्धता और नशीला प्रभाव काफी अधिक हो जाता है। यही कारण है कि इसकी कीमत भी सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक होती है और इसे हाई-एंड ड्रग के रूप में देखा जाता है। प्रदेश में पहली बार इस प्रकार के नशीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह संकेत देता है कि तस्कर अब तकनीकी और आधुनिक तरीकों का उपयोग कर रहे हैं।
नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी, आगे और खुलासों की संभावना
👉दुर्ग पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हाइड्रोपोनिक गांजा की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि मादक पदार्थ के स्रोत और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पतासाजी लगातार जारी है, जिससे आने वाले समय में और भी गिरफ्तारी और बड़े खुलासे संभव हैं।
नशा मुक्ति अभियान में बड़ी सफलता, पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
दुर्ग पुलिस द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत की जा रही यह कार्रवाई एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई है, जिसने प्रदेश में पहली बार हाई-टेक नशीले पदार्थ के नेटवर्क को उजागर किया है। इस पूरे ऑपरेशन में थाना भिलाई नगर पुलिस स्टाफ की सतत निगरानी, प्रभावी विवेचना और त्वरित कार्रवाई की सराहनीय भूमिका रही है, जिसके कारण इस संगठित तस्करी नेटवर्क की कड़ियां सामने आ सकीं। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

