Bhilai गणेश उत्सव में अवैध पार्किंग शुल्क वसूली! समितियाँ और पुलिस पर उठे गंभीर सवाल❗
– DIGITAL BHILAI NEWS –
29 अगस्त 2025 – Bhilai Township गणेश उत्सव
- ❗Bhilai Township के प्रमुख गणेश पंडालों के बाहर इस साल भी श्रद्धालुओं से अवैध पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है।
- ❗जबकि जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि किसी भी समिति को पार्किंग शुल्क लेने की अनुमति नहीं है।
- ❗कैमरे में कैद पर्चियाँ और तस्वीरें यह साबित करती हैं कि नियम केवल कागज़ों तक सीमित हैं,
- ❗और ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
- ❓चलिए जानते है Township के किन पंडालों में अवैध रूप से पार्किंग शुल्क लेकर धर्म के आड़ में धंधा किया जा रहा है ⚠️

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पृष्ठभूमि: आदेश थे “फ्री पार्किंग” के❗
❗गणेश चतुर्थी से पहले जिला प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर कहा था—“कोई भी समिति पार्किंग शुल्क नहीं लेगी।”
❗पिछले वर्षों में अव्यवस्था और शिकायतों के बाद इस बार खासतौर पर इस आदेश पर जोर दिया गया था।
❗बावजूद इसके, ₹20–₹30 तक की पार्किंग फीस वसूली खुलेआम जारी है।
❗क्या BSP के जमीन पर उन्हीं Bhilai वासियों से वाहन पार्किंग शुल्क लेना वो भी तब जब इसके लिए मनाही हो, उचित है ?? तो क्या जनता ये मान लें कि यह शुल्क BSP के पास जाता होगा??
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मौके से सबूत: पर्ची और पहचान पत्र
तस्वीरों में साफ़ दिखाई देता है—

1. सेक्टर-2 न्यू आज़ाद गणेशोत्सव समिति पंडाल

⁉️बाहर “न्यू स्टार सायकल स्टैंड” नाम से बाकायदा पर्ची काटी जा रही है।

❗दरें तय: कार ₹30 और मोटरसाइकिल ₹20।
पर्ची पर राशि लिखी गई है लेकिन समिति का नाम और वैध नंबर साफ़ नहीं, जिससे यह वसूली पूरी तरह ब्लैक कैश बन जाती है। और इस तरह समिति भी अपनी जवाबदेही से बच जा रही है।
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2. सड़क-14, आदर्श नवयुवक गणेशोत्सव समिति (सेक्टर-2)
⚠️यहाँ पर्ची पकड़ाकर पैसा लिया जा रहा है, लेकिन पर्ची पर कोई गाड़ी का नंबर दर्ज नहीं किया जा रहा।।

👉श्रद्धालु सवाल पूछते हैं तो उनसे कहा जाता है—“यह समिति नहीं, पार्किंग वाले जो पैसा ले रहे है उनसे बोलिए हमे नहीं पता”
भिलाई के सुप्रसिद्ध सेक्टर 02 पंडाल में एंट्री के 2 तरह के टिकट काउंटर बनाए गए है।। (यह जानकारी बस श्रद्धालुओं के सहूलियत के लिए डाला जा रहा है।)


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3. सेक्टर-1, सड़क-11 मैदान (CG Mirrors Cultural Group)
यहाँ भी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क लिया जा रहा है।



❗लोगो के बार-बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। लोग अपने परिवार के साथ होने के कारण ये सोच कर पार्किंग पर्ची कटवा लेते है कि 20- 30 rs के लिए क्या पछड़े में पड़ना। परन्तु यहां सवाल आदेश की अवेहलना का है।

यदि कोई ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए कहे तो इन्होंने अपने पास एक invalid QR code रखा है। जिसे स्कैन करने पर आपका पेमेंट नहीं होगा।
फिर पेमेंट नहीं होने पर आपको वो अपने पर्सनल फोन पे QR में पेमेंट करने बोलेंगे।। और वो पैसा उनकी जेब में।
सवाल यहां सिर्फ 20 या 30 rs का नहीं है। सवाल है लोगो को साथ धार्मिक आस्था के नाम पर भी परेशान किया जा रहा है।।
🚨 जिम्मेदारी टालने का खेल
समिति का बयान: आयोजक कहते हैं—“हम नहीं कर रहे, यह पार्किंग वाले अपने से कर रहे है।”
पार्किंग वालों से पूछो तो वो ये हमारे फलाने भैया बहुत बड़े लेवल के है, उनकी बहुत पहुंच है – इस तरह से डराने का काम कर रहे है।
पुलिस की प्रतिक्रिया: मौके पर तैनात पुलिसकर्मी कहते हैं—“हमें जानकारी नहीं है।”
जबकि पुलिस के नाक के नीचे ये अवैध काम हो रहा है।
यानी जिम्मेदारी को एक-दूसरे पर डालकर पूरा मामला दबाने की कोशिश हो रही है।
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🔎 विश्लेषण: जनता क्यों परेशान?
👉श्रद्धालु खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि सरकारी आदेश और जमीनी सच में फर्क है।
❗यह न सिर्फ प्रशासनिक आदेश की अवमानना है, बल्कि जनता से जबरन वसूली भी है।
⚠️सवाल ये कि—जब पुलिस मौके पर मौजूद है तो यह सब खुलेआम कैसे हो रहा है?
वसूला गया पैसा किसी भी सरकारी रजिस्टर में दर्ज नहीं होता, यानी सीधी कैश उगाही।
⚖️ असर और कानूनी पहलू
भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत यह कृत्य धोखाधड़ी और अवैध वसूली की श्रेणी में आता है।
संबंधित समितियों की आगामी आयोजनों की अनुमति खतरे में पड़ सकती है।
जनता का भरोसा टूटने से पंडालों की प्रतिष्ठा धूमिल होती है।
निष्कर्ष
Bhilai जैसे सांस्कृतिक और औद्योगिक शहर में गणेश उत्सव आस्था और उत्साह का प्रतीक है। लेकिन यदि अवैध वसूली और लापरवाही इसी तरह चलती रही तो यह पर्व श्रद्धा नहीं, शोषण का प्रतीक बन जाएगा। अब ज़रूरत है कि जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस मिलकर संयुक्त कार्रवाई करें और इन समितियों को जिम्मेदार ठहराएँ। श्रद्धालुओं का हक है—फ्री और सुरक्षित पार्किंग।
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✍🏻 रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

