7.70 लाख कर्मचारियों की ताकत रायपुर में एकजुट — CHV के जोरदार स्वागत के साथ निजीकरण के खिलाफ हुंकार

– DIGITAL BHILAI NEWS – 

  • रायपुर में शनिवार को बैंक कर्मचारियों की एकजुटता और संगठनात्मक शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला, जब देश के सबसे बड़े बैंक कर्मचारी संगठन All India Bank Employees Association (AIBEA) के महासचिव सी. एच. वेंकटाचलम (CHV) का ढोल-नगाड़ों और जोरदार नारों के बीच भव्य स्वागत किया गया।
  • यह स्वागत केवल औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र में जारी नीतिगत बदलावों और निजीकरण के मुद्दे पर कर्मचारियों की स्पष्ट और सशक्त प्रतिक्रिया भी माना जा रहा है।
  • आइये विस्तार से जानते है इस सम्मेलन के बारे में👇

रायपुर आगमन पर जोरदार स्वागत🎉-कर्मचारियों में दिखा जबरदस्त उत्साह

  • 21 फरवरी 2026 को रायपुर पहुंचने पर BOI Employees Union, Chhattisgarh के महासचिव श्री हर्षवर्धन सिंह बिस्ट और अन्य पदाधिकारियों ने महासचिव सी. एच. वेंकटाचलम का अत्यंत उत्साहपूर्ण स्वागत किया। स्वागत समारोह में ढोल-बाजों की गूंज, फूल-मालाओं की भव्यता और कर्मचारियों की जोशीली मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

  • महासचिव वेंकटाचलम छत्तीसगढ़ बैंक कर्मचारियों के संगठन Chhattisgarh Bank Employees Association (CGBEA) के 5वें राज्य सम्मेलन में भाग लेने के लिए रायपुर पहुंचे हैं। उनके आगमन ने प्रदेश के बैंक कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार किया और संगठनात्मक एकता को और अधिक मजबूत करने का संदेश दिया।


देश का सबसे बड़ा बैंक कर्मचारी संगठन — AIBEA की व्यापक ताकत

👉AIBEA को देश के बैंकिंग क्षेत्र का सबसे बड़ा और प्रभावशाली कर्मचारी संगठन माना जाता है। देशभर में इसके लगभग 7 लाख 70 हजार सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, जो इसे एक अत्यंत मजबूत राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं।

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👉यह संगठन 12 राष्ट्रीयकृत बैंकों में से 10 बैंकों में प्रमुख यूनियन के रूप में कार्यरत है, जबकि विभिन्न निजी बैंकों में भी इसके सदस्य सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इतनी व्यापक उपस्थिति के कारण बैंकिंग नीतियों, कर्मचारियों के अधिकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मजबूती से जुड़े मुद्दों पर AIBEA की आवाज़ को विशेष महत्व दिया जाता है।


निजीकरण के खिलाफ संघर्ष तेज करने का सामूहिक संकल्प

👉स्वागत समारोह के दौरान उपस्थित कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत बनाए रखने और निजीकरण के प्रयासों का पुरजोर विरोध करने का सामूहिक संकल्प लिया। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि बैंकिंग व्यवस्था को कमजोर करने वाली किसी भी नीति के खिलाफ संगठित संघर्ष जारी रहेगा।

👉इस अवसर पर महासचिव सी. एच. वेंकटाचलम ने अपने संबोधन में कहा कि बैंकिंग उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे कमजोर करने की दिशा में उठाए गए किसी भी कदम का कर्मचारी वर्ग एकजुट होकर विरोध करेगा। उन्होंने संगठन और एकता को कर्मचारी शक्ति का सबसे बड़ा आधार बताते हुए कहा कि सामूहिक संघर्ष ही अधिकारों की रक्षा का सबसे प्रभावी मार्ग है।


📊 राज्य सम्मेलन में बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों पर गंभीर मंथन

👉रायपुर में आयोजित 5वें राज्य सम्मेलन में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति तय करने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

👉सम्मेलन में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है, उनमें वेतन समझौता, स्टाफ की कमी, बढ़ता कार्यभार, सेवा शर्तों की सुरक्षा और बैंकिंग क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियाँ शामिल हैं। इन विषयों पर गहन विचार-विमर्श के बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी, जिससे कर्मचारियों के हितों की रक्षा और बैंकिंग व्यवस्था की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।


विभिन्न बैंक यूनियनों की व्यापक भागीदारी

👉इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में इंडियन बैंक एम्प्लॉयस एसोसिएशन के महासचिव श्री अनुपम एक्का और उनकी टीम, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एम्प्लॉयीज यूनियन के महासचिव व्हाई शिवा और उनकी टीम, पंजाब नेशनल बैंक के महासचिव पी. के. दास, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के महासचिव शैलेश कुकरेजा तथा यूको बैंक के महासचिव शिरीष नलगुंडवार शामिल रहे। इन संगठनों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े मुद्दे केवल किसी एक संस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे बैंकिंग समुदाय की साझा चिंता है।


कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं — संगठन का स्पष्ट संदेश

👉BOIEU-CG के महासचिव श्री हर्षवर्धन सिंह बिस्ट ने पुष्पमाला और बुके भेंट कर महासचिव वेंकटाचलम का स्वागत किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि कर्मचारियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन हर परिस्थिति में कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है।


निष्कर्ष: एकता का संदेश और संघर्ष की नई दिशा

👉रायपुर में हुआ यह आयोजन केवल स्वागत समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह बैंक कर्मचारियों की एकजुटता, संगठनात्मक शक्ति और बैंकिंग नीतियों पर उनकी स्पष्ट स्थिति का प्रतीक बनकर सामने आया। निजीकरण, कार्यभार और सेवा शर्तों जैसे मुद्दों पर बढ़ती चिंता के बीच यह सम्मेलन आने वाले समय में कर्मचारी आंदोलन की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।


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