CG Rajyotsav 2026: पलक मुच्छल और अभिजीत भट्टाचार्य के गीतों से गूंजेगा नवा रायपुर, आसमान में सारंग हेलीकॉप्टर दिखाएंगे करतब, जानिए 3 दिन का पूरा कार्यक्रम
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- छत्तीसगढ़ की संस्कृति का रंग, बॉलीवुड के सुरों का जादू और आसमान में भारतीय वायुसेना के हैरतअंगेज करतब...
- इस बार छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में दर्शकों को एक साथ कई बड़े आकर्षण देखने को मिलने वाले हैं।
- राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर में तीन दिवसीय भव्य आयोजन होने जा रहा है।
- इसमें पलक मुच्छल, स्वास्ति मेहुल और अभिजीत भट्टाचार्य जैसे लोकप्रिय गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे, तो दूसरी ओर पंडवानी, पंथी, सुआ नृत्य और आदिवासी लोककलाओं के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत जीवंत होगी।
- इतना ही नहीं, 2 नवंबर को भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो भी विशेष आकर्षण रहेगा।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
1 से 3 नवंबर तक होगा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का आयोजन
👉छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का आयोजन 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर के मेला ग्राउंड में किया जाएगा। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। इसके माध्यम से महिला सशक्तिकरण, युवाओं की प्रतिभा, आत्मनिर्भरता और प्रदेश के विकास की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। तीन दिवसीय आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विभिन्न शासकीय विभागों की विकास प्रदर्शनियां, लोककला एवं शिल्प प्रदर्शनी और राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। इसके जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं को भी सामने रखा जाएगा।
मनसुख मांडविया करेंगे उद्घाटन, अमित शाह होंगे समापन समारोह के मुख्य अतिथि
👉राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में 1 नवंबर को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी आयोजन में शामिल होंगे। राज्योत्सव का दूसरा दिन यानी 2 नवंबर भी विशेष रहेगा। इस दिन राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विधायक राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, अनुज शर्मा और इंद्र कुमार साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। वहीं, 3 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में राज्योत्सव का समापन होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इसी दिन राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन भी किया जाएगा।
पलक मुच्छल, स्वास्ति मेहुल और अभिजीत भट्टाचार्य की होगी खास प्रस्तुति
👉इस बार राज्योत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण बॉलीवुड के लोकप्रिय पार्श्व गायकों की प्रस्तुतियां रहने वाली हैं। तीनों दिन मुख्य मंच पर अलग-अलग कलाकार अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे।
पहला दिन – 1 नवंबर: राज्योत्सव के मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। शाम 5 से 6 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार प्रादेशिक एवं राज्यस्तरीय लोकसंगीत प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे रायपुर के कलाकार अनुराग शर्मा की संगीतमय प्रस्तुति होगी। शाम 6:30 से 8 बजे तक उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रात 8 बजे बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
दूसरा दिन – 2 नवंबर: दूसरे दिन शाम 6 से 7 बजे तक ‘मैं अयोध्या हूं’ नाट्य प्रस्तुति का मंचन होगा। इसके बाद शाम 7 बजे रायपुर के कलाकार सुनील सोनी अपनी प्रस्तुति देंगे। रात 8 बजे से बॉलीवुड पार्श्व गायिका स्वास्ति मेहुल के गीतों की प्रस्तुति होगी।
तीसरा दिन – 3 नवंबर: अंतिम दिन शाम 6 से 6:30 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार लोकसंगीत प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंथी कलाकार पद्मश्री उषा बारले की प्रस्तुति होगी। शाम 7 से रात 9 बजे तक राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। वहीं, रात 9 बजे से बॉलीवुड के लोकप्रिय पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपने मशहूर गीतों से राज्योत्सव की अंतिम शाम को यादगार बनाएंगे। तीनों दिनों में राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां रात 8 बजे से निर्धारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
2 नवंबर को आसमान में दिखेगा भारतीय वायुसेना का शौर्य, सारंग टीम करेगी एयर शो
👉राज्योत्सव 2026 का एक और बड़ा आकर्षण भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो होगा। यह प्रदर्शन 2 नवंबर को सुबह 11 बजे से नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव के जरिए सारंग टीम के पायलट आसमान में सामूहिक उड़ान, आकर्षक हवाई संरचनाओं और रोमांचक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। पांच हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन की जानकारी प्रकाशित हुई है। मोर से प्रेरित विशेष रंग-सज्जा वाले हेलीकॉप्टरों की उड़ान और पायलटों के बीच सटीक तालमेल इस शो को खास बनाएगा। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व वाली सारंग टीम में महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षया भी शामिल हैं। यह प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के शौर्य, अनुशासन, टीमवर्क और स्वदेशी विमानन तकनीक की क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
शिल्पग्राम में दिखेगी छत्तीसगढ़ की असली सांस्कृतिक पहचान
👉राज्योत्सव में केवल बॉलीवुड संगीत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं को भी विशेष स्थान दिया गया है। मुख्य मंच के साथ शिल्पग्राम में भी स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। तीन दिनों में 30 से अधिक स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोककला, लोकसंगीत, नृत्य, नाट्य और शास्त्रीय कलाओं की विविधता देखने को मिलेगी। इन प्रस्तुतियों में पंडवानी, पंथी, सुआ नृत्य, कथक, ओडिसी, लोकमंच, लोकगीत, भजन, सूफी संगीत, गजल, शास्त्रीय नृत्य और आदिवासी लोकसंगीत जैसी विधाएं शामिल हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आने वाले कलाकार अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
पहले दिन पंडवानी और लोकसंगीत की रहेगी धूम
👉1 नवंबर को शिल्पग्राम मंच पर कुल नौ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। कार्यक्रम की शुरुआत रायपुर के शिवेन्द्र मंडावी के लोकसंगीत एवं गिटार वादन से होगी। इसके अलावा राजीव श्रीवास्तव का रिदम बैंड और संतोष कुमार सिंहा का फ्यूजन बैंड भी अपनी प्रस्तुति देंगे। छत्तीसगढ़ की विश्वप्रसिद्ध पंडवानी परंपरा को दुर्ग के चेतन देवांगन और रायपुर की दुर्गा साहू अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत करेंगे। वहीं अनुष्का सुल्ताना शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगी। इसके अलावा दुर्ग की रजनी रजक लोकमंच एवं ढोलामारू की प्रस्तुति देंगी। बिलासपुर की वंदिता साहू लोकसंगीत और पायल साहू लोकमंच की प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन करेंगी।
दूसरे दिन ओडिसी, कथक, सुआ नृत्य और पंडवानी का संगम
👉2 नवंबर को शिल्पग्राम मंच पर कुल 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इस दिन कार्यक्रम में ओडिसी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्यों के साथ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं का भी प्रदर्शन होगा। प्रसन्ना अवस्थी लोकसंगीत एवं नृत्य प्रस्तुत करेंगी, जबकि सुष्मिता दास ओडिसी नृत्य से दर्शकों को आकर्षित करेंगी। दुर्ग की समप्रिया पूजा निषाद पंडवानी गाथा प्रस्तुत करेंगी। बिलासपुर के अंकित निर्मलकर सूफी, गजल एवं सुगम गायन की प्रस्तुति देंगे। वहीं गरियाबंद की मिलवंतीन बाई सुआ नृत्य के जरिए प्रदेश की लोकपरंपरा को मंच पर उतारेंगी। इसके अलावा रायपुर की मेघा बोस ताम्रकार पारंपरिक लोकसंगीत, आंचल पाण्डेय कथक नृत्य और धमतरी की रुखमनी दीवान लोकमंच की प्रस्तुति देंगी। आदित्य मिश्रा बैंड, विनीत त्रिपाठी के कथक नृत्य और तेजराम साहू के लोकमंच कार्यक्रम भी इस दिन के आकर्षण होंगे।
अंतिम दिन पंथी, आदिवासी लोकनृत्य और भजनों की विशेष प्रस्तुति
👉3 नवंबर को शिल्पग्राम मंच पर दस सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इस दिन छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, भक्ति संगीत और जनजातीय संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिलेगी। रायपुर की आस्था भट्ट भजन गायन प्रस्तुत करेंगी। दुर्ग की आरती बारले पंथी नृत्य और कबीरधाम के राकेश सेन लोकमंच की प्रस्तुति देंगे। रायपुर के दिनेश कुमार जांगड़े भी पंथी नृत्य के जरिए दर्शकों को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ेंगे। इसके अलावा पूर्णिमा साहू जसगीत एवं जगराता भजन प्रस्तुत करेंगी, जबकि अभिषेक सोनकर आदिवासी लोकसंगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति देंगे। दीपाली पाण्डेय कथक समूह नृत्य, वृद्धमन वचस्पति भारती सूफी संगीत और अनुष्णा रॉय चौधरी कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। आनंदकुमार पाण्डेय की नाट्य प्रस्तुति भी अंतिम दिन के कार्यक्रम का हिस्सा होगी।
40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कारों से सम्मानित होंगी प्रतिभाएं
👉राज्योत्सव के अंतिम दिन 3 नवंबर को आयोजित होने वाला राज्य अलंकरण समारोह भी विशेष आकर्षण रहेगा। इस दौरान कला, साहित्य, संस्कृति, खेल, कृषि, विज्ञान, समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए कुल 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार प्रदान किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह समारोह उन व्यक्तियों और प्रतिभाओं के योगदान को सम्मान देने का अवसर होगा, जिन्होंने अपने कार्यों से छत्तीसगढ़ की पहचान और प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सभी जिला मुख्यालयों में भी मनाया जाएगा राज्योत्सव
👉इस बार राज्योत्सव का उत्साह केवल नवा रायपुर तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से जिलों की उपलब्धियों, स्थानीय प्रतिभाओं और शासन की योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को भी राज्य स्थापना दिवस के उत्सव से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
विकास प्रदर्शनियों में दिखेगी छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और भविष्य की झलक
👉राज्योत्सव परिसर में विभिन्न शासकीय विभागों की ओर से विकास प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इन प्रदर्शनियों में सरकारी योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रदेश में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ जैसे विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनियां प्रदेश की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं को सामने रखेंगी। इसके साथ ही शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय कारीगरों के हुनर को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ व्यापक पहचान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
लोकसंस्कृति, आधुनिक संगीत और विकास का संगम बनेगा राज्योत्सव 2026
👉छत्तीसगढ़ राज्योत्सव केवल राज्य स्थापना दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, जनजातीय परंपराओं और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। पंडवानी, पंथी, सुआ नृत्य और आदिवासी लोकसंगीत जैसी विधाएं छत्तीसगढ़ के सामाजिक जीवन, लोकआस्था और ऐतिहासिक परंपराओं की अभिव्यक्ति हैं। इन कलाओं को बड़े मंच पर स्थान मिलने से स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकेगी। वहीं बॉलीवुड के लोकप्रिय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना का एयर शो इस आयोजन को और भी खास बनाएंगे।
कुल मिलाकर, 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर में आयोजित होने वाला छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 संस्कृति, संगीत, कला, सम्मान और रोमांच का अनूठा संगम बनने जा रहा है। इस बार ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम के साथ राज्योत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता और विकास की नई संभावनाओं को देशभर के सामने प्रस्तुत करने का अवसर बनेगा।
Digital Bhilai News | संपादकीय नोट: विस्तृत कलाकार सूची और शिल्पग्राम की प्रस्तुतियों का विवरण उपलब्ध कार्यक्रम सामग्री के आधार पर रखा गया है। आयोजन के दौरान समय-सारणी में प्रशासनिक बदलाव संभव हैं।
अगली खबर पढ़े 👉 एकता दिवस विशेष: सरदार पटेल की विरासत और आधुनिक भारत में राष्ट्रीय एकता की चुनौतियां!
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

