BSP प्रबंधन और संयुक्त यूनियन की बैठक में कर्मचारियों के मुद्दों पर चर्चा, कैंटीन सुधार से लेकर वेज रिवीजन तक रखी गई बात!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन एवं संयुक्त यूनियन की इस्पात भवन सभागार में आयोजित संयुक्त बैठक में कर्मचारियों की सुरक्षा, वेलफेयर, कैंटीन सुविधाओं, ग्रेडिंग में पारदर्शिता, सेक्टर-9 अस्पताल की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
- बैठक में बीएसपी वर्कर्स यूनियन की ओर से शिव बहादुर सिंह एवं संदीप सिंह ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों को कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के समक्ष प्रमुखता से रखा।
- बैठक में कैंटीनों में सुधार, नए कैंटीन की शुरुआत, शौचालयों की मरम्मत और पेयजल सुविधाओं को लेकर प्रबंधन की ओर से महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
कर्मचारियों की सुरक्षा, वेलफेयर और सुविधाओं के मुद्दे उठाए
👉बीएसपी वर्कर्स यूनियन की ओर से बैठक में कर्मचारियों की सुरक्षा एवं वेलफेयर से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन ने कर्मचारियों को दूसरे इस्पात संयंत्रों में विजिट के लिए भेजने, आरएफआईडी (RFID) नहीं लगाने, कैंटीनों की स्थिति में सुधार करने और ओएचपी में कैंटीन शुरू करने की मांग रखी।
इसके अलावा ग्रेडिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सेक्टर-9 अस्पताल की स्थिति में सुधार करने, सेवा समिति में सदस्यों का मनोनयन करने, फेस्टिवल एडवांस में बढ़ोतरी करने तथा यूनियन कार्यालयों का किराया शून्य करने जैसे मुद्दे भी उठाए गए। यूनियन की ओर से फॉरेस्ट एवेन्यू में डिवाइडर बनाने सहित अन्य विषयों पर भी प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया।
कैंटीनों में पॉम ऑयल और डिस्पोजल आइटम पर तत्काल पाबंदी की बात
👉बैठक में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) एवं मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) की ओर से कैंटीन सुविधाओं में सुधार को लेकर जानकारी दी गई। बताया गया कि कैंटीनों में पॉम ऑयल एवं डिस्पोजल आइटम के इस्तेमाल पर तत्काल पाबंदी लगाई जाएगी। इसके साथ ही ब्लास्ट फर्नेस में ग्राउंड लेवल पर बीएफ-6 के सामने नया कैंटीन शुरू किया जाएगा। वहीं, 15 नंबर बिल्डिंग में प्रीमियम कैंटीन की ओपनिंग 1 जनवरी को सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई।
125 शौचालयों की मरम्मत और 500 ड्रिंकिंग एक्वागार्ड लगाने की तैयारी
👉कर्मचारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के संबंध में बैठक में बताया गया कि संयंत्र में चिन्हित 125 शौचालयों की मरम्मत एवं रंग-रोगन का कार्य शुरू है। इसके अतिरिक्त प्लांट में 500 ड्रिंकिंग एक्वागार्ड लगाए जाने की जानकारी दी गई। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य कर्मचारियों को कार्यस्थल पर बेहतर स्वच्छता एवं पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
39 महीने के एरियर पर प्रबंधन का स्पष्ट रुख
👉यूनियन के तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार – बैठक में 39 महीने के एरियर का मुद्दा भी सामने आया। इस पर कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) ने कहा कि यह अध्याय पूरी तरह बंद हो चुका है और इस पर दोबारा चर्चा किए जाने का कारण समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो अगला वेज रिवीजन समय पर और अच्छा होगा। वेज रिवीजन को लेकर दिया गया यह बयान कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, हालांकि अगली वेतन पुनरीक्षण प्रक्रिया की समय-सीमा एवं अन्य विवरण बैठक में स्पष्ट नहीं किए गए।
दुर्ग जिले के पांच ITI में बीएसपी की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम चलाने की योजना
👉बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि भिलाई इस्पात संयंत्र को दुर्ग जिले के पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में बीएसपी की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर संचालित करने की जिम्मेदारी मिलने वाली है। इस पहल के तहत औद्योगिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित किए जाने की बात कही गई। इससे संबंधित संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संयंत्र की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने का अवसर मिल सकता है।
1700 रिटेंशन मकान खाली कराने पर जोर, नए आवंटन को लेकर भी जानकारी
👉आवास व्यवस्था के संबंध में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) ने कहा कि 1700 रिटेंशन मकान खाली होने चाहिए। उन्होंने बताया कि फिलहाल रिटेंशन या लाइसेंस के तहत बीएसपी का कोई भी क्वार्टर आवंटित नहीं किया जाएगा। यह विषय संयंत्र की आवास व्यवस्था और उपलब्ध क्वार्टरों के प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, खाली कराए जाने वाले मकानों की समय-सीमा और आगे की आवंटन प्रक्रिया के संबंध में बैठक में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
मिल वाउचर योजना का लाभ लेने वाले कर्मचारियों की संख्या कम
👉बैठक में कर्मचारियों के लिए मिल वाउचर योजना का विषय भी उठाया गया। कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) ने इस योजना को अच्छा बताते हुए कहा कि वर्तमान में लगभग 1300 से 1400 कर्मचारी ही मिल वाउचर ले रहे हैं, जबकि इसके लिए करीब 6500 कर्मचारी पात्र हैं। उन्होंने पात्र कर्मचारियों से योजना का लाभ लेने की बात कही और बताया कि इसका लाभ लेना कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
iGOT प्रशिक्षण पूरा करने पर दिया गया जोर
👉बैठक में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) ने सभी संबंधित कर्मचारियों से iGOT कोर्स पूरा करने की बात कही। उन्होंने इस प्रशिक्षण को पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में प्रबंधन और यूनियन के पदाधिकारी रहे उपस्थित
👉बैठक में प्रबंधन की ओर से कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) प्रशांत ओझा, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संजय द्विवेदी, अतुल नौटियाल, राजीव कुमार, सुरजीत मलिक सहित पर्सनल एवं आईआर के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं, बीएसपी वर्कर्स यूनियन की ओर से कार्यकारी महासचिव शिव बहादुर सिंह, उप महासचिव संदीप सिंह तथा अन्य यूनियनों के पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
कर्मचारियों के मुद्दों पर आगे की कार्रवाई रहेगी महत्वपूर्ण
👉इस्पात भवन में हुई बैठक में कर्मचारियों की कार्यस्थल संबंधी सुविधाओं, कैंटीन व्यवस्था, पेयजल, आवास, वेज रिवीजन और प्रशिक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। प्रबंधन की ओर से कुछ सुविधाओं के संबंध में योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी दी गई, जबकि यूनियन ने कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। अब इन विषयों पर घोषित व्यवस्थाओं का क्रियान्वयन, सुविधाओं में वास्तविक सुधार और लंबित मांगों पर आगे होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

