चेतन साहू हत्याकांड मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास समेत ये सजाएं –
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- दुर्ग में चैतन साहू की मौत से जुड़े हत्या और मारपीट के मामले में जिला न्यायालय ने 14 अक्टूबर 2026 को अहम फैसला सुनाया है।
- थाना सुपेला में दर्ज अपराध क्रमांक 437/2024 की विवेचना और न्यायालयीन विचारण के बाद दोषसिद्ध आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
- उपलब्ध न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार, मामले में आजीवन कारावास सहित अलग-अलग अवधि की सजाओं का प्रावधान किया गया है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
मामले में दुर्ग जिला न्यायालय का फैसला
👉थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 437/2024 से संबंधित प्रकरण में माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग द्वारा दिनांक 14.10.2026 को निर्णय पारित किया गया। प्रकरण हत्या एवं मारपीट की घटना से संबंधित है, जिसमें न्यायालय ने संबंधित आरोपियों को दोषसिद्ध कर विभिन्न धाराओं के अंतर्गत सजा सुनाई।
उपलब्ध न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार, रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा एवं कुलेश्वर साहू के विरुद्ध संबंधित धाराओं में दोषसिद्धि एवं सजा के आदेश जारी किए गए हैं। न्यायालयीन आदेश में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/190 सहित अन्य धाराओं के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं विभिन्न अवधि के कारावास की सजाओं का उल्लेख है।
क्या है पूरा मामला?
👉दिनांक 29 दिसंबर 2024 को रात्रि लगभग 20:30 बजे आयुष्मान हॉस्पिटल के पास, सिविल लाइन, दुर्ग में चैतन साहू के साथ मारपीट किए जाने तथा उसकी मृत्यु होने की घटना सामने आई थी। इस संबंध में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 437/2024 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था।
प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत विवेचना की गई। विवेचना अधिकारी निरीक्षक केशव राम कोसले द्वारा मामले की जांच की गई। इसके बाद प्रकरण को न्यायालय में विचारण के लिए प्रस्तुत किया गया, जहां उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर सुनवाई के बाद निर्णय पारित किया गया।
मॉडस ऑपरेंडी: मारपीट और घातक हथियारों से हमले का उल्लेख
👉न्यायालयीन अभिलेख के अनुसार, आरोपियों द्वारा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर चैतन साहू के साथ मारपीट की गई थी। घटना में बल एवं हिंसा का प्रयोग किए जाने तथा घातक हथियारों से हमला किए जाने का उल्लेख न्यायालयीन दस्तावेजों में है।
आरोपियों के नाम एवं पते
- रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा, उम्र 19 वर्ष, निवासी चांदनी चौक, थाना कोतवाली, अंबिकापुर, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़)।
- कुलेश्वर साहू, उम्र 19 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 40, सिविल लाइन, कसारीडीह, थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
- आकाश देशलहरा, उम्र 19 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 40, सिविल लाइन, कसारीडीह, थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
न्यायालय ने किन धाराओं में सुनाई सजा?
👉उपलब्ध सजा वारंट में निम्नलिखित धाराओं के अंतर्गत कारावास एवं अर्थदंड का उल्लेख है।
- धारा 191(2) BNS: 2 वर्ष का कारावास एवं ₹500 अर्थदंड।
- धारा 191(3) BNS: 3 वर्ष का कारावास एवं ₹500 अर्थदंड।
- धारा 103(1)/190 BNS: आजीवन कारावास एवं ₹500 अर्थदंड।
- धारा 61(2) BNS: आजीवन कारावास एवं ₹500 अर्थदंड।
- धारा 118(1) BNS: 3 वर्ष का कारावास एवं ₹500 अर्थदंड।
न्यायालय द्वारा उक्त सजाएं साथ-साथ चलाने तथा न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया गया है।
विवेचना और अभियोजन पक्ष की पैरवी की सराहना
👉प्रकरण के विवेचना अधिकारी निरीक्षक केशव राम कोसले द्वारा समयबद्ध एवं प्रभावी विवेचना करते हुए आवश्यक साक्ष्यों का संकलन कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान तथ्यों एवं साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए पैरवी की। इस मामले में सहायक जिला लोक अभियोजक (AGP) श्री संजय शुक्ल द्वारा की गई न्यायालयीन पैरवी भी महत्वपूर्ण रही। विवेचना एवं अभियोजन पक्ष के समन्वित प्रयासों के बाद माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई। प्रकरण में विवेचना की गुणवत्ता, समय पर साक्ष्यों की प्रस्तुति तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग द्वारा संबंधित पुलिस अधिकारी एवं अभियोजन पक्ष के अधिकारियों के योगदान की सराहना की गई।
दुर्ग पुलिस की आम नागरिकों से अपील
👉दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अपराधों की विवेचना एवं न्यायालयीन प्रक्रिया में पुलिस का सहयोग करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट: डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

