हड़ताल रही बेअसर: BSP में 100% से ज्यादा उपस्थिति, Wage Code को मिला कर्मियों का खुला समर्थन
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर भिलाई इस्पात संयंत्र में पूरी तरह बेअसर नजर आया।
- हड़ताल की घोषणा के बावजूद संयंत्र में कामकाज सामान्य से बेहतर स्थिति में रहा और कर्मचारियों की उपस्थिति 100 प्रतिशत से भी अधिक दर्ज की गई।
- यह स्थिति न केवल प्रबंधन के लिए राहतकारी रही, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कर्मियों के बीच वेज कोड को लेकर सकारात्मक समझ और समर्थन मौजूद है।
- आइए जानते है क्या थी प्रबंधन की तैयारियां और कैसा रहा माहौल ?👇
हड़ताल के मद्देनज़र बनी थी विशेष व्यवस्था!
👉12 फरवरी को संभावित हड़ताल को देखते हुए संयंत्र के बड़े और संवेदनशील विभागों—जैसे OHP, कोकोवन, ब्लास्ट फर्नेस सहित अन्य प्रमुख उत्पादन इकाइयों में विशेष तैयारियाँ की गई थीं।
👉प्रबंधन स्तर पर यह स्थिति बनाई गई थी कि 11 फरवरी की नाइट शिफ्ट में कार्यरत कर्मियों को 12 फरवरी की फर्स्ट शिफ्ट में भी रोका जा सकता है, ताकि उत्पादन पर किसी भी प्रकार का असर न पड़े।
👉हालांकि, फर्स्ट शिफ्ट में कर्मियों की उपस्थिति इतनी अधिक रही कि नाइट शिफ्ट के कर्मचारियों को रोकने की आवश्यकता ही नहीं पड़ी और उन्हें समय पर रिलीव कर दिया गया। यह स्थिति अपने आप में यह संकेत देती है कि हड़ताल का प्रभाव संयंत्र के नियमित कामकाज पर नहीं पड़ा।
👉इसी क्रम में प्रबंधन द्वारा कर्मियों के लिए खाने-पीने की समुचित व्यवस्था भी की गई थी, ताकि यदि किसी विभाग में कर्मचारियों को अतिरिक्त समय तक रुकना पड़े, तो उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह तैयारी संभावित हड़ताल के मद्देनज़र एहतियातन की गई थी।
उपस्थिति रही 100% से अधिक, प्रोडक्शन बढ़ने की उम्मीद!
👉अन्य सामान्य दिनों की तुलना में 12 फरवरी को कर्मचारियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रूप से अधिक रही। कई विभागों में अतिरिक्त कर्मियों की मौजूदगी देखी गई, जिसके चलते प्रोडक्शन सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
👉सूत्रों के अनुसार, संयंत्र के कई सेक्शन में कार्य सुचारु और बिना किसी बाधा के संचालित हुआ, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि हड़ताल का आह्वान जमीन पर असर नहीं दिखा।
Wage Code की समझ बनी हड़ताल विफल होने की बड़ी वजह!
👉इस पूरे घटनाक्रम को लेकर BSP Workers Union (BWU) के अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने कहा कि कर्मचारियों की 100 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि कर्मी केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जा रहे Wage Code के साथ खड़े हैं।
👉उनके अनुसार, कर्मचारी न केवल वेज कोड को समझ रहे हैं, बल्कि उसकी अच्छाइयों और दीर्घकालिक फायदों को भी महसूस कर रहे हैं।
👉उज्ज्वल दत्ता ने यह भी कहा कि यही कारण रहा कि हड़ताल की मांग करने वाले यूनियन पदाधिकारी या तथाकथित हड़ताली कर्मचारी भी ड्यूटी पर उपस्थित नजर आए। कर्मचारियों ने विरोध के बजाय काम को प्राथमिकता दी और संयंत्र के सामान्य संचालन को बनाए रखा।
BWU का दावा: वेज कोड से नियमित और ठेका कर्मियों दोनों को लाभ👌
👉BWU अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि वेज कोड केवल नियमित कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि ठेका श्रमिकों के लिए भी फायदेमंद साबित होने वाला है।
👉उनके अनुसार, वेज कोड के लागू होने से वेतन, अधिकार और कानूनी सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों में स्पष्टता आएगी, जिससे श्रमिकों को लंबे समय में सीधा लाभ मिलेगा।
👉उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारी अब यह समझने लगे हैं कि वेज कोड श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर नहीं करता, बल्कि उन्हें अधिक संगठित और मजबूत बनाता है। यही वजह है कि हड़ताल के आह्वान के बावजूद कर्मचारियों ने काम पर उपस्थित होकर अपना पक्ष स्पष्ट किया।
प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नीति का परिणाम: BWU
👉BWU की ओर से यह भी कहा गया कि वेज कोड प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी नीतियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य श्रम व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और श्रमिक-हितैषी बनाना है।
👉यूनियन का मानना है कि इस कानून से आने वाले समय में न केवल औद्योगिक शांति बनी रहेगी, बल्कि उत्पादन और कार्यसंस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
हड़ताल बनाम काम: कर्मियों ने चुना काम का रास्ता💪
👉12 फरवरी का दिन भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए यह स्पष्ट संदेश लेकर आया कि कर्मचारियों ने हड़ताल के बजाय काम को प्राथमिकता दी।
👉जहां हड़ताल को लेकर आशंकाएँ जताई जा रही थीं, वहीं वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल उलट रही और संयंत्र में गतिविधियाँ सामान्य से बेहतर ढंग से संचालित होती रहीं।
निष्कर्ष!
👉कुल मिलाकर 12 फरवरी की हड़ताल भिलाई इस्पात संयंत्र में पूरी तरह बेअसर रही। कर्मचारियों की रिकॉर्ड उपस्थिति, सुचारु उत्पादन और वेज कोड के प्रति समर्थन ने यह स्पष्ट कर दिया कि श्रमिकों का एक बड़ा वर्ग विरोध के बजाय सकारात्मक बदलाव के साथ खड़ा है।
👉BWU के अनुसार, यह दिन आने वाले समय में श्रम संबंधों और औद्योगिक माहौल के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है।
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

