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8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबर! लेकिन SAIL कर्मचारियों पर क्या असर? पूरी कहानी आसान भाषा में समझिए

8th Pay Commission

– DIGITAL BHILAI NEWS – 

  • सरकार ने आखिरकार वो कदम उठा लिया जिसका इंतज़ार लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को था!
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8th Pay Commission के Terms of Reference (ToR) यानी “काम की गाइडलाइन” को मंज़ूरी दे दी है।
  • इसका मतलब —आयोग अब वेतन, भत्तों और पेंशन में बदलावों पर आधिकारिक रूप से काम शुरू करेगा।
  • ये खबर इतनी बड़ी क्यों है? – क्योंकि इससे तय होगा कि आने वाले सालों में केंद्रीय कर्मियों का वेतन, पेंशन और भत्ते कैसे बदलेंगे!
  • लेकिन सबसे बड़ा सवाल—क्या इसका असर SAIL (स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड) के कर्मचारियों पर भी पड़ेगा?
  • आइए, पूरी बात शुरू से और विस्तार समझते हैं…👇

8th Pay Commission

8th Pay Commission क्या है?

👉सरल शब्दों में—केंद्रीय कर्मचारी जो सैलरी/भत्ते सरकार से लेते हैं, उनकी आय का मूल्य समय के साथ बदलती जरूरतों (महंगाई, अर्थव्यवस्था, जीवन स्तर) के अनुसार बढ़ाई-घटाई जाए — यही तय करने के लिए सरकार Pay Commission बनाती है।

👉भारत में अब तक सात (7) वेतन आयोग बन चुके हैं। 7th CPC की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। अब बारी है 8th CPC की।

✅ 7th Pay Commission — महत्वपूर्ण तथ्य (FACT BOX)

  • भारत में वेतन आयोग की शुरुआत:
    पहला वेतन आयोग मई 1946 में गठित किया गया था।
  • कुल कितने केंद्रीय वेतन आयोग?
    अब तक भारत में 7 Central Pay Commissions बन चुके हैं।
  • 7th CPC कब बनाया गया?
    7th Central Pay Commission का गठन 28 फरवरी 2014 को हुआ।
  • यह किस सरकार द्वारा गठित किया गया?
    इसे मनमोहन सिंह (UPA) सरकार के समय गठित किया गया।
  • 7th CPC का चेयरमैन कौन था?
    इसके चेयरमैन थे — न्यायमूर्ति (Retd.) अशोक कुमार माथुर
  • 7th CPC ने रिपोर्ट कब जमा की?
    रिपोर्ट 19 नवंबर 2015 को प्रस्तुत की गई।
  • 7th CPC कब से लागू हुआ?
    इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुईं।
  • कितने वर्षों के लिए लागू माना जाता है?
    एक वेतन आयोग सामान्यतः लगभग 10 वर्षों का आधार बनता है —
    इस तरह 7th CPC की अवधि (सैद्धांतिक रूप से) 2016–2025 मानी जाती है।
  • किन पर लागू?
    केंद्र सरकार के कर्मचारी एवं पेंशनर्स पर लागू।

केंद्रीय कर्मचारी कौन-कौन?

👉सभी सरकारी लोग केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं होते।
केंद्रीय कर्मचारी वो होते हैं:

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  • जो सीधे भारत सरकार के मंत्रालय/विभागों में काम करते हैं

  • सैलरी सरकार देती है

  • नौकरी की व्यवस्था केंद्रीय सेवा नियमों के तहत

👉जैसे—IAS/IPS, Income Tax, Customs, Railways, Post Office, Central Secretariat आदि।

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👉SAIL के कर्मचारी इस श्रेणी में नहीं आते — यह बात आगे काम की है।


Terms of Reference (ToR) क्या होता है?

👉सिंपल भाषा में समझिये  —ToR वह “काम की सूची” है कि आयोग को किन-किन विषयों पर अध्ययन और सुझाव देना है। ToR मंज़ूर होने के बाद ही कोई आयोग आधिकारिक रूप से काम शुरू करता है।

8th CPC को ToR में क्या-क्या करना है?

  • वेतन संरचना की समीक्षा

  • भत्तों (DA, HRA आदि) का मूल्यांकन

  • पेंशन व सेवानिवृत्त लाभों का पुनरीक्षण

  • कामकाजी परिस्थितियों का अध्ययन

  • देश की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण

  • राज्य सरकारों पर संभावित प्रभाव

  • गैर-योगदान (non-contributory) पेंशन योजनाओं की लागत

👉 यानी अब 8th CPC अपने अध्ययन और सिफारिशों की तैयारी शुरू करेगा। कमेटी को 18 महीनों में रिपोर्ट जमा करनी है।

👉सरकार के अनुसार—सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं (हालांकि यह अंतिम तिथि रिपोर्ट आने पर ही तय होगी)


SAIL कर्मचारी 8th Pay Commission के दायरे में आते हैं?

👉सीधा जवाब—❌ नहीं। क्योंकि SAIL, केंद्र सरकार का विभाग नहीं है, बल्कि एक सरकारी कंपनी (PSU/CPSE) है।

👉इसलिए 8th Pay Commission की सिफारिशें सीधे SAIL कर्मचारियों पर लागू नहीं होतीं।

👉पर कहानी यहीं खत्म नहीं होती… आगे जानिए क्यों SAIL कर्मचारियों में इसकी सुगबुगाहट तेज हो गयी हैं 👇


PSU / CPSE क्या होता है? (बेहद आसान भाषा में)

भारत में दो तरह के सरकारी ढाँचे होते हैं:

1) Central Govt Departments –  मंत्रालय/सरकारी दफ्तर – इनका वेतन Pay Commission (CPC) द्वारा तय…

2) Public Sector Companies (PSU/CPSE) – सरकार की OWNERSHIP वाली कंपनियाँ इंडस्ट्री चलाती हैं

जैसे: SAIL, NTPC, ONGC, BHEL, GAIL, IOC

👉 इनका वेतन  – PRC / Wage Agreement द्वारा तय।


CPSE की Category?

CPSE को तीन रैंक दिए जाते हैं:

Category Example
Maharatna SAIL, NTPC, ONGC
Navratna BEL, CONCOR
Miniratna IRCTC, NBCC

👉 SAIL = Maharatna CPSE (यानी बहुत बड़ी सरकारी कंपनी)


SAIL कर्मचारियों की Categories

SAIL में कर्मचारियों को दो मुख्य हिस्सों में बांटा जाता है—

✅ (1) Non-Unionised — Officers/Executives/सुपरवाइजर

  • जैसे AGM / DGM / GM आदि ऑफिसर्स (EXECUTIVES)….

  • इनका वेतन तय होता है: ➡ PRC (Pay Revision Commission) द्वारा – PRC → इन पर लागू होती है।


✅ (2) Unionised — Workmen / Technical Staff

  • Operator

  • Fitter

  • Electrician

  • Technician

  • Attendant

👉इनका वेतन तय होता है: ➡ Wage Settlement (Union + Management) – PRC का असर इन पर indirect होता है


PRC क्या है? और यह कैसे काम करता है?

👉केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी CPC (पे कमिशन) से तय होती है। जबकि PSU/CPSE कर्मचारियों का वेतन तय होता है PRC (Pay Revision Commission) से।

👉जैसे: 7th CPC के आधार पर → CPSE के लिए 3rd PRC बनी थी

👉इसी सरकारी हिसाब से —8th CPC आने के बाद→ अगली PRC भी बनेगी→ जिसका असर PSU (SAIL) पर पड़ेगा

👉इसलिए SAIL कर्मचारियों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

👉8th CPC = 4th PRC का रास्ता →और 4th PRC = SAIL कर्मचारियों को संभावित लाभ


तो SAIL कर्मचारियों को क्या लाभ मिल सकता है?

📌 Officers (Non-Unionised) → सबसे पहले PRC से लाभ → वेतन/भत्तों में वृद्धि की संभावनाएँ

📌 Workmen (Unionised)→ Wage Settlement→ PRC का indirect असर


⚠️ SAIL कर्मचारियों की नाराज़गी — वेतन समझौते पर असंतोष

SAIL के यूनियनाइज्ड वर्कर्स (Workmen Category) के बीच वेतन समझौते को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
उनका वेतन NJCS (National Joint Committee for Steel) के माध्यम से तय होता है,
लेकिन कर्मचारियों का 2017 से वेतन समझौता अभी तक पूरा नहीं हो पाया है — जबकि लगभग 9 वर्ष बीत चुके हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि NJCS उनकी मांगों को समयबद्ध रूप से आगे नहीं बढ़ा पा रहा।
इसके चलते वर्कमैन कैडर के लोग स्वयं को पीछे महसूस कर रहे हैं।

कुछ SAIL कर्मचारी तो अपनी मांगों के लिए न्यायालय का सहारा ले चुके हैं,
हालाँकि न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति उनके लिए चिंता का विषय है।

इसके उलट, SAIL के Officers/Executives को 3rd PRC के अनुसार वेतन संशोधन, भत्ते एवं perks का लाभ मिल चुका है, जिससे दोनों वर्गों के बीच असमानता महसूस की जा रही है।

SAIL कर्मचारियों का कहना है —
“भविष्य में PSU कर्मचारियों का वेतन निर्धारण भी
एक स्वतंत्र एवं पारदर्शी आयोग (CPC/PRC जैसी व्यवस्था) के तहत हो,
ताकि समय पर सुधार और समानता सुनिश्चित हो सके।”

कर्मचारी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से यह आग्रह भी करते हैं कि PSU Workmen को NJCS जैसी धीमी एवं अप्रभावी व्यवस्था से बाहर निकालकर सिस्टमेटिक एवं पारदर्शी आयोग के अंतर्गत लाया जाए।


निष्कर्ष

👉8th Pay Commission का ToR पास हो जाना केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है।

👉SAIL कर्मचारियों पर इसका प्रभाव सीधा तो नहीं लेकिन अप्रत्यक्ष और महत्वपूर्ण हो सकता है।

👉क्योंकि—
जैसे 7th CPC → 3rd PRC बना
वैसे 8th CPC → अगली PRC बन सकती है।

👉इसी उम्मीद से SAIL कर्मचारी बेहतर वेतन सुधार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़ 

2 thoughts on “8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबर! लेकिन SAIL कर्मचारियों पर क्या असर? पूरी कहानी आसान भाषा में समझिए

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